Wednesday, 17 August 2022

Few Lines on Pustak Mela in Hindi - पुस्तक मेला पर 10 लाइन

Few Lines on Pustak Mela in Hindi - पुस्तक मेला पर 10 लाइन

Few Lines on Pustak Mela in Hindi - पुस्तक मेला पर 10 लाइन

5 Lines on Pustak Mela in Hindi

  1. पुस्तक मेला से तात्यर्य पुस्तकों के लिए आयोजित मेले से है। 
  2. पुस्तक मेला में तरह तरह की पुस्तकों के स्टाल लगे होते हैं। 
  3. पुस्तक मेला से हमारे सामान्य ज्ञान में वृद्धि होती है। 
  4. हमारे देश में समय समय पर पुस्तक मेलों का आयोजन किया जाता है। 
  5. एक पुस्तक मेले से देश-विदेश की दुर्लभ पुस्तकें भी मिल जाती हैं। 
  6. पुस्तक मेले में कई लोग अपनी मन पसंद किताबे खरीदते है। 
Few Lines on Pustak Mela in Hindi - पुस्तक मेला पर 10 लाइन
10 Lines on Pustak Mela in Hindi

  1. पुस्तक मेला से तात्यर्य पुस्तकों के लिए आयोजित मेले से है। 
  2. पुस्तक मेला में तरह तरह की पुस्तकों के स्टाल लगे होते हैं। 
  3. हमारे देश में समय समय पर पुस्तक मेलों का आयोजन किया जाता है। 
  4. भारत में पुस्तक में मेलों का आयोजन नैशनल बुक ट्रस्ट द्वारा किया जाता है। 
  5. एक पुस्तक मेले से देश-विदेश की दुर्लभ पुस्तकें भी मिल जाती हैं। 
  6. पुस्तक मेले में देश-विदेश से प्रकाशक, पुस्तक विक्रेता तथा लेखक भाग लेते हैं।
  7. पुस्तक मेले में कई लोग अपनी मन पसंद किताबे खरीदते है। 
  8. भारत का सबसे प्रसिद्ध पुस्तक मेला दिल्ली के प्रगति मैदान पर लगता है। 
  9. एक पुस्तक मेला पुस्तक प्रेमियों की लिए वरदान के समान होता है। 
  10. जो किताबें हमें ऑनलाइन नहीं मिल पातीं, उन्हें हम पुस्तक मेले से खरीद सकते हैं। 

15 Lines on Pustak Mela in Hindi

  1. पुस्तक मेले का सामान्य अर्थ होता है-पुस्तकों का मेला। 
  2. पुस्तक मेले के ज़रिये पुस्तकों का प्रचार प्रसार किया जाता है। 
  3. पुस्तक मेला में तरह तरह की पुस्तकों के स्टाल लगे होते हैं। 
  4. पुस्तक मेला से हमारे सामान्य ज्ञान में वृद्धि होती है। 
  5. हमारे देश में समय समय पर पुस्तक मेलों का आयोजन किया जाता है। 
  6. एक पुस्तक मेले से देश-विदेश की दुर्लभ पुस्तकें भी मिल जाती हैं। 
  7. पुस्तक मेले में कई लोग अपनी मन पसंद किताबे खरीदते है। 
  8. भारत का सबसे प्रसिद्ध पुस्तक मेला दिल्ली के प्रगति मैदान पर लगता है। 
  9. एक पुस्तक मेला पुस्तक प्रेमियों की लिए वरदान के समान होता है। 
  10. पुस्तक मेले में देश-विदेश से प्रकाशक, पुस्तक विक्रेता तथा लेखक भाग लेते हैं।
  11. पुस्तक मेला में पाठकों को लुभाने के लिए पुस्तकों पर विशेष छूट दी जाती है। 
  12. पुस्तक मेले में विभिन्न विषयों पर चर्चा और गोष्ठियों का आयोजन किया जाता है। 
  13. कुछ पुस्तक मेलों में सिर्फ धार्मिक पुस्तकें  मिलती हैं जैसे गीताप्रेस पुस्तक मेला। 
  14. जो किताबें हमें ऑनलाइन नहीं मिल पातीं, उन्हें हम पुस्तक मेले से खरीद सकते हैं। 
  15. भारत में पुस्तक में मेलों का आयोजन  नैशनल बुक ट्रस्ट द्वारा किया जाता है। 
10 Lines on Godavari River in Hindi - गोदावरी नदी पर 10 लाइन का निबंध

10 Lines on Godavari River in Hindi - गोदावरी नदी पर 10 लाइन का निबंध

10 Lines on Godavari River in Hindi : इस निबंध में हम गोदावरी नदी पर 10 लाइन का निबंध Class 1, 2, 3, 4 और 5 के लिए लिखा है जिसे पढ़कर आप 5 to 10 Lines on Godavari River in Hindi लिख पाएंगे।

  1. 5 Lines on Godavari River in Hindi
  2. 10 Lines on Godavari River in Hindi
  3. 15 Lines on Godavari River in Hindi

5 Lines on Godavari River in Hindi

  • गोदावरी नदी दक्षिण भारत की एक प्रमुख नदी है।
  • गोदावरी नदी महाराष्ट्र में नासिक जिले से निकलती है।
  • गोदावरी नदी को वृद्ध गंगा या प्राचीन गंगा भी कहा जाता है।
  • गोदावरी नदी भारत की दूसरी सबसे लंबी नदी है।
  • गोदावरी नदी की लम्बाई लगभग 1465 किलोमीटर है।
10 Lines on Godavari River in Hindi - गोदावरी नदी पर 10 लाइन का निबंध

10 Lines on Godavari River in Hindi

  • गोदावरी नदी दक्षिण भारत की एक प्रमुख नदी है।
  • गोदावरी नदी महाराष्ट्र में नासिक जिले से निकलती है।
  • गोदावरी नदी को वृद्ध गंगा या प्राचीन गंगा भी कहा जाता है।
  • गोदावरी नदी भारत की दूसरी सबसे लंबी नदी है।
  • गोदावरी नदी की लम्बाई लगभग 1465 किलोमीटर है।
  • गोदावरी नदी को 7 पवित्र नदियों में से एक माना जाता है।
  • रामायण, महाभारत एवं पुराणों में गोदावरी नदी की चर्चा हुई हैं।
  • ब्रह्म पुराण में गोदावरी एवं इसके तीर्थों का सविस्तार वर्णन हुआ है।
  • नासिक में गोदावरी नदी के तट पर कुंभ मेला लगता है।
  • गोदावरी नदी के तट पर त्र्यंबकेश्वर, नासिक, पैठण जैसे तीर्थस्थल हैं।

15 Lines on Godavari River in Hindi

  • गोदावरी नदी दक्षिण भारत की एक प्रमुख नदी है।
  • गोदावरी नदी महाराष्ट्र में नासिक जिले से निकलती है।
  • गोदावरी नदी को वृद्ध गंगा या प्राचीन गंगा भी कहा जाता है।
  • गोदावरी नदी भारत की दूसरी सबसे लंबी नदी है।
  • गोदावरी नदी की लम्बाई लगभग 1465 किलोमीटर है।
  • गोदावरी नदी को 7 पवित्र नदियों में से एक माना जाता है।
  • रामायण, महाभारत एवं पुराणों में गोदावरी नदी की चर्चा हुई हैं।
  • ब्रह्म पुराण में गोदावरी एवं इसके तीर्थों का सविस्तार वर्णन हुआ है।
  • गोदावरी नदी के तट पर त्र्यंबकेश्वर, नासिक, पैठण जैसे तीर्थस्थल हैं।
  • नासिक में गोदावरी नदी के तट पर कुंभ मेला (Kumbh Mela) लगता है।
  • गोदावरी नदी महाराष्ट,तेलंगना और आंध्र प्रदेश से होकर बहती है।
  • वेनगंगा नदी गोदावरी की सबसे लंबी सहायक नदी है।
  • गोदावरी नदी तंत्र दक्षिण भारत का सबसे बड़ा नदी तंत्र है।
  • गोदावरी नदी कृष्णा नदी के साथ कृष्णा-गोदावरी डेल्टा बनाती है।
  • गोदावरी नदी राजहमुन्द्री शहर के समीप बंगाल की खाड़ी मे जाकर मिलती है।

10 Lines on Nuclear Family in Hindi - एकल परिवार पर 10 लाइन

10 Lines on Nuclear Family in Hindi - एकल परिवार पर 10 लाइन

10 Lines on Nuclear Family in Hindi : इस निबंध में हम न्यूक्लियर फैमिली यानि एकल परिवार पर 10 लाइन का निबंध Class 1, 2, 3, 4 और 5 के लिए लिखा है जिसे पढ़कर आप 5 to 10 Lines on Nuclear Family in Hindi लिख पाएंगे।

  1. 5 Lines on Nuclear Family in Hindi
  2. 10 Lines on Nuclear Family in Hindi

5 Lines on Nuclear Family in Hindi

  • न्यूक्लियर फैमिली को हिंदी भाषा में एकल परिवार कहते हैं। 
  • परिवार के सबसे छोटे रूप को एकल परिवार कहते हैं। 
  • एकाकी परिवार मे सदस्यों की संख्या कम होती है। 
  • एकल परिवार पति-पत्नी व उनके बच्चों से मिलकर बनता है। 
  • एकल परिवार मे एक या दो पीढ़ियों के सदस्य होते है। 

10 Lines on Nuclear Family in Hindi - एकल परिवार पर 10 लाइन

10 Lines on Nuclear Family in Hindi

  • परिवार के सबसे छोटे रूप को एकल परिवार कहते हैं। 
  • एकल परिवार शहरी जीवन के अनुकूल होते हैं। 
  • एकाकी परिवार मे सदस्यों की संख्या कम होती है। 
  • एकल परिवार मे एक या दो पीढ़ियों के सदस्य होते है। 
  • एकल परिवार पति-पत्नी व उनके बच्चों से मिलकर बनता है। 
  • एकाकी परिवार विवाह संबंध पर आधारित होता है। 
  • एकल परिवार के सदस्य आधुनिक विचारधारा के होते हैं। 
  • एकल परिवार के सदस्य कम होने के कारण खर्चे भी कम होते हैं। 
  • एकल परिवार के सदस्य सामान्यतः अधिक आत्मनिर्भर होते हैं। 
  • एकल परिवार में माता-पिता अपने बच्चों की बेहतर परवरिश कर पाते हैं। 

Tuesday, 16 August 2022

जन्माष्टमी पर संस्कृत निबंध (Essay on Janmashtami in Sanskrit)

जन्माष्टमी पर संस्कृत निबंध (Essay on Janmashtami in Sanskrit)

Essay on Janmashtami in Sanskrit : इस निबंध में पढ़िए 10 Lines on Janmashtami in Sanskrit for Class 1, 2, 4 and 4 और जन्माष्टमी पर संस्कृत निबंध for Class 5, 6, 7, 8, 9 and 10. जन्माष्टमी हिन्दुनां प्रियम् उत्सवम् अस्ति। श्रीकृष्णजन्माष्टमी इति कृष्णस्य जन्मोत्सवः आचर्यते। 

10 Lines on Janmashtami in Sanskrit

  • जन्माष्टमी हिन्दुनां प्रियम् उत्सवम् अस्ति।
  • श्रीकृष्ण जन्माष्टमी इति कृष्णस्य जन्मोत्सवः आचर्यते।
  • भगवान् श्रीकृष्णस्य जन्म: भाद्रपदस्य कृष्णपक्षस्य अष्टम तिथौ अभूत।
  • जन्माष्टम्यां पूजाकर्तारः अर्धरात्रसमये एव पूजाम् आचरन्ति । 
  • एषः श्रीकृष्णः महाविष्णोः नवमः अवतारः।
  • यदुकुले जात: श्रीकृष्ण: वासुदेवदेवक्योः पुत्रः।
  • भगवान् श्रीकृष्ण: एक: योगी पुरुष: आसीत्।
  • श्रीकृष्णाय दुग्धं, दधि, नवनीतं च अतीव रोचते स्म। 
  • तेन एकस्याम् अङ्गल्यां गोवर्धनपर्वत: घृतः इति कथ्यते। 
  • सः एव आदिपुरुषः, परब्रह्म, पुरुषोत्तमः।
  • श्रीकृष्णस्य उपदेशः ‘भगवद् गीता' नाम ग्रन्थरूपेण प्रसिद्धः।

जन्माष्टमी पर संस्कृत निबंध (Essay on Janmashtami in Hindi)
जन्माष्टमी पर संस्कृत निबंध (Essay on Janmashtami in Sanskrit)

श्रीकृष्णजन्माष्टमी इति कृष्णस्य जन्मोत्सवः आचर्यते। गोकुलाष्टमी, जन्माष्टमी, कृष्णजयन्ती, श्रीजयन्ती इत्यादिभिः बहुभिः नामभिः भारतस्य सर्वेषु भागेषु आचर्यते एतत् पर्व। सर्ववर्णानाम् आश्रमाणां वर्गाणां जनैः आचर्यमाणं प्रियं पवित्रं च पर्व अस्ति श्रीकृष्णजन्माष्टमी। तद्दिने सर्वत्र पूज्यमानः देवः परमपूज्यः श्रीकृष्णः। एषः श्रीकृष्णः महाविष्णोः नवमः अवतारः। अयं मार्त्यलोके अवतीर्णः चेदपि साक्षात् भगवान् एव। कृष्णस्तु भगवान् स्वयम्, दशाकृतिकृते कृष्णाय तुभ्यं नमः ईश्वरः परमः कृष्णः, कृष्णं वन्दे जगद्गुरुम् इत्यादिभिः वाक्यैः सः अभिप्रायः पुरस्क्रियते।

सः एव आदिपुरुषः, परब्रह्म, पुरुषोत्तमः। स्मृतिषु, पुराणेषु, इतिहासेषु, काव्येषु, प्रबन्धेषु च महर्षिभिः, भागवतैः, आचार्यैः, दासश्रेष्ठैः, कविभिः, कीर्तनकारैः एवं सर्वप्रकारकैः अपि स्तुतः देवः श्रीकृष्णः। सः न केवलं देवः अपि तु देवानाम् अपि देवः तं देवतानां परमं च दैवतम् इति वदन्ति महात्मानः। मनुष्यः इव व्यवहरन् अपि ज्ञान-बल-ऐश्वर्य-वीर्य-शक्ति-तेज-आत्मगुणसम्पन्नः परमपुरुषः। न केवलं मनुष्यमात्रान् अपि तु गो-गोपाल-पशु-पक्षि-वृक्ष-वनस्पत्यादीन् अपि उद्धृतवान् दयानिधिः। सौन्दर्यनिधिः, कलानिधिः, महाभारतस्य सूत्रधारः, महावीरः, धर्मप्रभुः, धर्मनिरतानां पाण्डवानां बन्धुः, मित्रं, मन्त्री, दूतः, उपायचतुरः, राजनीतिज्ञः,विद्वान्, द्वैवमानवः, गीतोपदेशं कृतवान् योगाचार्यः श्रीकृष्णः।

