Tuesday, 27 September 2022

कहाँ राजा भोज कहाँ गंगू तेली मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग

कहाँ राजा भोज कहाँ गंगू तेली मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग

कहाँ राजा भोज कहाँ गंगू तेली मुहावरे का अर्थ

कहाँ राजा भोज कहाँ गंगू तेली मुहावरे का अर्थ होता है – दो व्यक्तियों की स्थिति में काफी अंतर होना; अत्यधिक अन्तर होना; आकाश-पाताल का अन्तर होना; उच्च और साधारण की तुलना नहीं।

कहाँ राजा भोज कहाँ गंगू तेली मुहावरे का वाक्य प्रयोग

वाक्य प्रयोग – बृहस्पति तो एक धनी बाप का पुत्र है और तुम एक मजदूर के बेटे हो, उसकी बराबरी कैसे करोगे? कहाँ राजा भोज कहाँ गंगू तेली। 

वाक्य प्रयोग – डॉ. राजेन्द्र जो कि एक बड़े लेखक और कवि हैं उनकी तुलना तुम प्रभुदयाल जैसे एक अयोग्य व्यक्ति से कर कहाँ राजा भोज कहाँ गंगू तेली वाली कहावत चरितार्थ कर रहे हो।

वाक्य प्रयोग – रमेश के पिता एक करोड़पति व्यवसायी हैं और तुम्हारे पिता दैनिक वेतन भोगी मजदूर। तुम रमेश से मित्रता की बात अपने दिमाग से निकाल दो क्योंकि कहाँ राजा भोज कहाँ गंगू तेली।

वाक्य प्रयोग – जब करोड़पति कारन ने एक गरीब लड़की सुमन के सामने शादी का प्रस्ताव रखा तो वह अवाक रह गई और कहा मेरा और तुम्हारा विवाह संबंध नहीं हो सकता क्योंकि कहां राजा भोज कहां गंगू तेली।

वाक्य प्रयोग – कहाँ आप अपनी झोपड़ी की तुलना पांडे जी के आलिशान बंगले से कर रहे हैं। ये तो  कहाँ राजा भोज कहाँ गंगू तेली वाली बात हो गयी।

कहाँ राजा भोज कहाँ गंगू तेली एक प्रसिद्ध लोकोक्ति या हिन्दी मुहावरा है जिसका का अर्थ है – दो व्यक्तियों की स्थिति में काफी अंतर होना; अत्यधिक अन्तर होना; आकाश-पाताल का अन्तर होना; उच्च और साधारण की तुलना नहीं। एक बार गांगेय और तैलंग ने मिल कर राजा भोज की नगरी धार पर आक्रमण किया, मगर उन दोनों को राजा भोज के पराक्रम के आगे घुटने टेकने पड़े। इस लड़ाई के बाद धार के लोगों ने गांगेय और तैलंग की हंसी उड़ाते हुए कहा कि 'कहां राजा भोज, कहां गंगू तेली।' तभी से ये कहावत आज भी आम बोलचाल में इस्तेमाल की जाती है।

एक तो करेला दूसरा नीम चढ़ा लोकोक्ति का अर्थ और वाक्य प्रयोग

एक तो करेला दूसरा नीम चढ़ा लोकोक्ति का अर्थ और वाक्य प्रयोग

एक तो करेला दूसरा नीम चढ़ा लोकोक्ति का अर्थ

एक तो करेला दूसरा नीम चढ़ा लोकोक्ति का अर्थ होता है – एक के साथ दूसरा दोष; स्वाभाविक दोष का और बढ़ जाना; एक साथ दो अवगुण; दुष्ट प्रवृत्ति के मनुष्य का कुसंगति में पड़ना। 

एक तो करेला दूसरा नीम चढ़ा लोकोक्ति का वाक्य में प्रयोग

वाक्य प्रयोग- सुरेश अपने दुष्ट स्वाभाव के कारण परिवार में सदैव उपेक्षा का पात्र बना रहता है ऐसे में रमेश जैसे नक्सली का साथ उसे समाज में भी उपेक्षित बना देता है। उसकी दशा एक तो करेला कडुवा दूसरे नीम चढ़ा वाली हो गई है।

