तिल का ताड़ बनाना मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग

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तिल का ताड़ बनाना मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग

तिल का ताड़ बनाना मुहावरे का अर्थ - बात का बतंगड़ करना, छोटी बात को बढ़ा चढ़ाकर कहना, थोड़ी सी बात को बड़ा रूप देना। 

तिल का ताड़ बनाना मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग

तिल का ताड़ बनाना मुहावरे का वाक्य प्रयोग

वाक्य प्रयोग: कुशवाहा जी से तो बात करना ही बेकार है, उनको तो तिल का ताड़ बनाना आता है

वाक्य प्रयोग: श्याम ने छोटी सी बात पर बड़ा हंगामा कर दिया उसे तिल का ताड़ बनाने की आदत है। 

वाक्य प्रयोग: राहुल ने परेश को डाँट क्या दिया, उसने तो रो-रोकर तिल का ताड़ बना दिया। 

वाक्य प्रयोग: तिल का ताड़ बनाने से किसी बात का पता नही चलता है उसे साफ साफ ही कह दो । एक छोटे से बच्चे के रोने से तुमने तो तिल का ताड़ बना दिया। जब देखो तब तुम दोनो तिल का ताड़ बनाए रखते हो जरा साफ साफ बात नही कर सकते।

वाक्य प्रयोग: नरेश एक दिन दोस्तों के साथ क्रिकेट खेलने क्या चला गया, उसके पिता जी ने तो टिल का ताड़ बना दिया। 

वाक्य प्रयोग: नेता जी के मुंह से एक गलत शब्द क्या निकल गया, विपक्ष ने तो तिल का ताड़ बना के रख दिया। 

यहां हमने “तिल का ताड़ बनाना” मुहावरे का अर्थ और इसके वाक्य प्रयोग को समझाया है। तिल का ताड़ बनाना मुहावरे का अर्थ होता है - बात का बतंगड़ करना, छोटी बात को बढ़ा चढ़ाकर कहना, थोड़ी सी बात को बड़ा रूप देना। अगर किसी के साथ छोटी सी घटना हो जाती है और सामने वाले को वह बात ठीक नही लगती तो वह उस बात को बड़ा-चढ़ा कर बताता है। इसे कहते हैं तिल का ताड़ बनाना।

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