राजनीति शास्त्र में वैज्ञानिक पद्धति के प्रयोग की सीमाएं बताइए।

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राजनीति शास्त्र में वैज्ञानिक पद्धति के प्रयोग की सीमाएं  बताइए।

वैज्ञानिक पद्धति के प्रयोग में कठिनाइयाँ - वैज्ञानिक पद्धति के राजनीतिक सिद्धान्तों के अध्ययन व प्रतिपादन में प्रयोग में निम्नांकित सीमाओं का उल्लेख किया जा सकता है .

राजनीति शास्त्र में वैज्ञानिक पद्धति की सीमाएं 

  1. राजनीतिक सिद्धान्त का सरोकर समाज से होता है और मानवीय संगठन होने के कारण इसे 'निर्जीव इकाई' मानकर एक ही पद्धति का प्रयोग सभी समाजों में नहीं किया जा सकता।
  2. राजनीतिक व्यवस्याओं में तमाम विविधताओं के कारण किसी सर्वमान्य वैज्ञानिक पद्धति के प्रयोग में बाधा आती है।
  3. वैज्ञानिक पद्धति के प्रयोग पर बल देने से राजनीतिक सिद्धान्त में मूल्य, नैतिकता व दर्शन की उपेक्षा होगी, जबकि यह भी उतने ही अनिवार्य हैं, जितनी की पद्धति की शुद्धता।
  4. वैज्ञानिक पद्धतियों के प्रयोग हेतु विशिष्ट जानकारी के साथ-साथ विशिष्ट सामाजिक, राजनीतिक व्यवस्था का होना भी आवश्यक है जबकि व्यावहारिकता में दोनों ही सन्दर्भो में काफी प्रतीत होती है। 

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