वाक्य प्रयोग- पाकिस्तान आतंकवादी गतिविधियों में संलिप्तता के कारण वैश्विक पटल पर सदैव अवहेलना का पात्र बना रहता है। ऐसे में उसने अपनी व्यवस्था में सुधार करने के लिए तालिबानियों के साथ सम्बन्ध स्थापित कर लिया है जो एक तो करेला दूजे नीम चढ़ा कहावत को चरितार्थ करता है।

वाक्य प्रयोग- भारतीयों में एक जातीय कट्टरता है दूसरे अंधविश्वासी हैं। एक तो करेला और दूसरा नीम चढ़ा, अतः व्यवस्था में परिवर्तन बहुत कठिन है। 

वाक्य प्रयोग- नवीन जुआ तो पहले से ही खेलता था अब शराब भी पीने लगा। यह तो वही बात हुई–एक तो करेला, दूसरा नीम चढ़ा।

एक तो करेला दूसरा नीम चढ़ा एक प्रसिद्ध लोकोक्ति या हिन्दी मुहावरा है जिसका का अर्थ है – एक के साथ दूसरा दोष; स्वाभाविक दोष का और बढ़ जाना; एक साथ दो अवगुण; दुष्ट प्रवृत्ति के मनुष्य का कुसंगति में पड़ना। मान लीजिये कोई व्यक्ति पहले बुरा है परन्तु यदि उसकी बुराइयां और भी अधिक बढ़ जाएँ तो उसके लिए इस मुहावरे का प्रयोग किया जाता है।

घर फूंक तमाशा देखना मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग

घर फूंक तमाशा देखना मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग

घर फूंक तमाशा देखना मुहावरे का अर्थ

घर फूंक तमाशा देखना मुहावरे का अर्थ- झूठी शान के लिए घर लुटाना; अपना नुकसान करके मौज उड़ाना; अपना नाश करके मस्ती में रहना। 

घर फूंक तमाशा देखना मुहावरे का वाक्य प्रयोग

वाक्य प्रयोग- दहेज की कुप्रथा के कारण लड़की वालों को घर फूंक तमाशा देखना ही पड़ता है। 

वाक्य प्रयोग- पाकिस्तान की वर्तमान नीतियों के कारण वहाँ अराजकता का वातावरण व्याप्त होता जा रहा है जिससे प्रत्येक व्यक्ति में हिंसा की प्रवृत्ति बढ़ रही है किन्तु पाक सत्ता-प्रतिष्ठान अपने सुख सुविधायों में ही व्यस्त है। पाक की यह नीति घर फंक तमाशा देखने वाली हो गयी है।

वाक्य प्रयोग- अमेरिका अपना घर फूंक तमाशा देखने वाले देशों में से नहीं, इसीलिए वह दूसरे देशों को युद्ध  मैदान बनाता है। 

वाक्य प्रयोग- उस मूर्ख को देखो, कैसे घर फूंककर तमाशा देख रहा है और चापलूस फायदा उठा रहे हैं। 

वाक्य प्रयोग- जुआ और शराब की बुरी आदत के चलते पीयूष घर फूंक तमाशा बनाये हुए है। 

वाक्य प्रयोग- जो व्यक्ति अपना घर फूंक तमाशा देखते हैं उनका भविष्य अंधकारमय हो जाता है इसीलिए अपने घर को फूंककर तमाशा देखने वाले किसी की सहानुभूति अर्जित नहीं कर सकते।

घर फूंक तमाशा देखना एक प्रसिद्ध लोकोक्ति या हिन्दी मुहावरा है जिसका का अर्थ है – झूठी शान के लिए घर लुटाना; अपना नुकसान करके मौज उड़ाना; अपना नाश करके मस्ती में रहना। जब कोई व्यक्ति अपने मजे या शौक को पूरा करने के लिए घर की संपत्ति या धन को नष्ट करता है तो इस मुहावरे का प्रयोग किया जाता है।

धोबी का कुत्ता घर का न घाट का मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग

धोबी का कुत्ता घर का न घाट का मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग

