Saturday, 8 January 2022

वित्त विधेयक के सम्बन्ध में लोकसभा के क्या विशेषाधिकार हैं ?

वित्त विधेयक के सम्बन्ध में लोकसभा के क्या विशेषाधिकार हैं ?

वित्त विधेयक के सम्बन्ध में लोकसभा के विशेषाधिकार

भारतीय संविधान द्वारा वित्तीय क्षेत्र के सम्बन्ध में शक्ति लोकसभा को ही प्रदान की गई है और इस सम्बन्ध में राज्य सभा की स्थिति बहुत गौण है। अनुच्छेद 109 के अनुसार वित्त विधेयक लोकसभा में ही प्रस्तावित किये जा सकते हैं, राज्य सभा में नहीं। लोकसभा से पारित होने के बाद वित्त विधेयक राज्य सभा में भेजा जाता है और राज्य सभा के लिये यह आवश्यक है कि उसे वित्त विधेयक की प्राप्ति की तिथि के 14 दिन के अन्दर-अन्दर राज्य सभा सिफारिशों सहित या सिफारिशों के बिना वित्त विधेयक लोकसभा को लौटाए, यदि राज्य सभा ऐसा नहीं करती है तो निश्चित तिथि के बाद वह दोनों सदनों से पारित मान लिया जायेगा। वार्षिक बजट और अनुदान सम्बन्धी मांग भी लोकसभा के समक्ष ही रखी जाती है और इस प्रकार के समस्त व्यय की स्वीकृति देने का एकाधिकार लोकसभा को ही प्राप्त है।

सम्बंधित प्रश्न :

  1. धन विधेयक और वित्त विधेयक में क्या अंतर है? स्पष्ट कीजिए।
  2. संसद की अवमानना से आप क्या समझते हैं?
  3. अधीनस्थ विधायन क्या है ? अधीनस्थ-प्रत्यायोजित विधायन से आप क्या समझते हैं ?
  4. क्या भारतीय संसद संप्रभु है समझाइए
  5. क्या भारतीय राष्ट्रपति 'रबर स्टैम्प' है ? पुष्टि कीजिए।
  6. लोकसभा का गठन एवं शक्तियों एवं लोकसभा के कार्यकाल की विवेचना कीजिए।
  7. संसद और उसके सदस्यों के विशेषाधिकारों और उन्मुक्तियों की व्याख्या करें।
  8. राज्यसभा के मुख्य पदाधिकारी कौन कौन होते हैं?
  9. राज्य सभा के गैर संघीय तत्वों पर टिप्पणी कीजिए।
  10. संघीय व्यवस्था के परिप्रेक्ष्य में राज्य सभा की प्रासंगिकता समझाइये।
  11. संसद की समिति पद्धति पर टिप्पणी कीजिए।
  12. लोकसभा अध्यक्ष के कार्य एवं अधिकार संक्षेप में बतायें।
  13. भारत के राष्ट्रपति की निर्वाचन प्रक्रिया का वर्णन कीजिए।
  14. उपराष्ट्रपति के कार्य एवं शक्तियों का वर्णन कीजिए।
  15. राष्ट्रपति पर महाभियोग लगाने की प्रक्रिया का वर्णन कीजिए।

SHARE THIS

Author:

I am writing to express my concern over the Hindi Language. I have iven my views and thoughts about Hindi Language. Hindivyakran.com contains a large number of hindi litracy articles.

0 comments: