Saturday, 19 March 2022

नगरीकरण का अर्थ, परिभाषा, विशेषताएं बताइए तथा भारतीय नगरीकरण की समस्याओं का वर्णन कीजिए।

नगरीकरण का अर्थ, परिभाषा, विशेषताएं बताइए तथा भारतीय नगरीकरण की समस्याओं का वर्णन कीजिए।

    प्रश्न 1. नगरीकरण से आप क्या समझते हैं ?

    नगरीकरण का अर्थ एवं परिभाषा

    नगरीकरण शब्द की उत्पत्ति नगर से हुई है। नगर और नगरीकरण की प्रक्रिया आपस में सम्बन्धित है, संक्षेप में ग्रामों को नगरों में परिवर्तित करने वाली प्रक्रिया नगरीकरण कहलाती है। दूसरे शब्दों में यह कहा जा सकता है कि जब छोटे-छोटे कस्बे नगरों में परिवर्तित होने लगते हैं, और ग्रामीण क्षेत्रों के लोग इन नगरों में जाकर बसने लगते हैं तो विकास की यह प्रक्रिया नगरीकरण कहलाती है। नगरीकरण को कुछ प्रमुख विद्वानों ने निम्न प्रकार परिभाषित किया है:-

    गाँव से लोगों का शहरों की ओर अग्रसर होना तथा अपने मुख्य पेशे कृषि से अलग होना नगरीकरण कहलाता है। - गुप्ता और क्यागी 

    ग्रामीण क्षेत्रों का नगरीय क्षेत्रों में परिवर्तित होने की प्रक्रिया को ही हम नगरीकरण कह सकते - बर्गेल 

    प्रश्न 2. नगरीकरण की प्रमुख विशेषताएँ बताइए।

    नगरीकरण की प्रमुख विशेषताएँ

    1. नगरीकरण ग्रामीण जनसंख्या में कमी व नगरों की जनसंख्या में वृद्धि करने वाली प्रक्रिया है। 
    2. नगरीयकरण की प्रक्रिया ग्रामीण व नगर दोनों क्षेत्रों से सम्बन्धित होती है।
    3. नगरीयकरण की प्रक्रिया निरन्तर गतिशील रहती है, जिसके कारण ग्रामों की जनसंख्या का हस्तान्तरण नगरों की जनसंख्या में होता रहता है।
    4. नगरीयकरण की प्रक्रिया ने व्यक्तिवादी विचारधारा को प्रोत्साहन दिया है।
    5. नगरीयकरण की प्रक्रिया एक समुदाय या ग्रामीण समुदाय में नगरीय विशेषताओं व गणों का समावेश होता है। 

    प्रश्न 3. भारतीय नगरों और नगरीकरण की समस्याओं का वर्णन कीजिए।

    भारतीय नगरों और नगरीकरण की समस्याएं

    1. अत्यधिक जनसंख्या व अत्यधिक भीड़
    2. रोटी, कपड़ा और मकान की समस्या
    3. गन्दी बस्तियाँ और अस्वस्थता की समस्याएँ
    4. बेरोजगारी एवं निर्धनता की समस्या
    5. मनोरंजन की समस्याएँ

    1. अत्यधिक जनसंख्या व अत्यधिक भीड़ - नगरीकरण की प्रक्रिया के कारण गामों अत्यधिक जनसंख्या नगरों में बसती जा रही है, परिणामस्वरूप नगरों में जनाधिक्य की समस्या उत्पन्न हो गयी है और इसी कारण भीड़-भाड़ की समस्या भी उत्पन्न हई है।

    2. रोटी, कपड़ा और मकान की समस्या - नगरीकरण की प्रक्रिया के कारण नगरों में जनाधिक्य की समस्या उत्पन्न हुई जिसके कारण रोटी, कपड़ा और मकान की समस्या उत्पन्न हो गयी। नगरों की अधिकांश जनसंख्या को न तो भर पेट भोजन मिल पाता है और न ही रहने को मकान और पहनने को वस्त्र।

    3. गन्दी बस्तियाँ और अस्वस्थता की समस्याएँ - नगरों में जनाधिक्य होता है, जिससे गन्दी बस्तियों का निर्माण होता है, परिणामस्वरूप लोगों में अस्वस्थता फैलती है।

    4. बेरोजगारी एवं निर्धनता की समस्या - नगरों में जनसंख्या अधिक होती है किन्तु रोजगार सीमित | नगरों में प्रत्येक व्यक्ति धन कमाने के उद्देश्य से आता है, किन्तु सभी को काम नहीं मिलता है। अतः बेरोजगारी में वृद्धि होती है, फलस्वरूप निर्धनता में वृद्धि होती है।

    5. मनोरंजन की समस्याएँ - नगरीकरण की प्रक्रिया के परिणामस्वरूप नगरों के विकास के साथ-साथ मनोरंजन के साधनों का भी विकास हुआ है जैसे - सिनेमा क्लब एवं रेस्तरां आदि। इन मनोरंजन के साधनों का सामाजिक जीवन पर अत्यधिक कुप्रभाव पड़ा है लोग जैसा सिनेमा में देखते हैं वैसा ही वास्तविक जीवन में करने का प्रयत्न करते हैं।

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