Saturday, 19 March 2022

नगरों की अवधारणा बताइये तथा भारतीय नगरों का वर्गीकरण कीजिए।

नगरों की अवधारणा बताइये तथा भारतीय नगरों का वर्गीकरण कीजिए।

    नगर की अवधारणा

    नगरों की अवधारणा को परिभाषित करते हुए कुछ प्रमुख विद्वानों ने लिखा है कि -

    "नगर एक ऐसी संस्था है जहाँ के अधिकतर निवासी कृषि कार्य के अतिरिक्त अन्य उद्योगों में व्यस्त हैं। - बर्गेल

    "नगर स्पष्ट अर्थों में एक भौगोलिक संरचना है, एक आर्थिक संगठन और एक संस्थापक प्रक्रिया, सामाजिक प्रक्रियाओं का मंच तथा सामूहिक एकता का एक सौंदर्यात्मक प्रतीक है।' - ममफोर्ड 

    जनसँख्या के आधार पर नगर का वर्गीकरण

    बिंदु नगरजनसंख्या
    1छोटे कस्बे5,000 से 10,000 तक
    2कस्बे10,000 से 20,000 तक
    3विशाल20,000 से 50,000 तक
    4नगर50,000 से 10,00,000 तक
    5महानगर1,00,000 से 10,00,000 तक
    6मेट्रोपालिटन नगर10,00,000 से 1,00,00,000 तक
    7प्रोमिनेण्ट नगर(देश का सबसे विशाल नगर)

    भारतीय नगरों के प्रकार (Bhartiya Nagar ke Prakar)

    1. व्यापारिक एवं वाणिज्यिक नगरीय केन्द्र या नगर
    2. उत्पादन तथा औद्योगिक नगरीय केन्द्र या नगर
    3. धार्मिक नगरीय केन्द्र या नगर 
    4. प्रशासनिक नगरीय केन्द्र
    5. सांस्कृतिक नगरीय केन्द्र या नगर 

    1. व्यापारिक एवं वाणिज्यिक नगरीय केन्द्र या नगर - इस प्रकार के नगरीय केन्द्रों में वे नगर आते हैं, जहाँ अत्यधिक व्यापार एंव व्यवसाय होता है। व्यवसायों की बहलता वाले इन व्यापारिक नगराय केन्द्रों में कोलकाता, मुम्बई, चेन्नई, रायपुर, आगरा, वाराणसी आदि प्रमुख है।

    2. उत्पादन तथा औद्योगिक नगरीय केन्द्र या नगर - वर्तमान समय में अनेको औद्योगिक और उत्पादन केन्द्रों की स्थापना हो रही है तथा विभिन्न दत्तओं का उत्पादन हो रहा है। खाद्य पदार्थ, वस्त्र, कोयला एवं इस्पात का उत्पादन बड़े पैमाने पर हो रहा है। इन उत्पादन और औद्योगिक नगरो मे भिलाई, अहमदाबाद, टाटानगर, बरेली, मैसूर, कानपुर, पन्ना, दुर्गापुर, कोलार आदि प्रमुख हैं।

    3. धार्मिक नगरीय केन्द्र या नगर -"भारत की जनता सदा धर्म को मानने वाली रही है इसीलिए प्रमुख धार्मिक स्थल वर्तमान में विशाल नगरीय केन्द्र या नगर बन चुके हैं। ऐसे धार्मिक नगरों में तीर्थराज प्रयाग (इलाहाबाद), हरिद्वार, मथुरा, पुष्कर अवन्तिकापुरी (उज्ज़ेन) आदि प्रमुख धार्मिक नगरीय केन्द्र हैं।

    4. प्रशासनिक नगरीय केन्द्र - जिन नगरों से प्रशासन सम्बन्धी कार्य किये जाते हैं तथा जो राजधानी का पद प्राप्त कर चुके हैं वे प्रशासन नगरीय कहे जाते हैं, जैसे - भोपाल, चण्डीगढ़, लखनऊ, पटना आदि नगर प्रमुख हैं।

    5. सांस्कृतिक नगरीय केन्द्र या नगर - ये केन्द्र ऐतिहासिक दृष्टि से अत्यन्त महत्वपूर्ण हैं। इनमें भारतीय कला के दर्शन होते हैं। इनमें आगरा, वाराणसी, फतेपुरसीकरी, सांची एवं गय. आदि प्रमुख हैं।

    सम्बंधित प्रश्न :

    1. गांव और कस्बा में क्या अंतर हैं?
    2. कस्बा किसे कहते हैं ? इसके प्रकार एवं विशेषताओं को बताइए।
    3. भारतीय समाज पर संक्षिप्त नोट लिखें।
    4. गांव का वर्गीकरण कीजिए अथवा गांव के प्रकार बताइये।
    5. कृषक ग्राम क्या है ? कृषक ग्राम की परिभाषा बताइये।
    6. भारतीय ग्रामीण समाज की विशेषताएं लिखिये।
    7. गाँव का अर्थ, परिभाषा, प्रकार एवं विशेषताएं
    8. गांव को एक जीवन विधि क्यों कहा जाता है व्याख्या कीजिए।
    9. नगरीकरण का अर्थ, परिभाषा, विशेषताएं बताइए

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