श्रीकृष्णः श्रावणमासे जातः इति कुत्रचित्, भाद्रपदमासे इति अन्यत्र, सिंहमासे इति अपरत्र उक्तम् अस्ति।
  • भाद्रपदमासस्य कृष्णपक्षस्य अर्धरात्रसमये सिंहराशिस्थिते सूर्ये, वृषभलग्नस्थिते चन्द्रे रोहिणीनक्षत्रे देवकीवसुदेवयोः पुत्ररूपेण अवतारम् अप्राप्नुवम् इति श्रीकृष्णः एव अवदत् इति भविष्योत्तरपुराणं वदति।
  • अभिजिन्नाम नक्षत्रं जयन्तीनाम शर्वरी। मुहूर्तो विजयो नाम यत्र जातो जनार्दनः ॥ इति हरिवंशे उक्तम् अस्ति।
  • प्राजपत्येन संयुक्ता अष्टमी सा यदा भवेत्। श्रावणे बहुले सा तु सर्वपापप्रणाशिनी।। इति वदति स्कान्दपुराणम्।
  • अष्टम्यां तिथौ रोहिणीनक्षत्रे अर्धरात्रसमये जातः इत्ययम् अंशः सर्वसम्मतः अस्ति।
जन्माष्टम्यां पूजाकर्तारः अर्धरात्रसमये एव पूजाम् आचरन्ति। मध्यरात्रपूजा एव प्रशस्ता इति। अशक्ताः अर्धरात्रितः पूर्वं वृषभलग्ने अपि पूजाम् आचरन्ति। सिंहराशि-अष्टमीतिथि-रोहिणीनक्षत्र-बुधवासर-हर्षणयोग-कौलवकरणयुक्तायाम् अर्धरात्रौ चन्द्रोदयावसरे वृषभलग्ने कृष्णाष्टमीपूजा क्रियते। अस्मिन् दिने पूजाकर्तारः उपवासम् आचरन्तः सायं पुनरपि स्नात्वा अह्निकादिकं समाप्य श्रीमद्भागवतस्य, हरिवंशस्य, विष्णुपुराणस्य, भगवद्गीतायाः वा पारायणं कुर्वन्ति। अनन्तरम् उपर्युक्ते श्रीकृष्णजन्मसमये सम्प्राप्ते षोडशोपचारपूजां कुर्वन्ति । नैवेद्यार्थम् अपि भक्ष्य-भोज्य-चोष्य-लेह्य-पानीयसहितं षड्रसोपेतं शास्त्रीयं सर्वविधं पदार्थं समर्पयन्ति। पूजार्थमपि शास्त्रीयाणि सर्वविधफल-पुष्प-पल्लव-तोरणानि भवन्ति। विशेषतया गोक्षीरं, क्षीरान्नं, परमान्नं, गुडयुक्तपृथुकं, नवनीतं, शुण्ठिगुडमिश्रणं च समर्पयन्ति। वेदमन्त्रैः, शास्त्रवाक्यैः, इतिहासपुराणसूक्तिभिः, अष्टोत्तरशत-सहस्रनामभिः, स्तोत्रैः, गीत-नृत्यैः आराधयन्ति।
क्षीरोदार्णवसम्भूत ह्यत्रिनेत्रसमुद्भव।
गृहाणार्घ्यं मया दत्तं रोहिण्या सह्तः शशिन् ॥
आजन्ममरणं यावत् यन्मया दुष्कृतं कृतम्।
तत्प्रणाशाय गोविन्द प्रसीद पुरुषोत्तम।
इति वदन्तः अर्घ्यं समर्पयन्ति। रात्रिपूर्णं जागरणं कृत्वा अनन्तरदिने प्रातः नित्यकर्मणाम् अनन्तरं श्रीकृष्णस्य उत्तराराधनं कृत्वा ब्राह्मणभोजनं कारयित्वा स्वर्ण-गो-वस्त्रादीनां दानं कुर्वन्ति। कुत्रचित् देवक्याः प्रसवगृहम् प्रकल्प्य तत्र पूर्णकुम्भम्, आम्रपर्णानि, पुष्पाणि, धूपदीपादिकं संस्थापयन्ति। प्रकोष्ठस्य भित्तिषु देवगन्धर्वाणां, वसुदेवदेवकी-नन्दयशोदादीनां, गोपिकानां, कंसस्य रक्षकभटादीनां, यमुनानद्याः, कालियस्य अन्येषां नागानां, गोकुलस्य इतरासां घटनानां च चित्राणि लिखन्ति । मध्याह्ने तिलजलेन वा महातीर्थेन वा स्नान्ति। मध्यरात्रसमये सङ्कल्पपूर्वकं मन्त्रसहितं शय्यायां शयितौ देवकीकृष्णौ कल्पयन्ति। अनन्तरं स्वर्णस्य वा रजतस्य वा विग्रहे प्राणप्रतिष्ठां कृत्वा भगवतः जातकर्म नामकरणादिकं कुर्वन्ति। चन्द्रोदयावसरे रोहिणीसहिताय चन्द्राय अर्घ्यं समर्पयन्ति। रात्रिपूर्णं जागरणं कृत्वा अपरस्मिन् दिने प्रातः श्रीकृष्णस्य उत्तराराधनं कृत्वा दानादीन् विधीन् निर्वहन्ति।

सर्वत्रापि कृष्णाष्टम्यवसरे सार्वजनिकरूपेण दधिकुम्भभञ्जनस्पर्धां, कृष्णवेषस्पर्धां, भगवद्गीतायाः वा कृष्णस्तोत्राणां वा कण्ठपाठस्पर्धां, शोभायात्रां च आयोजयन्ति।
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Few Lines on Kailash Satyarthi in Hindi - कैलाश सत्यार्थी पर 5 और 10 लाइन का निबंध

Few Lines on Kailash Satyarthi in Hindi : इस निबंध में हम कैलाश सत्यार्थी पर 5 और 10 लाइन का निबंध Class 1, 2, 3 और 4 के लिए लिख रहे हैं जिसको पढ़कर आप 10 Lines on Kailash Satyarthi in Hindi आसानी से लिख पाएंगे। कैलाश सत्यार्थी भारत के एक प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता और सुधारक हैं। 

Few Lines on Kailash Satyarthi in Hindi - कैलाश सत्यार्थी पर 5 और 10 लाइन का निबंध

5 Lines on Kailash Satyarthi in Hindi

  • कैलाश सत्यार्थी भारत के एक प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता और सुधारक हैं।
  • कैलाश सत्यार्थी का जन्म भारत के मध्य प्रदेश के विदिशा में 11 जनवरी 1954 को हुआ। 
  • कैलाश सत्यार्थी के पिता का नाम रामप्रसाद शर्मा और माता का नाम चिरौंजी था। 
  • 26 वर्ष की उम्र में ही कैलाश सत्यार्थी ने करियर छोड़कर समाज सेवा शुरू कर दी। 
  • कैलाश सत्यार्थी के परिवार में उनकी पत्नी सुमेधा, पुत्र, पुत्रवधू तथा पुत्री हैं। 
  • कैलाश सत्यार्थी के द्वारा संचालित संगठन का नाम "बचपन बचाओ आन्दोलन" है। 

10 Lines on Kailash Satyarthi in Hindi

  • कैलाश सत्यार्थी भारत के एक प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता और सुधारक हैं।
  • कैलाश सत्यार्थी का जन्म भारत के मध्य प्रदेश के विदिशा में 11 जनवरी 1954 को हुआ। 
  • कैलाश सत्यार्थी के पिता का नाम रामप्रसाद शर्मा और माता का नाम चिरौंजी था। 
  • 26 वर्ष की उम्र में ही कैलाश सत्यार्थी ने करियर छोड़कर समाज सेवा शुरू कर दी। 
  • कैलाश सत्यार्थी के परिवार में उनकी पत्नी सुमेधा, पुत्र, पुत्रवधू तथा पुत्री हैं। 
  • कैलाश सत्यार्थी के द्वारा संचालित संगठन का नाम "बचपन बचाओ आन्दोलन" है। 
  • 1974 में कैलाश सत्यार्थी ने सम्राट अशोक प्रौद्योगिकी संस्थान से इंजीनियरिंग की।
  • 1998 में कैलाश सत्यार्थी ने बाल श्रम के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय कानून की मांग की। 
  • कैलाश सत्यार्थी ने बाल तस्करी एवं मज़दूरी के ख़िलाफ़ कड़े कानून बनाने की वकालत की
  • वर्ष 2014 में कैलाश सत्यार्थी को मलाला यूसुफजई के साथ नोबेल शांति पुरस्‍कार दिया गया। 
  • कैलाश सत्यार्थी ने बाल श्रम के ख़िलाफ़ देशव्यापी अभियान चलाया। 
  • कैलाश सत्यार्थी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गवर्नमेंट बॉयज हायर सेकण्ड्री स्कूल से की।
  • वर्तमान में कैलाश सत्यार्थी 'ग्लोबल मार्च अगेंस्ट चाइल्ड लेबर' के अध्यक्ष भी हैं।
निर्मला जोशी का जीवन परिचय (Nirmala Joshi in Hindi)

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निर्मला जोशी का जीवन परिचय (Nirmala Joshi in Hindi)

भारत में जन्मी रोमन कैथोलिक नन सिस्टर निर्मला जोशी को मिशनरीज ऑफ चैरिटी की सुपीरियर जनरल चुना गया था, जब विश्व प्रसिद्ध मदर टेरेसा ने स्वास्थ्य समस्याओं के कारण नन के प्रमुख के रूप में पद छोड़ने का फैसला किया था। सिस्टर निर्मला ने 1997 से 2009 तक सुपीरियर जनरल में सेवा की। साल 2009 में सिस्टर निर्मला को 'पद्म विभूषण' से सम्मानित किया गया था।

पूरा नाममारिया निर्मला जोशी
अन्य नामसिस्टर निर्मला
जन्म23 जुलाई1934
जन्म भूमिराँची, झारखंड
मृत्यु23 जून, 2015
मृत्यु स्थानकोलकाता, पश्चिम बंगाल
कर्म भूमिभारत
कर्म-क्षेत्रसमाज सेवा
पुरस्कार-उपाधिपद्म विभूषण (2009)
प्रसिद्धिमिशनरीज ऑफ़ चैरिटीज' की प्रमुख
नागरिकताभारतीय
धर्मईसाई (1958-2015)

हिन्दू (1934-1958)

