Sunday, 9 January 2022

संसद और उसके सदस्यों के विशेषाधिकारों और उन्मुक्तियों की व्याख्या करें।

संसद और उसके सदस्यों के विशेषाधिकारों और उन्मुक्तियों की व्याख्या करें

संसदीय विशेषाधिकार एवं उन्मुक्तियाँ

भारतीय संसद एवं उसके सदस्यों (सांसदों) को निम्नलिखित विशेषाधिकार एवं उन्मुक्तियाँ प्राप्त है।

  1. संसद सदस्यों को संसद में भाषण देने की स्वतंत्रता प्राप्त है।
  2. संसद‌ में या उसकी किसी समिति में संसद‌ के किसी सदस्य द्वारा कही गई किसी बात या दिए गए किसी मत के संबंध में उसके विरूद्ध किसी न्यायालय में कोई कार्यवाही नहीं की जाएगी और किसी व्यक्ति के विरूद्ध संसद‌ के किसी सदन के प्राधिकार द्वारा या उसके अधीन किसी प्रतिवेदन, पत्र, मतों या कार्यवाहियों के प्रकाशन के संबंध में इस प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं की जाएगी।
  3. संसद का सत्र आरम्भ होने से 40 दिन पूर्व तथा कार्यवाही बंद होने के 40 दिन बाद तक बंदी नहीं बनाया जा सकता है। यहाँ याद रखने वाली बात है कि यह अधिकार केवल नागरिक (civil) मुकदमों में लागू होता है, आपराधिक तथा प्रतिबंधात्मक निषेध मामलों में नहीं।

सम्बंधित प्रश्न :

  1. क्या भारतीय संसद संप्रभु है समझाइए
  2. संसद की अवमानना से आप क्या समझते हैं?
  3. संसद की समिति पद्धति पर टिप्पणी कीजिए।
  4. लोकसभा का गठन एवं शक्तियों एवं लोकसभा के कार्यकाल की विवेचना कीजिए।
  5. लोकसभा अध्यक्ष के कार्य एवं अधिकार संक्षेप में बतायें।
  6. राज्यसभा के मुख्य पदाधिकारी कौन कौन होते हैं?
  7. राज्य सभा के गैर संघीय तत्वों पर टिप्पणी कीजिए।
  8. संघीय व्यवस्था के परिप्रेक्ष्य में राज्य सभा की प्रासंगिकता समझाइये।
  9. भारत के राष्ट्रपति की निर्वाचन प्रक्रिया का वर्णन कीजिए।
  10. उपराष्ट्रपति के कार्य एवं शक्तियों का वर्णन कीजिए।
  11. राष्ट्रपति पर महाभियोग लगाने की प्रक्रिया का वर्णन कीजिए।
  12. अनुच्छेद 352 का वर्णन कीजिये तथा इसके प्रावधानों का उल्लेख कीजिये।
  13. मंत्रिपरिषद में प्रधानमंत्री की विशिष्ट स्थिति पर टिप्पणी कीजिए।
  14. भारत में प्रधानमन्त्री के शक्तियों में वृद्धि के कारणों का उल्लेख कीजिए। 
  15. राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के बीच संबंध पर चर्चा करें
  16. प्रधानमंत्री वास्तविक कार्यपालक के रूप में टिप्पणी लिखिए।


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