धोबी का कुत्ता घर का न घाट का मुहावरे का अर्थ 

धोबी का कुत्ता घर का न घाट का मुहावरे का अर्थ होता है – जिसका कोई ठिकाना न हो; ना इधर का ना उधर का; कहीं का भी न रहना; किसी काम का न होना। 

धोबी का कुत्ता घर का न घाट का मुहावरे का वाक्य में प्रयोग

वाक्य प्रयोग - मैं जल्दबाजी में पुरानी नौकरी से इस्तीफ़ा दे आया और नई नौकरी मिली नहीं। मेरी दशा तो ऐसी हो गई है-धोबी का कुत्ता घर कान घाट का। 

वाक्य प्रयोग - कर्ज के कारण रामू ने अपना खेत बेच दिया। कुछ दिन बाद उसका घर भी नीलाम हो गया। उसका सब कुछ बर्बाद हो गया। अब उसकी स्थिति 'धोबी का कुत्ता घर का न घाट का' वाली हो गई है।

वाक्य प्रयोग - बेटा पढाई कर लिया करो क्योंकि यदि तुम्हारी नौकरी नहीं लगी तो मेरे पास इतने पैसे नहीं कि तुम्हे व्यापार करा सकूँ। फिर तुम्हारी हालत धोबी का कुत्ता घर कान घाट का वाली हो जाएगी। 

वाक्य प्रयोग - सुनीता अपने पति को छोड़कर भाग गयी, और उसके प्रेमी ने भी उसे भगा दिया। अब उसकी स्थिति 'धोबी का कुत्ता घर का न घाट का' वाली हो गई है।

वाक्य प्रयोग - रमेश ने बहकावे में आकर अपना घर बेच दिया और नया घर भी न ले पाया। उसकी जिंदगी तो 'धोबी का कुत्ता घर का न घाट का' वाली हो गई है।

वाक्य प्रयोग - महेश की जिंदगी का तो वही हाल है कि धोबी का कुत्ता घर का न घाट का। बेचारा जाए तो जाए कहाँ?

धोबी का कुत्ता घर का न घाट का एक प्रसिद्ध लोकोक्ति या हिन्दी मुहावरा है जिसका का अर्थ है – जिसका कोई ठिकाना न हो; ना इधर का ना उधर का; कहीं का भी न रहना; किसी काम का न होना। जब कोई व्यक्ति न इधर का रह जाता है न उधर का अर्थात उसके पास ठिकाना नहीं होता तो उसके लिए इस मुहावरे का प्रयोग किया जाता है।

सब्जबाग दिखाना मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग

सब्जबाग दिखाना मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग

सब्जबाग दिखाना मुहावरे का अर्थ 

सब्जबाग दिखाना मुहावरे का अर्थ होता है – झूठे प्रलोभन देना; झूठी दिलासा; लालच देकर बहकाना; झूठ बोलकर झांसा देना;  झूठी आशा देना। 

सब्जबाग दिखाना मुहावरे का वाक्य प्रयोग

वाक्य प्रयोग - चुनाव से पहले नेता जनता को झूठ-मूठ के आश्वासन देते हैं, लेकिन चुनाव के बाद ये आश्वासन निराधार साबित हो जाते हैं। ये तो जनता को सब्जबाग दिखाना हुआ।

वाक्य प्रयोग - तुम शर्मा जी की झूठी बातों में न ही आओ, वह तो सभी को सब्जबाग दिखाकर लोगों के पैसे ठगने में माहिर हैं। 

वाक्य प्रयोग - चिटफंड कम्पनियाँ जल्दी अमीर बनाने का सब्जबाग दिखाकर अक्सर लोगो के पैसे ठग लेती हैं।

वाक्य प्रयोग - राजनीतिक पार्टियां नौजवान छात्रों को सरकारी नौकरी का सब्जबाग दिखाकर अपनी पार्टी के लिए वोट इकठ्ठा करती हैं।

वाक्य प्रयोग - भू-माफिया जनता को सस्ती जमीन का सब्जबाग दिखाकर अवैध जमीन बेच डालते हैं। 

