Sunday, 9 January 2022

क्या भारतीय संसद संप्रभु है समझाइए

क्या भारतीय संसद संप्रभु है समझाइए

संप्रभु का अर्थ होता है सर्वप्रधान सत्ताधारी, चूंकि भारतीय संसद भारत के संविधान के अधीन आती है। इसलिए भारतीय संसद को ब्रिटिश संसद की भांति संप्रभु नहीं माना जा सकता है। भारतीय संसद देश का सर्वोच्च कानून निर्माण निकाय है और उसे संघ सूची, समवर्ती सूची तथा अवशिष्ट विषयों पर कानून बनाने की व्यापक शक्तियाँ प्राप्त हैं, किन्तु फिर भी भारतीय संसद को इंग्लैण्ड की संसद के समान प्रभुत्व संपन्न विधायिका नहीं कहा जा सकता क्योंकि भारतीय संसद अनेक नियंत्रणों एवं मर्यादाओं के बीच कार्य करती है।

संसद राज्य सूची के विषयों पर उसी स्थितियों में कानून बना सकती है जब देश में आपातकाल लागू हो अथवा राज्य सभा अपने दो तिहाई बहुमत से राज्य सूची के विषय को राष्ट्रीय महत्व का घोषित कर दे। इसके साथ ही संसद द्वारा बनाई गई विधियाँ राष्ट्रपति के 'विलंबकारी विषेधाधिकार' के अधीन हैं तथा सर्वोच्च न्यायालय द्वारा उनकी न्यायिक समीक्षा भी की जा सकती है। 

सम्बंधित प्रश्न :

  1. संसद की अवमानना से आप क्या समझते हैं?
  2. संसद और उसके सदस्यों के विशेषाधिकारों और उन्मुक्तियों की व्याख्या करें।
  3. अधीनस्थ विधायन क्या है ? अधीनस्थ-प्रत्यायोजित विधायन से आप क्या समझते हैं ?
  4. क्या भारतीय राष्ट्रपति 'रबर स्टैम्प' है ? पुष्टि कीजिए।
  5. लोकसभा का गठन एवं शक्तियों एवं लोकसभा के कार्यकाल की विवेचना कीजिए।
  6. राज्यसभा के मुख्य पदाधिकारी कौन कौन होते हैं?
  7. राज्य सभा के गैर संघीय तत्वों पर टिप्पणी कीजिए।
  8. संघीय व्यवस्था के परिप्रेक्ष्य में राज्य सभा की प्रासंगिकता समझाइये।
  9. संसद की समिति पद्धति पर टिप्पणी कीजिए।
  10. लोकसभा अध्यक्ष के कार्य एवं अधिकार संक्षेप में बतायें।
  11. धन विधेयक और वित्त विधेयक में क्या अंतर है? स्पष्ट कीजिए।
  12. वित्त विधेयक के सम्बन्ध में लोकसभा के क्या विशेषाधिकार हैं?
  13. भारत के राष्ट्रपति की निर्वाचन प्रक्रिया का वर्णन कीजिए।
  14. उपराष्ट्रपति के कार्य एवं शक्तियों का वर्णन कीजिए।
  15. राष्ट्रपति पर महाभियोग लगाने की प्रक्रिया का वर्णन कीजिए।

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