अन्य जानकारी17 साल की उम्र में सिस्टर निर्मला ने अपना धर्म परिवर्तन कर लिया था और मिशनरीज़ ऑफ़ चैरिटीज़ से जुड़ गई थीं।

नेपाल से प्रवास करने वाले एक भारतीय सेना अधिकारी की बेटी निर्मला जोशी का जन्म 23 जुलाई, 1934 को भारत के बिहार के रांची शहर में हुआ था। निर्मला जोशी के माता-पिता नेपाल से थे। यद्यपि वह ब्राह्मणों के एक परिवार में पैदा हुई थी, परन्तु उन्होंने युवावस्था में ईसाई धर्म को अपनाया और रोमन कैथोलिक धर्म में परिवर्तित हो गई। सिस्टर निर्मला को राजनीतिशास्त्र में स्नातकोत्तर डिग्री हासिल है। उन्होंने मदर टेरेसा के मिशनरीज ऑफ चैरिटी में शामिल होने का फैसला करने से पहले एक वकील के रूप में प्रशिक्षण लिया, जो भारत के कोलकाता में स्थित महिलाओं की एक मण्डली है, जो गरीबों की मदद करने के लिए समर्पित है।

सिस्टर निर्मला जोशी ने मदर टेरेसा की सहयोगी होने के साथ-साथ मिशनरी के लिए विभिन्न पदों पर कार्य किया। वह पनामा, यूरोप और संयुक्त राज्य अमेरिका में चल रहे विदेशी मिशन का नेतृत्व करने वाली पहली नन में से एक थीं। 1979 में वह मिशनरी के चिंतनशील विंग की नेता बनीं, जिसमें नन अपना जीवन ध्यान के लिए समर्पित करती हैं।

जब 1990 के दशक के दौरान मदर टेरेसा के स्वास्थ्य में गिरावट शुरू हुई, तो मिशनरी ने दो बार पद छोड़ने की उनकी इच्छा को स्वीकार करने से इनकार कर दिया; हालांकि, 1979 के शांति के नोबेल पुरस्कार के बाद मदर टेरेसा गंभीर रूप से बीमार पड़ गयीं तब 120 से अधिक वरिष्ठ नन का चयन किया गया जिनमे से सुपीरियर नन का चयन किया जाना था। उन्होंने मार्च में घोषणा की कि सिस्टर निर्मला को लगभग एकमत से मदर टेरेसा के उत्तराधिकारी के रूप में चुना है। 

सुपीरियर जनरल के रूप में, वह दुनिया भर में 500 से अधिक अनाथालयों, धर्मशालाओं, गरीबों के लिए घरों और अन्य चैरिटी केंद्रों को चलाने वाली लगभग 4,500 ननों की प्रमुख बनीं। इस पद का मुख्य काम यह सुनिश्चित करना था कि सभी आगामी कार्यों के लिए पर्याप्त दान आता रहे। कई वर्षों की सेवा के बाद, सिस्टर निर्मला ने 2009 में सुपीरियर जनरल का पद छोड़ दिया। 23 जून, 2015 को कोलकाता में उनका निधन हो गया।

Monday, 15 August 2022

10 Lines on James Watt in Hindi - जेम्स वाट पर 10 लाइन का निबंध

10 Lines on James Watt in Hindi - जेम्स वाट पर 10 लाइन का निबंध

Few Lines on James Watt in Hindi : इस निबंध में हम जेम्स वाट पर 10 लाइन का निबंध Class 1, 2, 3 और 4 के लिए लिख रहे हैं जिसको पढ़कर आप 10 Lines about James Watt in Hindi आसानी से लिख पाएंगे। जेम्स वाट का जन्म 19 जनवरी 1736 को ग्रीनोक स्कॉटलैंड में हुआ था।

10 Lines on James Watt in Hindi - जेम्स वाट पर 10 लाइन का निबंध

10 Lines on James Watt in Hindi

  1. जेम्स वाट का जन्म 19 जनवरी 1736 को ग्रीनोक स्कॉटलैंड में हुआ था। 
  2. जेम्स वाट एक प्रसिद्ध स्कॉटिश इंजीनियर और आविष्कारक थे 
  3. जेम्स वाट ने भाप के इंजन की कार्यप्रणाली में बहुत सुधार किया।
  4. जेम्स वाट के पिता का नाम जेम्स वाट और माता का नाम एग्नेस मुइरहेड था। 
  5. जेम्स वाट के पिता एक समुद्री जहाज के मालिक और ठेकेदार थे। 
  6. जब जेम्स वाट 18 वर्ष के थे तो उनकी माँ का देहांत हो गया था। 
  7. 1764 में जब जेम्स ने मार्गरेट मिलर नामक महिला से शादी कर ली 
  8. पहली पत्नी की मृत्यु के बाद 1777 में जेम्स ने एन्न मैकग्रेओर से दूसरी शादी की। 
  9. जेम्स वाट के मार्गरेट, जेम्स, ग्रेगरी, जेनेट नामक चार बच्चे थे। 
  10. जेम्स वाट की 83 वर्ष की उम्र में 25 अगस्त 1819 को मृत्यु हो गयी। 

Few Lines on Janmashtami in Hindi / जन्माष्टमी पर 10 लाइन का निबंध

Few Lines on Janmashtami in Hindi / जन्माष्टमी पर 10 लाइन का निबंध

Few Lines on Janmashtami in Hindi : इस निबंध में हम जन्माष्टमी पर 5, 10, 15 और 20 लाइन का निबंध Class 1, 2, 3 और 4 के लिए लिख रहे हैं जिसको पढ़कर आप 10 Lines on Janmashtami in Hindi आसानी से लिख पाएंगे। जन्माष्टमी भगवान कृष्ण को समर्पित हिन्दुओं का प्रमुख त्यौहार है। 

  1. जन्माष्टमी पर 5 लाइन का निबंध
  2. जन्माष्टमी पर 10 लाइन का निबंध
  3. जन्माष्टमी पर 15 लाइन का निबंध
  4. जन्माष्टमी पर 20 लाइन का निबंध
Few Lines on Janmashtami in Hindi / जन्माष्टमी पर 10 लाइन का निबंध

जन्माष्टमी पर 5 लाइन का निबंध (5 Lines on Janmashtami in Hindi)

  • जन्माष्टमी भगवान कृष्ण को समर्पित हिन्दुओं का प्रमुख त्यौहार है। 
  • इस बार जन्माष्टमी का पर्व 18 अगस्त 2022 को मनाया जा रहा है।
  • कृष्ण जन्माष्टमी को जन्माष्टमी या गोकुलाष्टमी भी कहा जाता है। 
  • जन्माष्टमी का पर्व कृष्ण पक्ष के आठवें दिन को भाद्रपद में मनाया जाता है । 
  • जन्माष्टमी के दिन भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया जाता है। 
  • जन्माष्टमी के अवसर भगवान श्रीकृष्ण का श्रृंगार करके उन्हें झूला झुलाया जाता है।

जन्माष्टमी पर 10 लाइन का निबंध (10 Lines on Janmashtami in Hindi)

  • जन्माष्टमी के दिन भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया जाता है। 
  • इस बार जन्माष्टमी का पर्व 18 अगस्त 2022 को मनाया जा रहा है।
  • कृष्ण जन्माष्टमी को जन्माष्टमी या गोकुलाष्टमी भी कहा जाता है। 
  • जन्माष्टमी का पर्व कृष्ण पक्ष के आठवें दिन को भाद्रपद में मनाया जाता है । 
  • जन्माष्टमी के दिन सभी भक्त मंदिरों में हरे कृष्ण का जयकारा लगाया जाता है। 
  • जन्माष्टमी के पर्व पर मथुरा नगरी का हर छोटा बड़ा मंदिर सजाया जाता है। 
  • जन्माष्टमी के अवसर भगवान श्रीकृष्ण का श्रृंगार करके उन्हें झूला झुलाया जाता है।
  • जन्माष्टमी के दिन हिन्दू लोग भगवान कृष्ण के भजन और गीता का पाठ करते हैं। 
  • जन्माष्टमी के दिन व्रत रखने से भगवान कृष्ण की विशेष कृपा प्राप्त होती है। 
  • जन्माष्टमी के दिन वृंदावन स्थित बांके बिहारी मंदिर विशेष आरती का आयोजन होता है। 

जन्माष्टमी पर 15 लाइन का निबंध (15 Lines on Janmashtami in Hindi)