सब्जबाग दिखाना एक प्रसिद्ध लोकोक्ति या हिन्दी मुहावरा है जिसका का अर्थ है – झूठे प्रलोभन देना; झूठी दिलासा; लालच देकर बहकाना; झूठ बोलकर झांसा देना;  झूठी आशा देना। जब एक व्यक्ति झूठ बोलकर पने फायदे के लिए किसी को अपने झांसे में लेता है तो इस मुहावरे का प्रयोग किया जाता है।

अंगारे उगलना मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग

अंगारे उगलना मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग

अंगारे उगलना मुहावरे का अर्थ 

अंगारे उगलना मुहावरे का अर्थ होता है – कड़वी बातें कहना; जली-कटी सुनाना; गुस्से में भला-बुरा कहना; क्रोध में कठोर वचन कहना; क्रोध में लाल-पीला होना; क्रोध करना। 

अंगारे उगलना मुहावरे का वाक्य प्रयोग

वाक्य प्रयोग - गरीब किसान को देखते ही ज़मींदार अंगारे उगलने लगा। 

वाक्य प्रयोग - अभिमन्यु की मृत्यु से आहत अर्जुन कौरवों पर अंगारे उगलने लगा। 

वाक्य प्रयोग - श्रीकृष्ण का नाम सुनते ही शिशुपाल अंगारे उगलने लगा। 

वाक्य प्रयोग - सुनील के चोरी करने की बात जानने पर उसके पिता जी अंगारे उगलने लगे। 

वाक्य प्रयोग - अपने विषय में अनर्गल वार्ता सुनकर वह अंगारे उगलने लगा।

वाक्य प्रयोग - विमला देवी तो हमेशा अपनी बहू के लिए अंगारे ही उगलती रहती है।

अंगारे उगलना एक प्रसिद्ध लोकोक्ति या हिन्दी मुहावरा है जिसका का अर्थ है – कड़वी बातें कहना; जली-कटी सुनाना; गुस्से में भला-बुरा कहना; क्रोध में कठोर वचन कहना; क्रोध में लाल-पीला होना; क्रोध करना। जब किसी व्यक्ति को किसी पर इतना अधिक क्रोध आता है कि क्रोधवश वह जला-कटा या उल्टा-सीधा कहने लगता है तो इस मुहावरे का प्रयोग किया जाता है।

Monday, 26 September 2022

नीरस का विलोम शब्द संस्कृत में

नीरस का विलोम शब्द संस्कृत में

नीरस का विलोम शब्द संस्कृत में

नीरस का विलोम शब्द संस्कृत में: नीरस का अर्थ होता है- रसहीन; फीका या जो मन को आनंदित न करता हो। संस्कृत भाषा में नीरस का विलोम शब्द सरसः होता है। सरसः का हिंदी अर्थ होता है रसीला, रसयुक्त, हरा-भरा; उर्वर; लहलहाता हुआ; जो सूखा न हो। नीरस का विग्रह होता है, निर्गत: रस: यस्यात स: अर्थात जिस चीज या बात या घटना में से रस निकल चुका है। इस प्रकार सरस का अर्थ है रस से परिपूर्ण। 

नीरस का अर्थ इन हिंदी 

  1. रसहीन।
  2. फीका।
  3. जो मन को आनंदित न करता हो 
  4. बेस्वाद 
(1) निज कवित्त केहि लाग न नीका, सरस होहु अथवा अति फीका॥ 
भावार्थ- रसीली हो या अत्यन्त फीकी, अपनी कविता किसे अच्छी नहीं लगती? 

(2) सरस काव्य रचना करौं खलजन सुनि न हसंत । जैसे सिंधुर देखि मग, स्वान सुभाव भुसंत॥ 
भावार्थ- मैं सरस काव्य की रचना कर रहा हूँ। इस रचना को सुनकर दुष्ट लोग तो वैसे ही हँसेंगे जैसे हाथी को देखकर कुत्ते स्वभाव से ही भौंकने लगते हैं।
पत्थर की लकीर होना मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग

पत्थर की लकीर होना मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग

पत्थर की लकीर होना मुहावरे का अर्थ

पत्थर की लकीर होना मुहावरे का अर्थ — अमिट या स्थायी बात; पक्की बात; न मिटने वाली चीज़; मज़बूत; दृढ़ होना; निश्चित।

