Saturday, 15 January 2022

मंत्रिपरिषद तथा मुख्यमंत्री के बीच संबंध पर टिप्पणी लिखिए।

मंत्रिपरिषद तथा मुख्यमंत्री के बीच संबंध पर टिप्पणी लिखिए।

मंत्रिपरिषद तथा मुख्यमंत्री के संबंध

मंत्रिपरिषद का प्रावधान भारतीय संविधान के अनुच्छेद (163) के अनुसार राज्य विधानसभा के चुनाव के बाद राज्यपाल द्वारा मुख्यमंत्री के परामर्श से किया जाता है राज्य विधानसभा के निर्वाचन के उपरान्त राज्य का राज्यपाल बहुमत दल या समूह के नेता को मुख्यमंत्री पद के लिए आमन्त्रित करता है और उससे अपेक्षा करता है कि वह अपनी सरकार बनाकर शासन चलाए सरकार के कामकाज एवं शासन की नीतियों के निर्माण एवं क्रियान्वयन के लिए मुख्यमंत्री को एक मंत्रिपरिषद की आवश्यकता होती है।

किन्तु वर्तमान राजनीतिक अनिश्चितता एवं अस्थिरता की स्थिति में इन सम्बन्धों को नया आयाम मिला है जिसके चलते मुख्यमंत्री तथा मंत्रिपरिषद के बीच सम्बन्धों के नए एवं जटिल परिणाम देखने को मिलते हैं। एक से अधिक दलों से मिलकर बनी सरकार की मंत्रिपरिषद के किसी एक मंत्री के मुख्यमंत्री से मतभेद का मतलब उस मंत्री के दल से मतभेद होता है।

सम्बंधित लेख :


SHARE THIS

Author:

I am writing to express my concern over the Hindi Language. I have iven my views and thoughts about Hindi Language. Hindivyakran.com contains a large number of hindi litracy articles.

0 Comments: