भारत में परिवार नियोजन की आवश्यकता तथा इसकी विधियों का वर्णन कीजिए।

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भारत में परिवार नियोजन की आवश्यकता तथा इसकी विधियों का वर्णन कीजिए। 

भारत में बढ़ती हुयी जनसंख्या को रोकने के लिए परिवार नियोजन एक कारगर साधन है जो देश की बढ़ती हुयी जनसंख्या की समस्या का समाधान कर पाएगा। परिवार नियोजन की आवश्यकता एवं महत्व पर जोर देते हुए  श्रीमती इन्दिरा गाँधी ने कहा था- 'परिवार नियोजन प्रत्येक व्यक्ति और प्रत्येक परिवार की खुशहाली की कुंजी है। यह महिलाओं के अधिकारों का अंग है, जिसके अनुसार वे स्वयं स्वस्थ रह सकें और ईश्वर की देन का उपयोग स्वस्थ बच्चों को जन्म देने में उनकी बेहतर देखभाल करने में, अपने घरों को आकर्षक बनाने और अपने व्यक्तित्व के विकास में कर सकें तथा अपने जीवन की गहन अभिलाषाओं को पूर्ण करके अधिकाधिक सन्तुलित प्राप्त कर सकें।

भारत में परिवार नियोजन की आवश्यकता एवं महत्व

भारत में परिवार नियोजन की आवश्यकता एवं महत्व

  • 1. देश की जन्म-दर में कमी
  • 2. माताओं के स्वास्थ्य में सुधार एवं वृद्धि
  • 3. परिवार के जीवन-स्तर को ऊपर उठाना
  • 4. शिक्षा में वृद्धि
  • 5. सुखी, सम्पन्न एवं संगठित परिवार की रचना

1. देश की जन्म-दर में कमी - भारत की जनसंख्या में असीमित रूप से वृद्धि हो रही है, जिसके कारण भूमि पर जनसंख्या का भार तो बढ़ ही गया है, साथ ही साथ और और भी अनेकों प्रकार की समस्याएँ उत्पन्न हो गयी है, जैसे- बेरोजगारी, खाद्यान्नों का आभाव एवं आवास की समस्या आदि। परिवारयोजन अपनाने से इन सभी प्रकार की समस्याओं का निदान होता है क्योंकि परिवार नियोजन के कारण जन्म-दर में कमी होती है और जनसंख्या असीमित रूप से नहीं बढ़ पाती है। इस दृष्टि से परिवार नियोजन की अत्यन्त आवश्यकता है।

2. माताओं के स्वास्थ्य में सुधार एवं वृद्धि - परिवार नियोजन न अपनाने से महिलाओं के जल्दी-जल्दी बच्चे होते हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य में गिरावट आती है और वे शारीरिक रूप से अत्यन्त कमजोर हो जाती हैं। परिवार नियोजन अपनाने से उनके सीमित एवं निश्चित अन्तर के बाद बच्चे होते हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य में गिरावट नहीं आती है और वे शारीरिक रूप से कमजोर नहीं होती है। इस दृष्टि से परिवार नियोजन अत्यन्त आवश्यक एवं महत्वपूर्ण है।

3. परिवार के जीवन-स्तर को ऊपर उठाना - भारत सरकार का एक नारा है . 'छोटा परिवार सुखी परिवार। परिवार नियोजन अपनाने से व्यक्ति का परिवार उतना ही बढ़ता है, जितना वह चाहता है और प्रत्येक व्यक्ति अपना परिवार उतना ही बढ़ना चाहता है, जितने का वह पालन-पोषण अच्छी प्रकार से कर सकता है। छोटा परिवार होने पर बालकों को अच्छी शिक्षा प्राप्त होती है, जिससे वे किसी अच्छी नौकरी या रोजगार में लग जाते हैं, फलस्वरूप उनका जीवन-स्तर ऊपर उठता है। इस प्रकार यह कहना गलत न होगा कि परिवार नियोजन हमारे जीवन के लिए अत्यन्त आवश्यक एवं महत्वपूर्ण है।

4. शिक्षा में वृद्धि - परिवार नियोजन के अभाव में व्यक्ति का परिवार काफी बढ़ जाता है, परिणामस्वरूप सभी बच्चों को उच्च शिक्षा नहीं प्राप्त हो पाती है और उनका शैक्षिक स्तर निम्न हो जाता है। जबकि परिवार नियोजन अपनाने से परिवार छोटा रहता है फलस्वरूप सभी बच्चों के उच्च शिक्षा प्राप्त होती है। इस प्रकार उनका शैक्षिक स्तर उच्च होता ही है, साथ ही साथ देश में साक्षरता का अनुपात भी बढ़ता है। इस दृष्टि से भी परिवार नियोजन अत्यन्त आवश्यक एवं महत्वपूर्ण है।

5. सुखी, सम्पन्न एवं संगठित परिवार की रचना - बड़े परिवार की अपेक्षा छोटा परिवार सुखी, सम्पन्न एवं संगठित रहता है क्योंकि छोटे परिवार में कम सदस्य होते हैं, जिससे खर्चे कम होते हैं और झगड़े-झंझट भी कम होते हैं। अब तो सरकार ने भी छोटे परिवार को ही प्राथमिकता देना आरम्भ कर दिया है। इस दृष्टि से परिवार नियोजन अत्यन्त आवश्यक एवं महत्वपूर्ण है।

उपरोक्त विवेचन के आधार पर यह स्पष्ट रूप से कहा जा सकता है कि वर्तमान समय की समस्याओं को देखते हुए छोटा परिवार अत्यन्त उपयुक्त है, जिसके लिए परिवार नियोजन अत्यन्त आवश्यक एवं महत्वपूर्ण है।

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