पत्थर की लकीर होना मुहावरे का वाक्य प्रयोग

वाक्य प्रयोग: मेरे बड़े भाई के वचन मेरे लिए पत्थर की लकीर हैं। 

वाक्य प्रयोग: रेखा की बात पत्थर की लकीर है वह जो कहती है वही करती है।

वाक्य प्रयोग: अमन अपने पिता जी की हर बात को पत्थर की लकीर समझकर पालन करता है।

वाक्य प्रयोग:  भगवान राम ने सुग्रीव से कहा मेरे वचन पत्थर की लकीर हैं, मैं बाली के विरुद्ध तुम्हारी सहायता अवश्य करूँगा। 

वाक्य प्रयोग: पंडित जी की बात पत्थर की लकीर है, उनका कहा कभी झूठ नहीं जाता। 

वाक्य प्रयोग: मेरा वचन पत्थर की लकीर है, यदि एक हफ्ते में पैसे ना मिले तो तुम्हारी गिरवी रखी जमीन बेच दूंगा।

यहाँ हमने पत्थर की लकीर होना मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग का उदहारण देकर समझाया है। पत्थर की लकीर होना मुहावरे का अर्थ होता है — अमिट या स्थायी बात; पक्की बात; न मिटने वाली चीज़; मज़बूत; दृढ़ होना; निश्चित।

पौ बारह होना मुहावरे का अर्थ और वाक्य

पौ बारह होना मुहावरे का अर्थ और वाक्य

पौ बारह होना मुहावरे का अर्थ

पौ बारह होना मुहावरे का अर्थ — अत्यधिक लाभ होना; खूब फायदा होना; खूब मौज़ होना; खूब लाभ होना; हर तरफ से लाभ होना।

पौ बारह होना मुहावरे का वाक्य प्रयोग

वाक्य: पिछले विधान सभा चुनाव के दौरान पुलिस प्रशासन की व्यस्तता के कारण रात्रिकालीन गश्ती में काफी कमी देखने को मिली। इस दौरान चोर-लुटेरों के पौ-बारह हो गए।

वाक्य: दिवाली के दिनों में तो मिठाईवालों की पौ बारह होती है। 

वाक्य: जब से मनीष के चाचाजी विधायक बने हैं, मनीष की तो पौ बारह हो गयी है। 

वाक्य: सुरजीत के बेटे के जन्म के बाद से उसके पौ बारह हो गए।

वाक्य: आजकल सरकारी तो सरकारी, प्राइवेट नौकरी में भी पौ बारह है। 

वाक्य: नरेश का बेटा विदेश से पैसों की गड्डियां भेजता है अब तो उनकी तो पौ बारह हो गयी है। 

यहाँ हमने पौ बारह होना मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग का उदहारण देकर समझाया है। पौ बारह होना मुहावरे का अर्थ होता है — अत्यधिक लाभ होना; खूब फायदा होना; खूब मौज़ होना; खूब लाभ होना; हर तरफ से लाभ होना। जब किसी व्यक्ति की किस्मत उस पर इतना मेहरबान होती है कि उसको हर तरफ से फायदा होता है तो इस मुहावरे का प्रयोग किया जाता है।

अक्ल पर पत्थर पड़ना मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग

अक्ल पर पत्थर पड़ना मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग

अक्ल पर पत्थर पड़ना मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग

अक्ल पर पत्थर पड़ना मुहावरे का अर्थ

अक्ल पर पत्थर पड़ना मुहावरे का अर्थ - बुद्धि भ्रष्ट होना, बुद्धि काम न करना; कुछ समझ में न आना; बुद्धि खराब होना। 

अक्ल पर पत्थर पड़ना मुहावरे का वाक्य प्रयोग

(1) पिता ने पुत्र का रिपोर्ट कार्ड देखकर कहा कि क्या तुम्हारी अक्ल पर पत्थर पड़ गया था कि अंकगणित में केवल चालीस अंक मिले। 

