Friday, 14 January 2022

संविधान के अनुच्छेद 356 के संदर्भ में राज्य के राज्यपाल की क्या भूमिका है ?

संविधान के अनुच्छेद 356 के संदर्भ में राज्य के राज्यपाल की क्या भूमिका है ?

अनुच्छेद 356 के संदर्भ में राज्यपाल की भूमिका

केन्द्रीय सरकार के प्रतिनिधि के रूप में राज्यपाल का एक प्रमुख कार्य राज्य के प्रशासन के सम्बन्ध में समय-समय पर राष्ट्रपति को रिपोर्ट भेजना है, जिससे उसके द्वारा अपनी ओर से सुझाव भी दिये जाते हैं। राज्यपाल अपना पद ग्रहण करते समय संविधान की रक्षा करने की शपथ लेता है और इस दृष्टि से उसका सबसे प्रमुख कार्य यह देखना है कि राज्य सरकार संविधान के अनुसार कार्य कर रही है अथवा नहीं। यदि राज्य में संविधान के अनुसार कार्य नहीं हो रहा हैं तो राज्यपाल अनुच्छेद 356 के तहत राज्य में संवैधानिक तंत्र की विफलता के आधार राष्ट्रपति शासन लगाये जाने की सिफारिश राष्ट्रपति से कर सकता है। राज्यपाल राष्ट्रपति को इस प्रकार की रिपोर्ट स्वविवेक से ही भेजता है। इस सम्बन्ध में वह राज्य मंत्रिमण्डल की सलाह मानने के लिये बाध्य नहीं है।

राज्यपाल राष्ट्रपति शासन की अवधि में केन्द्र के अभिकर्ता (एजेण्ट) के रूप में प्रभावशाली भूमिका का निर्वाह करता है और वह राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में अपनी भूमिका का संचालन करता है। इस भूमिका में वह पूर्व की लोकप्रिय सरकार द्वारा लिये गये निर्णयों को बदलने या उनके क्रियान्वयन को रोकने की कार्यवाही कर सकता है। वह प्रशासन में भारी हेर-फेर कर सकता है।

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