  • जन्माष्टमी भगवान कृष्ण को समर्पित हिन्दुओं का प्रमुख त्यौहार है। 
  • इस बार जन्माष्टमी का पर्व 18 अगस्त 2022 को मनाया जा रहा है।
  • कृष्ण जन्माष्टमी को जन्माष्टमी या गोकुलाष्टमी भी कहा जाता है। 
  • जन्माष्टमी का पर्व कृष्ण पक्ष के आठवें दिन को भाद्रपद में मनाया जाता है । 
  • जन्माष्टमी के दिन भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया जाता है। 
  • जन्माष्टमी के अवसर पर सभी स्कूल और सरकारी दफ्तर बंद रहते हैं। 
  • जन्माष्टमी के 4 से 5 दिन पूर्व ही मंदिर, बाजार आदि सजने शुरू हो जाते हैं। 
  • जन्माष्टमी के अवसर भगवान श्रीकृष्ण का श्रृंगार करके उन्हें झूला झुलाया जाता है।
  • जन्माष्टमी के दिन लोग अपने घरों में भगवान कृष्ण की पूजा करते हैं। 
  • जन्माष्टमी के दिन लोग सुबह नहा धोकर नए वस्त्र पहन कर मंदिर जाते है।
  • जन्माष्टमी के दिन व्रत रखने से भगवान कृष्ण की विशेष कृपा प्राप्त होती है। 
  • जन्माष्टमी के दिन भगवन कृष्ण की बाल लीलाओं का मंचन किया जाता है। 
  • जन्माष्टमी के अवसर पर भगवन कृष्ण की भव्य झांकी निकाली जाती है। 
  • जन्माष्टमी के दिन हिन्दू लोग भगवान कृष्ण के भजन और गीता का पाठ करते हैं। 
  • जन्माष्टमी के दिन सभी भक्त मंदिरों में हरे कृष्ण का जयकारा लगाया जाता है। 

जन्माष्टमी पर 20 लाइन का निबंध (20 Lines on Janmashtami in Hindi)

  • जन्माष्टमी भगवान कृष्ण को समर्पित हिन्दुओं का प्रमुख त्यौहार है। 
  • इस बार जन्माष्टमी का पर्व 18 अगस्त 2022 को मनाया जा रहा है।
  • कृष्ण जन्माष्टमी को जन्माष्टमी या गोकुलाष्टमी भी कहा जाता है। 
  • जन्माष्टमी का पर्व कृष्ण पक्ष के आठवें दिन को भाद्रपद में मनाया जाता है । 
  • जन्माष्टमी के दिन भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया जाता है। 
  • जन्माष्टमी के दिन लोग अपने घरों में भगवान कृष्ण की पूजा करते हैं। 
  • जन्माष्टमी के दिन भगवन कृष्ण की बाल लीलाओं का मंचन किया जाता है। 
  • जन्माष्टमी के अवसर पर भगवन कृष्ण की भव्य झांकी निकाली जाती है। 
  • जन्माष्टमी के दिन लोग सुबह नहा धोकर नए वस्त्र पहन कर मंदिर जाते है।
  • हिंदू लोग जन्माष्टमी को भगवान कृष्ण या विष्णु मंदिरों में जाकर मनाते हैं।  
  • जन्माष्टमी के अवसर भगवान श्रीकृष्ण का श्रृंगार करके उन्हें झूला झुलाया जाता है।
  • जन्माष्टमी के दिन हिन्दू लोग भगवान कृष्ण के भजन और गीता का पाठ करते हैं। 
  • जन्माष्टमी के दिन व्रत रखने से भगवान कृष्ण की विशेष कृपा प्राप्त होती है। 
  • जन्माष्टमी के दिन सभी भक्त मंदिरों में हरे कृष्ण का जयकारा लगाया जाता है। 
  • जन्माष्टमी के पर्व पर मथुरा नगरी का हर छोटा बड़ा मंदिर सजाया जाता है। 
  • जन्माष्टमी के दिन इस्कान मंदिर में भारतीयों के साथ विदेशी भक्त भी कृष्णमय नजर आते हैं।
  • जन्माष्टमी के पर्व पर श्रीकृष्ण के विग्रह को पंचामृत से स्नान कराया जाता है। 
  • जन्माष्टमी के अवसर पर सभी स्कूल और सरकारी दफ्तर बंद रहते हैं। 
  • जन्माष्टमी के दिन वृंदावन स्थित बांके बिहारी मंदिर विशेष आरती का आयोजन होता है। 
  • जन्माष्टमी के अगले दिन विभिन्न शहरों में दही हांडी प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है। 
  • उत्तरी राज्यों में, जन्माष्टमी को रासलीला परंपरा के साथ मनाया जाता है। 
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Sunday, 14 August 2022

10 Lines on Van Mahotsav in Hindi - वन महोत्सव पर 10 लाइन

10 Lines on Van Mahotsav in Hindi - वन महोत्सव पर 10 लाइन

10 Lines on Van Mahotsav in Hindi : इस निबंध में हम आपको वन महोत्सव पर 10 वाक्य का निबंध दे रहे हैं जिसको पढ़कर विद्यार्थी वन महोत्सव पर 10 लाइन / 10 lines on Van Mahotsav in Hindi आसानी से लिख सकेंगे। वन महोत्सव भारत में जुलाई के पहले सप्ताह में मनाया जाता है। भारत में वन महोत्सव मनाने की शुरुआत 1950 में हुई थी।

5 Lines on Van Mahotsav in Hindi

5 Lines on Van Mahotsav in Hindi

  • वन महोत्सव भारत में जुलाई के पहले सप्ताह में मनाया जाता है। 
  • भारत में वन महोत्सव मनाने की शुरुआत 1950 में हुई थी। 
  • वन महोत्सव के दौरान पूरे भारत में हजारों पेड़ लगाए जाते हैं। 
  • वन महोत्सव में लोगों को पेड़-पौधों के प्रति जागरूक किया जाता है। 
  • वन महोत्सव के अवसर पर स्कूलों में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं। 

वन महोत्सव पर 10 लाइन

10 Lines on Van Mahotsav in Hindi

  • वन महोत्सव भारत में जुलाई के पहले सप्ताह में मनाया जाता है। 
  • भारत में वन महोत्सव मनाने की शुरुआत 1950 में हुई थी। 
  • वन महोत्सव के दौरान पूरे भारत में हजारों पेड़ लगाए जाते हैं। 
  • वन महोत्सव में लोगों को पेड़-पौधों के प्रति जागरूक किया जाता है। 
  • वन महोत्सव के अवसर पर स्कूलों में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं। 
  • वन का धरती पर पाए जाने वाले सभी जीव-जंतुओं और मनुष्य के लिए विशेष महत्व है। 
  • वनों से ही मनुष्य अपने जीवन के लिए आवश्यक संसाधन प्राप्त करता है। 
  • वन हमारी धरती के पारिस्थितिकी तंत्र को संतुलित करते हैं। 
  • पेड़ पौधे पर्यावरण में मौजूद प्रदूषण को कम करके वायु को शुद्ध रखते हैं। 
  • हमारे जीवन में पेड़-पौधों के महत्व को ध्यान में रखते हुए वन महोत्सव मनाया जाता है। 
  • लेकिन वन महोत्सव खत्म होने के बाद हम इसके महत्व को भूल जाते हैं। 

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हर घर तिरंगा पर निबंध / ESSAY ON HAR GHAR TIRANGA IN HINDI

हर घर तिरंगा पर निबंध / ESSAY ON HAR GHAR TIRANGA IN HINDI

हर घर तिरंगा पर निबंध / ESSAY ON HAR GHAR TIRANGA IN HINDI

'हर घर तिरंगा' आजादी का अमृत महोत्सव के तहत लोगों को तिरंगा घर लाने और भारत की आजादी के 75 वें वर्ष पर इसे फहराने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए एक अभियान है। 'हर घर तिरंगा' अभियान के पीछे लोगों के दिलों में देशभक्ति की भावना जगाना और भारतीय राष्ट्रीय ध्वज के बारे में जागरूकता को बढ़ावा देना है।

हर घर तिरंगा पर निबंध (100 शब्द)

हर घर तिरंगा भारत सरकार द्वारा प्रस्तावित एक अभियान है। यह अभियान आजादी का अमृत महोत्सव के तहत शुरू किया गया है। देश के पीएम नरेंद्र मोदी ने हर घर तिरंगा अभियान के अंतर्गत देशवासियों से अपने घर के आगे 13 से 15 अगस्त तक तिरंगा (Tiranga) झंडा फहराने का अनुरोध किया। 

इस अभियान से सभी देशवासियों में राष्ट्रीय ध्वज के महत्व के प्रति जागरूक बनेंगे। पीएम नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय ध्वज दिवस पर हर घर तिरंगा अभियान की घोषणा की थी। यह भारतवासियों में ध्वज के प्रति सम्मान व देश के प्रति देश भक्ति की भावना जगाने में मदद करेगा।  हम लोग देश के आजादी में जिन्होंने अपना योगदान दिया उसे याद करेंगे और भारत के 75 वे स्वतंत्रता दिवस को काफी हर्षोल्लास के साथ हम लोग मनाएंगे।

हर घर तिरंगा अभियान पर निबंध

हर घर तिरंगा अभियान पर निबंध (200 शब्द)

देश के 75वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर ‘हर घर तिरंगा अभियान’ शुरू किया गया है। हर घर तिरंगा अभियान के तहत स्वतंत्रता दिवस पर सभी देशवासियों को अपने घरों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए प्रेरित किया जाएगा। यह अभियान आजादी के अमृत महोत्सव का ही एक रूप है, जो भारत की आजादी के 75 साल पूरे होने की ख़ुशी के रूप में मनाई जाएगी। संस्कृति मंत्रालय इस महीने भारत के 75 वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ' हर घर तिरंगा ' अभियान शुरू करेगा। 

यह अभियान लोगों से 13 से 15 अगस्त 2022 तक अपने घरों में राष्ट्रीय ध्वज फहराने की अपील करता है। 22 जुलाई 2022 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से इस कार्यक्रम में भाग लेने का अनुरोध किया था। उनके अनुसार "हर घर तिरंगा" अभियान से देशभक्ति की भावना को उच्चतम स्तर तक पहुंचाया जाएगा। यह लोगों के बीच राष्ट्रीय ध्वज के महत्व के बारे में जागरूकता भी फैलाएगा।

इस अभियान का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को अपने घरों में राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए प्रोत्साहित करना है। इससे न केवल नागरिकों को ध्वज से व्यक्तिगत रूप से जुड़ने में मदद मिलेगी बल्कि राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान भी बढ़ेगा। इस उत्सव केद्वारा स्वतंत्रता सेनानियों को भी सम्मानित किया जा सकता है।

इस आयोजन के तहत कई कार्यक्रम और प्रतियोगितायें आयोजित की जायेंगी। यह हम सभी को संबंधित सरकारी वेबसाइट के माध्यम से कार्यक्रमों में वस्तुतः भाग लेने की अनुमति भी देता है। इसलिए, यह हम सभी पर निर्भर है कि हम इसमें भाग लेकर यह सुनिश्चित करें कि यह सरकारी अभियान सफल हो और इसका सफल अंत हो।

हर घर तिरंगा पर निबंध / ESSAY ON HAR GHAR TIRANGA IN HINDI

हर घर तिरंगा पर निबंध in Hindi (500 शब्द)

प्रस्तावना

किसी देश का आधिकारिक झंडा उस पूरे देश का प्रतिनिधित्व करता है। इसीलिए प्रत्येक देश के निवासियों का उनके देश के झंडे से गहरा लगाव होता है। झंडा ही किसी देश के गौरव और शौर्य को प्रदर्शित करता है। इसी प्रकार हमारे प्यारे देश भारत का झंडा भी हम सभी भारतवासियों को बहुत प्रिय है। तिरंगा झंडा हम सभी भारत वासियों का प्रतिनिधित्व करता है। जब हम तिरंगे झंडे को शान से फहराता देखते हैं तो हमारे भीतर देशभक्ति का संचार होता है। हमारे लिए हमारे राष्ट्रीय झंडे के बहुत मायने हैं। हमारे झंडे को और अधिक महत्वपूर्ण बनाने के लिए भारत में एक अभियान "हर घर तिरंगा" शुरू किया गया है।

तिरंगा पर एक नजर

भारत के राष्ट्रीय ध्वज जिसे तिरंगा भी कहते हैं, तीन रंग की क्षैतिज पट्टियों के बीच नीले रंग के एक चक्र द्वारा सुशोभित ध्वज है। इसकी अभिकल्पना पिंगली वैंकैया ने की थी। इसे १५ अगस्त १९४७ को अंग्रेजों से भारत की स्वतंत्रता के कुछ ही दिन पूर्व २२ जुलाई, १९४७ को आयोजित भारतीय संविधान-सभा की बैठक में अपनाया गया था। इसमें तीन समान चौड़ाई की क्षैतिज पट्टियाँ हैं, जिनमें सबसे ऊपर केसरिया रंग की पट्टी जो देश की ताकत और साहस को दर्शाती है, बीच में श्वेत पट्टी धर्म चक्र के साथ शांति और सत्य का संकेत है ओर नीचे गहरे हरे रंग की पट्टी देश के शुभ, विकास और उर्वरता को दर्शाती है। ध्वज की लम्बाई एवं चौड़ाई का अनुपात ३:२ है। सफेद पट्टी के मध्य में गहरे नीले रंग का एक चक्र है जिसमें २४ आरे (तीलियां) होते हैं। यह इस बात प्रतीक है भारत निरंतर प्रगतिशील है| 

क्या है हर घर तिरंगा अभियान?

आजादी का अमृत महोत्सव के अंतर्गत भारत की आजादी के 75 साल पूरे होने के जश्न के रूप में हर घर तिरंगा का आयोजन किया गया है। 22 जुलाई 2022, को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हर घर तिरंगा अभियान की घोषणा की। हर घर तिरंगा अभियान के तहत 13 -15 अगस्त 2022 तक सभी देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस के दौरान अपने घरों में तिरंगा फहराने के लिए प्रेरित किया जाएगा। भारतीय राष्ट्रीय ध्वज पूरे राष्ट्र के लिए राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक है, और राष्ट्र के लोगों को ध्वज का पूरा सम्मान करना चाहिए। "हर घर तिरंगा अभियान जनता को अपने घरों में राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए प्रेरित करेगा। पहल के पीछे का विचार लोगों के दिलों में देशभक्ति की भावना को जगाना है,"। आप पोस्ट ऑफिस से सिर्फ 25 रुपये में झंडा मंगा सकते हैं और इसके लिये आपको कोई डिलीवरी चार्ज भी नहीं देना होगा। लोग वर्चुअल रूप से भी इस अभियान में हिस्सा ले सकते हैं। इस अभियान में भाग लेने के लिए एक विशेष वेबसाइट भी शुरू की गई है।

हर घर तिरंगा अभियान का उद्देश्य

हर घर तिरंगा अभियान का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय ध्वज के साथ हमारे संबंध को गहरा करना है। पहले झंडे का इस्तेमाल केवल संस्थागत कार्यों और औपचारिक अवसरों के लिए किया जाता था। घरों और संस्थानों में झंडा फहराने से लोग व्यक्तिगत स्तर पर झंडे से जुड़ सकेंगे। यह अभियान लोगों को हमारे राष्ट्रीय झंडे के महत्व के बारे में जागरूक करने में मदद करेगा।

इस उत्सव को सभी स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि के रूप में भी देखा जा सकता है। हर घर तिरंगा अभियान भारत के नागरिकों के बीच देशभक्ति और राष्ट्रवाद को बढ़ाने में मदद करेगा। यह एक राष्ट्र के रूप में हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाने का भी एक अच्छा तरीका है। परिणामस्वरूप, हमारा हमारे राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान बढ़ेगा। साथ ही, यह अभियान भारतीय नागरिकों को राष्ट्र के प्रति उनकी जिम्मेदारियों की याद दिलाएगा।

निष्कर्ष

भारत को आजादी मिलने के बाद पिछले 75 वर्षों में देश ने हर क्षेत्र में जबरदस्त प्रगति की है। हमारे देश ने ऊपर सूचीबद्ध क्षेत्रों के अलावा विज्ञान और प्रौद्योगिकी, चिकित्सा विज्ञान और कई अन्य क्षेत्रों में भारी प्रगति की है। अब हम अपने विकास के बहुत अच्छे बिंदु पर हैं और इसे मनाने का यह बहुत अच्छा समय है। इस प्रकार, आजादी का अमृत महोत्सव का उत्सव कुछ ऐसा है जिसमें प्रत्येक भारतीय नागरिक को भाग लेना चाहिए और इस पर बहुत गर्व होना चाहिए। एक भारतीय के रूप में इस देश और उत्सव का हिस्सा होने से ज्यादा गर्व की कोई बात नहीं है।

मुझे आशा है कि ऊपर दिया गया हर घर तिरंगा अभियान पर निबंध इस अभियान के विभिन्न पहलुओं को समझने में सहायक होगा।

