Wednesday, 5 January 2022

राष्ट्रपति पर महाभियोग लगाने की प्रक्रिया का वर्णन कीजिए।

राष्ट्रपति पर महाभियोग लगाने की प्रक्रिया का उल्लेख कीजिए।

राष्ट्रपति पर महाभियोग की प्रक्रिया

राष्ट्रपति पर महाभियोग का प्रस्ताव संसद के किसी भी सदन में लाया जा सकता है, लेकिन इस प्रस्ताव पर सदन के कम से कम 1/4 सदस्यों के हस्ताक्षर होना आवश्यक हैं तथा इसकी सूचना 14 दिन पूर्व राष्ट्रपति को देना आवश्यक है। प्रस्ताव जिस सदन में लाया जायेगा, उसके 2/3 बहुमत से उसे पारित होना चाहिए। प्रथम सदन द्वारा पारित प्रस्ताव को द्वितीय सदन को भेजा जाता है, जो इसकी जांच एवं कार्यवाही करता है। इस जांच के समय राष्ट्रपति स्वयं या अपने किसी प्रतिनिधि के माध्यम से बचाव करता है। यदि दूसरा सदन भी प्रथम सदन द्वारा लगाये गये आरोपों को सही पाकर अपने 2/3 बहुमत से प्रस्ताव को पारित कर देता है, तो महाभियोग का प्रस्ताव पारित माना जाता है और राष्ट्रपति को उसके पद से हटा दिया जाता है।

सम्बंधित प्रश्न :

  1. भारत के राष्ट्रपति की निर्वाचन प्रक्रिया का वर्णन कीजिए।
  2. उपराष्ट्रपति के कार्य एवं शक्तियों का वर्णन कीजिए।
  3. राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के बीच संबंध पर चर्चा करें
  4. अनुच्छेद 352 का वर्णन कीजिये तथा इसके प्रावधानों का उल्लेख कीजिये।
  5. मंत्रिपरिषद में प्रधानमंत्री की विशिष्ट स्थिति पर टिप्पणी कीजिए।
  6. भारत में प्रधानमन्त्री के शक्तियों में वृद्धि के कारणों का उल्लेख कीजिए। 
  7. प्रधानमन्त्री की शक्ति, स्थिति एवं प्रमुख कार्य तथा उसकी भूमिका की समीक्षा कीजिए।
  8. प्रधानमंत्री वास्तविक कार्यपालक के रूप में टिप्पणी लिखिए।
  9. धन विधेयक और वित्त विधेयक में क्या अंतर है? स्पष्ट कीजिए।
  10. वित्त विधेयक के सम्बन्ध में लोकसभा के क्या विशेषाधिकार हैं?
  11. संसद की अवमानना से आप क्या समझते हैं?
  12. अधीनस्थ विधायन क्या है ? अधीनस्थ-प्रत्यायोजित विधायन से आप क्या समझते हैं ?
  13. लोकसभा का गठन एवं शक्तियों एवं लोकसभा के कार्यकाल की विवेचना कीजिए।
  14. संसद और उसके सदस्यों के विशेषाधिकारों और उन्मुक्तियों की व्याख्या करें।
  15. राज्यसभा के मुख्य पदाधिकारी कौन कौन होते हैं?

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