अब पछताए होत क्या जब चिड़िया चुग गई खेत मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग

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अब पछताए होत क्या जब चिड़िया चुग गई खेत मुहावरे का अर्थ

अब पछताए होत क्या जब चिड़िया चुग गई खेत मुहावरे का अर्थ होता है- अवसर निकल जाने के बाद पछताना व्यर्थ होता है; समय निकल जाने पर पछताना व्यर्थ है। 

अब पछताए होत क्या जब चिड़िया चुग गई खेत मुहावरे का वाक्य प्रयोग

वाक्य प्रयोग: साल भर तो पढ़ाई नहीं की, अब असफल होने पर रोते हो, इससे क्या लाभ? अब पछताए होत क्या, जब चिड़िया चुग गई खेत।

वाक्य प्रयोग: आजतक तो तुम कामचोरी करते रहे, अब नौकरी से निकाले जाने पर रो रहे हो। अब पछताए होत क्या, जब चिड़िया चुग गई खेत।

वाक्य प्रयोग: खेत में फसल बिल्कुल तैयार खड़ी थी परंतु आजकल के चक्कर में नीलगायों ने सारी फसल चौपट कर दी। लेकिन अब पछताए होत क्या जब चिड़िया चुग गई खेत

वाक्य प्रयोग: घूमने जाते समय लापरवाही के कारण घर में ताला लगाना भूल गया। वापस आने पर घर का सारा सामान चोरी हो चुका था लेकिन अब पछताए होत क्या जब चिड़िया चुग गई खेत।

वाक्य प्रयोग: यदि मैं सभी के साथ अच्छे से पेश आता तो आज लोग मेरी सहायता करते लेकिन अब पछताए होत क्या जब चिड़िया चुग गई खेत।

वाक्य प्रयोग: यदि रोहन ने समय रहते खेत में सिंचाई की होती तो आज फसल लहलहा रही होती लेकिन पछताए होए क्या जब चिड़िया चुग गई खेत। 

वाक्य प्रयोग: जब ट्रेन चलने का समय था तब तो तुम जाम में फंसे थे और  अब जब स्टेशन आये तो ट्रेन छूट चुकी है। अब पछताए होत क्या, जब चिड़िया चुग गई खेत।

अब पछताए होत क्या जब चिड़िया चुग गई खेत एक प्रसिद्ध हिन्दी मुहावरा है जिसका का अर्थ है– अवसर निकल जाने के बाद पछताना व्यर्थ होता है; समय निकल जाने पर पछताना व्यर्थ है। जब आप समय पर किसी कार्य को करने से चूक जाते हैं तो इस मुहावरे का प्रयोग करेंगे। 

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