Sunday, 9 January 2022

लोकसभा का गठन एवं शक्तियों एवं लोकसभा के कार्यकाल की विवेचना कीजिए।

लोकसभा का गठन एवं शक्तियों एवं लोकसभा के कार्यकाल की विवेचना कीजिए।

सम्बन्धित लघु उत्तरीय प्रश्न

  1. लोकसभा का गठन किस प्रकार होता है ?
  2. लोकसभा का कार्यकाल बताइये।
  3. लोकसभा सदस्यों की क्या योग्यतायें निर्धारित हैं ?
  4. लोकसभा का निर्वाचन किस प्रकार होता है ?
  5. लोकसभा की रचना तथा शक्तियों का वर्णन कीजिये।
  6. लोकसभा की विधायी शक्तियों पर टिप्पणी कीजिए।
  7. लोकसभा की शक्तियों पर प्रकाश डालिए।
  8. लोकसभा की वित्तीय शक्तियों का वर्णन कीजिए।
  9. लोकसभा की संविधान संशोधन शक्ति संक्षेप में बतायें।
  10. लोकसभा द्वारा कौन-कौन से विविध कार्य किये जाते हैं ?

लोकसभा की संरचना

भारतीय संसद के निम्न सदन को लोकसभा (लोद प्रिय सदन) कहा जाता है। संविधान के अनुच्छेद 81 के अनुसार लोकसभा की अधिकतम सदस्य संख्या 552 हो सकती है, जिसमें 530 सदस्य राज्यों से तथा 20 सदस्य संघ शासित क्षेत्रों से तथा 2 सदस्य आंग्ल भारतीय समुदाय के राष्ट्रपति के मनोनयन द्वारा। 1971 की जनगणना के आधार पर लोकसभा की सदस्य संख्या 545 (530 राज्य प्रतिनिधि, 13 संघ क्षेत्र प्रतिनिधि व 2 आंग्ल भारतीय) निर्धारित की गयी थी। 42वें संविधान संशोधन, 1976 द्वारा यह व्यवस्था की गयी थी कि सन् 2001 तक लोकसभा की सदस्य संख्या 545 ही रहेगी।

अगस्त 2001 में संसद द्वारा पारित 91वें संविधान संशोधन विधेयक के अनुसार लोकसभा एवं विधानसभाओं की सीटों की संख्या में सन् 2026 तक कोई बदलाव नहीं होगा।

लोकसभा का कार्यकाल

सामान्यतः लोकसभा का कार्यकाल अपने प्रथम अधिवेशन की तिथि से पाँच वर्ष के लिए होता है लेकिन प्रधानमंत्री की सलाह पर राष्ट्रपति इसे पाँच वर्ष के पूर्व भी विघटित कर सकता है। किसी विशेष परिस्थिति में जैसे - आपात उद्घोषणा के प्रवर्तन में रहने की स्थिति में लोकसभा के कार्यकाल में 1 वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है अर्थात् आपात उद्घोषणा के प्रवर्तन में रहने की स्थिति में हो कार्यकाल 6 वर्ष तक हो सकता है जैसे कि पांचवीं लोकसभा का कार्यकाल लगभग 6 वर्ष का था।

लोकसभा सदस्यों की योग्यतायें

लोकसभा की सदस्यता प्राप्त करने के लिए व्यक्ति में निम्नलिखित योग्यतायें होनी चाहिए

  1. वह भारत का नागरिक होना चाहिए,
  2. उसकी आयु 25 वर्ष से कम नहीं होनी चाहिए,
  3. वह भारत सरकार या किसी राज्य सरकार के अधीन लाभ के पद पर न हो,
  4. वह पागल या दिवालिया नहीं होना चाहिए,
  5. संसद द्वारा पारित किसी कानून के अधीन अयोग्य न घोषित किया गया हो।

लोकसभा सदस्यों का निर्वाचन

लोकसभा सदस्यों का चुनाव प्रत्यक्ष रूप से जनता द्वारा वयस्क मताधिकार के आधार पर क्या जाता है। लोकसभा चुनाव में निर्वाचन क्षेत्र एक सदस्यीय होते हैं तथा सर्वाधिक मत प्राप्त करने वाला प्रत्याशी निर्वाचित घोषित किया जाता है एवं मतदान गुप्त होता है। पहले 21 वर्ष की आयु के प्रत्येक नागरिक को मताधिकार प्राप्त था, किन्तु 61वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1989 के बाद मताधिकार की आयु घटाकर, 18 वर्ष कर दी गयी।

लोकसभा के कार्य एवं शक्तियाँ

लोकसभा के कार्य एवं शक्तियाँ निम्न प्रकार हैं .

  1. विधायी शक्तियाँ
  2. कार्यपालिका शक्तियाँ
  3. वित्तीय शक्तियाँ
  4. संविधान संशोधन की शक्ति
  5. विविध शक्तियाँ

1. विधायी शक्तियाँ - लोकसभा का सर्वप्रमुख कार्य देश के लिए कानूनों का निर्माण करना है। विधि निर्माण के क्षेत्र में साधारण विधेयक लोकसभा या राज्य सभा किसी में भी प्रस्तावित किया जा सकता है, किन्तु धन विधेयकों के संबंध में लोकसभा को एकाधिकार प्राप्त है।

2. कार्यपालिका शक्तियाँ - लोकसभा को व्यापक कार्यपालिका शक्तियाँ प्राप्त हैं। भारत में संसदीय शासन व्यवस्था प्रचलित होने के कारण मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से लोकसभा के प्रति उत्तरदायी आती है। मंत्रिपरिषद के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव लोकसभा में ही लाया जा सकता है।

3. वित्तीय शक्तियाँ - लोकसभा की वित्तीय क्षेत्र में राज्य सभा की तुलना में व्यापक शक्तियाँ प्राप्त हैं। धन विधेयक एवं वित्त विधेयक लोकसभा में ही प्रस्तुत किये जाते हैं। लोकसभा अध्यक्ष ही यह निर्णय करता है कि कोई विधेयक धन या वित्त विधेयक है या नहीं।

4. संविधान संशोधन की शक्ति - संविधान संशोधन विधेयक लोकसभा या राज्य सभा, किसी में भी प्रस्तावित किये जा सकते हैं। एक सदन द्वारा पारित विधेयक दूसरे सदन द्वारा पारित किया जाना आवश्यक है क्योंकि संशोधन विधेयक पर दोनों सदनों की संयुक्त बैठक आयोजित नहीं की जा सकती।

5. विविध शक्तियाँ - लोकसभा अपनी विविध शक्तियों के अंतगत निम्नलिखित कार्य करती है

  1. लोकसभा राष्ट्रपति के चुनाव में भाग लेती है,
  2. राष्ट्रपति, उच्च एवं उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों पर महाभियोग लगाकर पदच्युत करती
  3. राष्ट्रपति द्वारा जारी आपात घोषणा का अनुमोदन करती है,
  4. राष्ट्रपति द्वारा जारी अध्यादेश का अनुमोदन करती है,
  5. उपराष्ट्रपति का चुनाव करती है,
  6. विभिन्न समितियों की नियुक्ति करती है,
  7. हस्तान्तरित विधेयक पर अनुमोदन करती है।

सम्बंधित प्रश्न :

  1. लोकसभा अध्यक्ष के कार्य एवं अधिकार संक्षेप में बतायें।
  2. राज्यसभा के मुख्य पदाधिकारी कौन कौन होते हैं?
  3. राज्य सभा के गैर संघीय तत्वों पर टिप्पणी कीजिए।
  4. क्या भारतीय संसद संप्रभु है समझाइए
  5. क्या भारतीय राष्ट्रपति 'रबर स्टैम्प' है ? पुष्टि कीजिए।
  6. संसद की समिति पद्धति पर टिप्पणी कीजिए।
  7. संसद की अवमानना से आप क्या समझते हैं?
  8. संसद और उसके सदस्यों के विशेषाधिकारों और उन्मुक्तियों की व्याख्या करें।
  9. अधीनस्थ विधायन क्या है ? अधीनस्थ-प्रत्यायोजित विधायन से आप क्या समझते हैं ?
  10. संघीय व्यवस्था के परिप्रेक्ष्य में राज्य सभा की प्रासंगिकता समझाइये।
  11. अनुच्छेद 352 का वर्णन कीजिये तथा इसके प्रावधानों का उल्लेख कीजिये।
  12. मंत्रिपरिषद में प्रधानमंत्री की विशिष्ट स्थिति पर टिप्पणी कीजिए।
  13. भारत में प्रधानमन्त्री के शक्तियों में वृद्धि के कारणों का उल्लेख कीजिए। 
  14. प्रधानमन्त्री की शक्ति, स्थिति एवं प्रमुख कार्य तथा उसकी भूमिका की समीक्षा कीजिए।
  15. राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के बीच संबंध पर चर्चा करें


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