(2) विद्वान एवं वीर होकर भी रावण की अक्ल पर पत्थर ही पड़ गया था जो उसने राम की पत्नी सीता का अपहरण किया।

(3) गुरु ही है जो ईश्वर प्राप्ति का मार्ग दिखाता है। कबीर अपने उपदेशों में गुरु की इसी महत्ता का वर्णन करते हैं परन्तु ऐसे व्यक्ति जिनकी अक्ल पर पत्थर पड़ा होता है वे इस बात को समझ नहीं पाते।

(4) राज्य तथा सत्ता के लालच में दुर्योधन की अक्ल पर पत्थर पड़ गए थे।

(5) तुम्हारी अक्ल पर पत्थर पड़ गया है क्या जो उस बेचारे निर्दोष को दोषी बता रहे हो ?

(6) लगता है डॉक्टर की अक्ल पर पत्थर पड़ गया है तभी तो गलत दवा चला रहा है। 

(7) मेरी अक्ल पर पत्थर नहीं पड़ा है जो मै अपना पैसा तुम पर लुटाता फिरूं। 

यहाँ हमने अक्ल चरने जाना मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग का उदहारण देकर समझाया है। अक्ल पर पत्थर पड़ना मुहावरे का अर्थ होता है — बुद्धि भ्रष्ट होना, बुद्धि काम न करना; कुछ समझ में न आना; बुद्धि खराब होना।जब जरुरत पड़ने पर या सही समय पर किसी व्यक्ति की बुद्धि काम नहीं करती तो उसके लिए इस मुहावरे का प्रयोग किया जाता है। 

पहाड़ टूट पड़ना मुहावरे का अर्थ और वाक्य

पहाड़ टूट पड़ना मुहावरे का अर्थ और वाक्य

पहाड़ टूट पड़ना मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग

पहाड़ टूट पड़ना मुहावरे का अर्थ

पहाड़ टूट पड़ना का अर्थ - भारी विपत्ति आ जाना; अचानक बड़ी मुसीबत में पड़ना; भारी संकट होना, भयानक विपदा पड़ना। 

पहाड़ टूट पड़ना मुहावरे का वाक्य

1. केदारनाथ में हुई अतिवृष्टि में हजारों लोग मारे गए जिससे उनके परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। 

2. भारी बारिश से फसल खराब हो जाने पर गरीब किसान परिवार पर पहाड़ टूट पड़ा। 

3. मुकुल के घर चोरी क्या हई, उसके यहाँ तो मसीबतों का पहाड टूट पड़ा है। 

4. घर के बड़े लड़के को जेल हो जाने से रामलाल के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। 

5. अचानक गांधीजी को गोडसे ने गोली मारी तो सम्पूर्ण भारतवर्ष पर पहाड़ टूट पड़ा। 

6. द्वितीय विश्व यद्ध के समय 1943-44 में बंगाल में आए भीषण अकाल से वहाँ के लोगों पर पहाड़ टूट पड़ा। जिसमें लगभग 30 लाख लोगों ने भूख से तड़पकर अपनी जान गंवा दी थी।

7. जब घर के सबसे छोटे बेटे के काले कारनामे सामने आये तो परिवार पर पहाड़ टूट पड़ा। 

8. उस बेचारे पर तो दुःखों का पहाड़ टूट पड़ा, जब उसे पता चला कि वह नौकरी से निकाल दिया गया है। 

9. पति विदेश गया था धन कमाने परन्तु अपनी पत्नी को छोड़ उसने वहीँ घर बसा लिया तो उसकी पत्नी पर पहाड़ टूट पड़ा। 

यहाँ हमने पहाड़ टूट पड़ना मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग का उदहारण देकर समझाया है। पहाड़ टूट पड़ना मुहावरे का अर्थ होता है — भारी विपत्ति आ जाना; अचानक बड़ी मुसीबत में पड़ना; भारी संकट होना, भयानक विपदा पड़ना। जब किसी व्यक्ति पर अचानक से बड़ी मुसीबत या विपदा पड़ती है तो इस मुहावरे का प्रयोग किया जाता है। 

अक्ल चरने जाना मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग

अक्ल चरने जाना मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग

अक्ल चरने जाना मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग

अक्ल चरने जाना मुहावरे का अर्थ — बुद्धिमत्ता गायब हो जाना; बुद्धिहीनता का काम करना; समझ का अभाव होना; मति भ्रम होना; बुद्धि भ्रष्ट होना। 

Akal charne jana muhavare ka arth — Buddhimatta gayab ho jana; Buddhihinta ka kaam karna; Samajh ka abhaav hona; Mati bhram hona; Buddhi bhrasht hona.