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10 Lines on Har Ghar Tiranga in Hindi : इस निबंध में हम आपको हर घर तिरंगा पर 10 वाक्य का निबंध दे रहे हैं जिसको पढ़कर विद्यार्थी Har Ghar Tiranga पर 10 लाइन / 10 lines on Har Ghar Tiranga in Hindi आसानी से लिख सकेंगे। हर घर तिरंगा अभियान का आयोजन 'आजादी का अमृत महोत्सव' के अंतर्गत किया गया है। भारत सरकार ने आजादी की 75वीं वर्षगांठ पर हर घर तिरंगा अभियान का आवाहन किया।

10 Lines on Har Ghar Tiranga in Hindi - हर घर तिरंगा पर 10 वाक्य का निबंध

10 Lines on Har Ghar Tiranga in Hindi

  • हर घर तिरंगा भारत सरकार द्वारा प्रस्तावित एक अभियान है।
  • हर घर तिरंगा अभियान का आयोजन 'आजादी का अमृत महोत्सव' के अंतर्गत किया गया है।
  • भारत सरकार ने आजादी की 75वीं वर्षगांठ पर हर घर तिरंगा अभियान का आवाहन किया।
  • 22 जुलाई 2022, को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हर घर तिरंगा अभियान की घोषणा की। 
  • हर घर तिरंगा अभियान में 13 अगस्त से 15 अगस्त के बीच अपने घरों में तिरंगा झंडा फहरा सकते है।
  • हर घर तिरंगा अभियान का उद्देश्य भारतीय राष्ट्रीय ध्वज के बारे में जागरूकता को बढ़ावा देना है।
  • हर घर तिरंगा अभियान राष्ट्रीय ध्वज के साथ हमारे व्यक्तिगत संबंध को गहरा करेगा। 
  • 'हर घर तिरंगा' अभियान लोगों में देशभक्ति की भावना को बढ़ाएगा। 
  • 'हर घर तिरंगा' अभियान के तहत लोग ऑनलाइन या डाकघर से झंडा खरीद सकते हैं। 
  • 'हर घर तिरंगा' अभियान सभी देशवासी ऐप द्वारा वर्चुअल रूप से भी भाग ले सकते हैं।

10 Lines on Har Ghar Tiranga in Hindi - हर घर तिरंगा पर 10 वाक्य का निबंध
Har Ghar Tiranga par 10 Vakya – Set 2

  • हर घर तिरंगा अभियान केंद्र सरकार द्वारा 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित किया गया है।
  • पीएम के अनुरास हर घर तिरंगा अभियान से राष्ट्रीय ध्वज से हमारा लगाव और गहरा होगा।
  • हर घर तिरंगा सिर्फ एक अभियान ही नहीं बल्कि देश की एकता को संगठित करने का माध्यम है। 
  • हर घर तिरंगा अभियान हमारे स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित करने का एक अवसर है। 
  • घर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराना देश के प्रति हमारी देशभक्ति को प्रदर्शित करेगा।
  • हर घर तिरंगा अभियान देशवासियों के दिल में को देश के प्रति राष्ट्रभावना को जागृत करेगा।
  • हर घर तिरंगा अभियान अभियान के तहत 15 अगस्त को कई प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।
  • 8) प्रतियोगिता के प्रत्येक विजेता को ट्राफियां, नकद पुरस्कार और प्रमाण पत्र दिए जायेंगे।
  • हर घर तिरंगा अभियान के अंतर्गत प्रतिभागी MyGov के माध्यम से ई-प्रमाण पत्र प्राप्त कर सकते हैं।
  • हर घर तिरंगा अभियान के लिए सरकार द्वारा एक वेबसाइट "harghartiranga.com" बनायी गई है।

हर घर तिरंगा पर 10 वाक्य का निबंध – Set 3

  • हर घर तिरंगा आजादी का अमृत महोत्सव के तहत शुरू किया गया एक अभियान है।
  • हर घर तिरंगा अभियान भारत के 75वें स्वतंत्रता दिवस के जश्न में आयोजित किया गया अभियान है। 
  • प्रधानमंत्री मोदी ने 22 जुलाई 2022 (राष्ट्रीय ध्वज दिवस) पर हर घर तिरंगा अभियान की घोषणा की।
  • हर घर तिरंगा अभियान का उद्देश्य पूरे देश में भारतीयों को राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए प्रेरित करना है।
  • हर घर तिरंगा अभियान सभी से 13 से 15 अगस्त के दौरान घरों पर तिरंगा  फहराने का अनुरोध करता है। 
  • हर घर तिरंगा अभियान देशवासियों को तिरंगे झंडे की गौरवगाथा और सम्मान से परिचित करता है। 
  • हर घर तिरंगा अभियान के अंतर्गत सभी प्रतिभागियों को एक डिजिटल सर्टिफिकेट दिया जाता है। 
  • सरकार द्वारा हर घर तिरंगा अभियान द्वारा 20 करोड़ घरों में तिरंगा लहराने का निश्चय किया गया है। 
  • हर घर तिरंगा अभियान से जुड़ी प्रत्येक जानकारी को harghartiranga.com लांच भी किया गया है। 
  • राष्ट्रीय अखंडता के प्रतीक के रूप में, हर घर तिरंगा अभियान लोगों एकजुट करता है।

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Saturday, 13 August 2022

10 Lines on 15 August in Hindi - स्वतंत्रता दिवस पर 10 लाइन

10 Lines on 15 August in Hindi - स्वतंत्रता दिवस पर 10 लाइन

10 Lines on 15 August in Hindi : इस निबंध में हम आपको 15 अगस्त पर 10 वाक्य का निबंध दे रहे हैं जिसको पढ़कर विद्यार्थी स्वतंत्रता दिवस पर 10 लाइन / 10 lines on Independence Day in Hindi आसानी से लिख सकेंगे। भारत का स्वतंत्रता दिवस हर वर्ष १५ अगस्त को मनाया जाता है। सन् 1947 में इसी दिन भारत के निवासियों ने ब्रिटिश शासन से स्‍वतंत्रता प्राप्त की थी। यह भारत का राष्ट्रीय त्यौहार है।

10 Lines on 15 August in Hindi - स्वतंत्रता दिवस पर 10 लाइन

10 Lines on 15 August in Hindi

  • 15 अगस्त को भारत के स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाया जाता है।
  • 15 अगस्त वर्ष 1947 को भारत को आजादी मिली थी।
  • 15 अगस्त को देश स्वतंत्रता सैनानियों को याद किया जाता है।
  • 15 अगस्त की पूर्वसंध्या पर भारत के राष्ट्रपति "राष्ट्र के नाम संबोधन" देते हैं।
  • 15 अगस्त के दिन भारत के प्रधानमंत्री लाल किले पर तिरंगा झंडा फहराते है।
  • 15 अगस्त के दिन सभी प्रकार के सरकारी और गैरसरकारी संस्थान बंद रहते है।
  • 15 अगस्त को स्कूलों में विभिन्न सांस्कृतिक आयोजन किये जाते हैं व जुलूस निकाले जाते हैं।
  • 15 अगस्त को हर जगह तिरंगा ही फहराता दिखाई देता है और कानों में राष्ट्रगान की आवाज़। 
  • 15 अगस्त के अवसर पर बहुत से राज्यों में लोग पतंग उड़ा कर भी ख़ुशी मनाते है।
  • 15 अगस्त का राष्ट्रीय पर्व हमें देश की एकता और गौरव को बनाये रखने की प्रेरणा देता है। 

स्वतंत्रता दिवस पर 10 लाइन

  • भारत का स्वतंत्रता दिवस प्रतिवर्ष 15 अगस्त को मनाया जाता है।
  • 15 अगस्त 1947 को भारत ब्रिटिश की गुलामी से स्वतंत्र हुआ था। 
  • स्वतंत्रता दिवस के दिन प्रधानमन्त्री लालकिले से सभी देशवासियों का अभिनन्दन करते हैं। 
  • स्वतंत्रता दिवस के दिन प्रत्येक राज्य में वहाँ के मुख्यमंत्री ध्वजारोहण करते हैं। 
  • स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले में तिरंगा झंडा फहराया जाता है, जिसे 21 तोपों की सलामी दी जाती है। 
  • स्वतंत्रता दिवस के दिन सभी देशवासी देश के लिए कुर्बान क्रांतिकारियों को याद करते हैं। 
  • स्वतंत्रता दिवस पर टेलीविजन और रेडियो चैनलों देशभक्ति के गीत प्रसारित किए जाते हैं।
  • स्वतंत्रता दिवस को भारत का राजकीय अवकाश होता है इसलिए सभी जगह छुट्टी होती है। 
  • भारतीय स्वतंत्रता दिवस को अपने घरों पर राष्ट्रीय ध्वज प्रदर्शित कर इस उत्सव को मनाते हैं 
  • स्वतंत्रता दिवस के दिन विद्यालयों, सरकारी कार्यालयों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाता है। 