अक्ल चरने जाना मुहावरे का वाक्य प्रयोग

वाक्य प्रयोग — तुमने साठ साल के बूढ़े से 18 वर्ष की लड़की का विवाह कर दिया। लगता है तुम्हारी अक्ल चरने गई थी। 

वाक्य प्रयोग — अनिल पश्चात्ताप करते हुए मोहन से कह रहा था कि मेरी तो अक्ल ही चरने गई थी कि निखिल की बातों में आकर अपना नुकसान कर बैठा। 

वाक्य प्रयोग — आज तो तुम्हारी बुद्धि घास चरने गई लगती है; हर काम उलटा कर रहे हो। 

वाक्य प्रयोग — क्या तुम्हारी अक्ल चरने गई थी, जो तुम खली पहलवान से जा भिड़े ? कहाँ तुम और कहाँ खली। 

वाक्य प्रयोग — लगता है बॉलीवुड निर्देशकों की अक्ल चरने चली गयी है, तभी ऐसी फ़िल्में बना रहे हैं कि सिनेमा हॉल में एक भी दर्शक झाँकने नहीं आ रहा। 

वाक्य प्रयोग — रमेश की अक्ल चरने गयी है क्या जो अच्छी-भली सरकारी नौकरी को छोड़कर दुकान खोल ली। 

वाक्य प्रयोग — कभी-कभी प्रकाश को छोटी-छोटी बातें भी समझ नहीं आती, ऐसा लगता है उसकी अक्ल चरने गई हो।

वाक्य प्रयोग — कल तो कुशाल अध्यापक जी के सामने ऐसे तन के खड़ा हो गया मानो उसकी अक्ल चरने गई हो।

यहाँ हमने अक्ल चरने जाना मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग का उदहारण देकर समझाया है। अक्ल चरने जाना मुहावरे का अर्थ होता है — बुद्धिमत्ता गायब हो जाना; बुद्धिहीनता का काम करना; समझ का अभाव होना; मति भ्रम होना; बुद्धि भ्रष्ट होना। जब जरुरत पड़ने पर या सही समय पर किसी व्यक्ति की बुद्धि काम नहीं करती तो उसके लिए इस मुहावरे का प्रयोग किया जाता है। 

आग बबूला होना मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग

आग बबूला होना मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग

आग बबूला होना मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग

आग बबूला होना मुहावरे का अर्थ - गुस्से से भर जाना; अत्यधिक क्रोधित होना, बहुत क्रोध करना; बहुत क्रुद्ध होना।

Aag babula hona Muhavare ka arth - Gusse se bhar jana; Atyadhik krodhit hona; Bahut krodh karna; Bahut kruddh hona.

आग बबूला होना मुहावरे का वाक्य प्रयोग

वाक्य प्रयोग - जब पिता जी को पता चला कि सुरेश बोर्ड परीक्षा में अनुत्तीर्ण हो गया है, वह गुस्से से आग बबूला हो गए।

वाक्य प्रयोग - कई बार मना करने पर भी जब दिनेश नहीं माना तो उसके चाचा जी उस पर आग बबूला हो उठे। 

वाक्य प्रयोग - शकुंतला द्वारा अनदेखा करने पर भगवान परशुराम आग बबूला हो गए। 

वाक्य प्रयोग - अंगद द्वारा राम की प्रशंसा सुनकर रावण आग बबूला हो गया। 

वाक्य प्रयोग - अंगद द्वारा प्रभु श्री राम की प्रशंसा सुनकर रावण आग बबूला हो गया। 

वाक्य प्रयोग - चोर की हरकतें देखकर सिपाही आग बबूला हो गया और उसने चोर की बुरी तरह पिटाई कर दी।

वाक्य प्रयोग - राकेश अपने भाई को आवारा लड़कों के साथ घूमता देखकर आग बबूला हो गया। 

यहाँ हमने आग बबूला होना मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग का उदहारण देकर समझाया है। आग बबूला होना मुहावरे का अर्थ होता है – गुस्से से भर जाना; अत्यधिक क्रोधित होना, बहुत क्रोध करना; बहुत क्रुद्ध होना।आमतौर पर जब किसी व्यक्ति को बहुत अधिक क्रोध आता है तो उस व्यक्ति के लिए उस मुहावरे का प्रयोग किया जाता है। 

Sunday, 25 September 2022

गम खा जाना मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग

गम खा जाना मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग

गम खा जाना मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग

गम खा जाना मुहावरे का अर्थ : धैर्य रखना, सह लेना, गलत बात पर संयम दिखाना, बर्दाश्त कर जाना। 

गम खा जाना मुहावरे का वाक्य प्रयोग

वाक्य प्रयोग- सर्वेश की कड़वी बातें सुनकर भी पायल ने गम खा लिया।

वाक्य प्रयोग- क्रोध आने पर हमेशा गम को खा लेना चाहिये।

वाक्य प्रयोग- श्यामलाल गम अवश्य खा लेता है परन्तु किसी के सामने हाथ नहीं फैलाता। 

वाक्य प्रयोग- यदि नेताजी तो बात कह दें तो जवाब मत देना, कुछ पाना है तो थोड़ा गम सहना पड़ेगा। 

वाक्य प्रयोग- समाज का मध्यवर्ग हमेशा सबसे अधिक गम खाता है । 

यहाँ हमने गम खा जाना मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग का उदहारण देकर समझाया है। गम खा जाना मुहावरे का अर्थ होता है –  धैर्य रखना, सह लेना, गलत बात पर संयम दिखाना; बर्दाश्त कर जाना। जब कोई व्यक्ति किसी बात का विरोध या प्रतिकार  बजाय उसे सह जाता है, तो इस मुहावरे का प्रयोग किया जाता है। 

गुदड़ी का लाल मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग

गुदड़ी का लाल मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग

गुदड़ी का लाल मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग

गुदड़ी का लाल मुहावरे का अर्थ - निर्धन परंतु गुणवान; गरीब परिवार में जन्मा गुणी व्यक्ति; सामान्य स्तर का किंतु गुणी व्यक्ति; गरीब के घर में गुणवान का उत्पत्र होना। 

गुदड़ी का लाल मुहावरे का वाक्य प्रयोग

वाक्य प्रयोग - प्रोफेसर अभिमन्यु को सभी गुदड़ी का लाल कहते हैं। 

वाक्य प्रयोग - हमारे देश में ऐसे गुदड़ी के लालों की कमी नहीं जिन्हे अगर मौका मिले। 

वाक्य प्रयोग - सभी लोग करन को नालायक समझते थे परन्तु वह तो गुदड़ी का लाल निकला। 

वाक्य प्रयोग - मुंशी प्रेमचंद सभी हिंदी साहित्यकारों में गुदड़ी के लाल थे। 

वाक्य प्रयोग - लाल बहादुर शास्त्री गुदड़ी के लाल थे तभी तो एक निर्धन परिवार से होते हुए भी वह शीर्ष तक पहुंचे। 

वाक्य प्रयोग - गांव के लड़के ने UPSC में परचम लहराकर गुदड़ी का लाल वाली कहावत चरितार्थ कर दी। 

वाक्य प्रयोग - जितेंद्र सच में गुदड़ी का लाल निकला, उसने अपना ही नहीं बल्कि पूरे गाँव का नाम रोशन कर दिया। 

यहाँ हमने गुदड़ी के लाल मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग का उदहारण देकर समझाया है। गुदड़ी के लाल मुहावरे का अर्थ होता है - निर्धन परंतु गुणवान; गरीब परिवार में जन्मा गुणी व्यक्ति; सामान्य स्तर का किंतु गुणी व्यक्ति; गरीब के घर में गुणवान का उत्पत्र होना।