10 Lines on Wildlife Conservation in Hindi - वन्यजीव संरक्षण पर 10 वाक्य का निबंध

10 Lines on Wildlife Conservation in Hindi - वन्यजीव संरक्षण पर 10 वाक्य का निबंध

Few Lines on Wildlife Conservation in Hindi : इस निबंध में हम आपको वन्यजीव संरक्षण पर 10 वाक्य का निबंध दे रहे हैं जिसको पढ़कर विद्यार्थी 10 lines on Wildlife Conservation in Hindi वन्यजीव संरक्षण कर अर्थ है विलुप्त होते वन्य जीवों की प्रजातियों को संरक्षित करना।

10 Lines on Wildlife Conservation in Hindi - वन्यजीव संरक्षण पर 10 वाक्य का निबंध

10 Lines on Wildlife Conservation in Hindi

  • वन्यजीव संरक्षण कर अर्थ है विलुप्त होते वन्य जीवों की प्रजातियों को संरक्षित करना। 
  • भारत में वन्यजीव सप्ताह का आयोजन प्रतिवर्ष 2 अक्टूबर से 8 अक्टूबर के बीच होता है। 
  • वन्यजीव सप्ताह का विषय संकटग्रस्त वन्यजीवों के संरक्षण को बढ़ावा देना है। 
  • लोगों को वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूक बनाने के लिए कई कार्यशालाएं आयोजित की जाती हैं। 
  • ये कार्यशालाएं वन्यजीव संरक्षण के जटिल पहलुओं को समझने में मदद करती हैं। 
  • वन्यजीवों के विलुप्त होने का मुख्या कारण मानव बस्तियों का प्रसार और शहरीकरण है। 
  • वनों की अंधाधुंध कटाई के कारण वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास तेजी से नष्ट हो जाता है। 
  • आवास की कमी के कारण कई वन्य जीव भूख से मर जाते हैं तो कुछ का शिकार हो जाता है। 
  • वन्यजीवों के विलुप्त होने का एक बड़ा कारण बढ़ता प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन भी है। 
  • भारत में वन्य जीव संरक्षण के लिए राष्ट्रीय उद्यानों व अभयारण्यों के स्थापना की गयी है। 
  • भारत में सर्वाधिक वन्य जीव अभयारण्य अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह में है। 

10 Lines on Water in Hindi - जल या पानी पर 10 वाक्य का निबंध

10 Lines on Water in Hindi - जल या पानी पर 10 वाक्य का निबंध

Few Lines on Water in Hindi : इस निबंध में हम आपको जल या पानी पर 10 वाक्य का निबंध दे रहे हैं जिसको पढ़कर विद्यार्थी 10 lines on Water in Hindi आसानी से लिख सकेंगे। जल हमारी पृथ्वी के लगभग 71 प्रतिशत भाग में पाया जाता है।

10 Lines on Water in Hindi - जल या पानी पर 10 वाक्य का निबंध

10 Lines on Water in Hindi

  • जल या पानी पृथ्वी पर सभी जीवों के लिए आवश्यक तत्व है। 
  • जल हमारी पृथ्वी के लगभग 71 प्रतिशत भाग में पाया जाता है।
  • जल का निर्माण दो हाइड्रोजन और एक ऑक्सीजन परमाणु से होता है। 
  • जल या पानी एक पेय पदार्थ है जिसका रासायनिक सूत्र - H2O होता है। 
  • जल एक रंगहीन, स्वादहीन, गंधहीन और विलेय तरल पदार्थ है। 
  • पृथ्वी पर पाए जाने वाले कुल जल का 97 % भाग महासागरों में पाया जाता है। 
  • शेष 3% जल ध्रुवीय प्रदेशों में, नदियों और तालाबों में पाया जाता है। 
  • जल लगातार एक चक्र में घूमता रहता है जिसे जलचक्र कहते है। 
  • साफ और ताजा पेयजल मानवीय और अन्य जीवन के लिए आवश्यक है। 
  • मनुष्य जल का उपयोग पीने में, कृषि कार्यों में और बिजली बनाने में करता है। 

Jal par 10 Line Hindi Mein

  • जल मानव जीवन के लिये बहुत महत्वपूर्ण है इसलिए कहा गया है कि जल ही जीवन है।
  • जल सामान्य तापमान और दबाव में एक फीका, बिना गंध वाला तरल है। 
  • बारिश के जल को पानी का सबसे शुद्ध रूप माना जाता है। 
  • पानी तीनो अवस्थाओं में अर्थात जल, बर्फ, भाप के रूप में पाया जाता हैं। 
  • हमारे पृथ्वी का 71 प्रतिशत भाग जल है जिसमे 97 % खारा जल तथा 3% मीठा जल है।
  • जल की जरुरत सभी जीव-जंतुओं, पेड़-पौधों व वनस्पतियों को होती हैं।
  • जल के अनुपस्तिथि में धरती से सभी जीव-जंतु और वनस्पति नष्ट हो जाएंगे।
  • जल एक मूल्यवान प्राकृतिक संसाधन है जिसका विवेकपूर्ण उपयोग किया जाना चाहिए।
  • पृथ्वी पर जल विभिन्न स्रोतों जैसे बारिश, नदियों, झीलों और कुओं, आदि से मिलता है।
  • मनुष्य पानी का प्रयोग खाना पकाने, पीने, सिंचाई करने और अन्य उद्देश्यों के लिए करता है।

Friday, 12 August 2022

10 Lines on Valmiki in Hindi / महर्षि वाल्मीकि पर 10 वाक्य का निबंध

10 Lines on Valmiki in Hindi / महर्षि वाल्मीकि पर 10 वाक्य का निबंध

Few Lines on Maharshi Valmiki in Hindi : इस निबंध में हम आपको महर्षि वाल्मीकि पर 10 वाक्य का निबंध दे रहे हैं जिसको पढ़कर विद्यार्थी 10 lines on Maharshi Valmiki in Hindi आसानी से लिख सकेंगे।वाल्मीकि, संस्कृत रामायण के प्रसिद्ध रचयिता हैं जो आदिकवि के रूप में प्रसिद्ध हैं।

10 Lines on Valmiki in Hindi / महर्षि वाल्मीकि पर 10 वाक्य का निबंध

5 Lines on Maharshi Valmiki in Hindi

(1) वाल्मीकि जी का जन्म आश्विन मास की पूर्णिमा को हुआ था

(2) महर्षि वाल्मीकि के जन्मदिवस को हिन्दू धर्म में वाल्मीकि जयंती कहा जाता हैं

(3) महर्षि वाल्मीकि जयंती सामान्यतः अक्टूबर माह मे प्रतिवर्ष मनायी जाती है।

(4) वाल्मीकि जी साधु सन्यासी बनने से पहले डाकू रत्नाकर के नाम से कुख्यात थे।

(5) महर्षि वाल्मीकि अपने सुप्रसिद्ध महाकाव्य रामायण के लिए जाने जाते हैं। 

10 Lines on Maharshi Valmiki in Hindi

  • वाल्मीकि जी का जन्म आश्विन मास की पूर्णिमा को हुआ था
  • महर्षि वाल्मीकि के जन्मदिवस को हिन्दू धर्म में वाल्मीकि जयंती कहा जाता हैं
  • महर्षि वाल्मीकि जयंती सामान्यतः अक्टूबर माह मे प्रतिवर्ष मनायी जाती है।
  • महर्षि वाल्मीकि एक ऋषि और संस्कृत के महान कवि थे। 
  • वाल्मीकि जी साधु सन्यासी बनने से पहले डाकू रत्नाकर के नाम से कुख्यात थे।
  • महर्षि वाल्मीकि अपने सुप्रसिद्ध महाकाव्य रामायण के लिए जाने जाते हैं। 
  • प्रथम संस्कृत महाकाव्य की रचना करने के कारण वाल्मीकि आदिकवि कहलाये।
  • महर्षि वाल्मीकि द्वारा रचित रामायण में 24,000 श्लोक तथा सात खंड हैं।
  • रामायण ग्रन्थ में महर्षि वाल्मीकि ने प्रभु श्रीराम की कथा का वर्णन किया है। 
  • भगवान वाल्मीकि को "श्रीराम" के जीवन में घटित प्रत्येक घटना का पूर्ण ज्ञान था। 
  • महर्षि वाल्मीकि जयंती के दिन मंदिरों में रामायण का गुणगान किया जाता है।