आँख का काजल चुराना मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग

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आँख का काजल चुराना मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग

आँख का काजल चुराना मुहावरे का अर्थ: बड़ी सफाई से चोरी करना; सफाई से हाथ मारना; अत्यंत होशियारी से काम करना; बड़ी होशियारी से धोखा देना, सामने या पास की वस्तु चुरा लेना; गुप्त भावों को जान लेना। 

आँख का काजल चुराना मुहावरे का वाक्य प्रयोग

वाक्य प्रयोग: संजू को ऐसी कला आ गयी है कि वह आँख से काजल चुराने में माहिर हो गया है। 

वाक्य प्रयोग: सतर्क रहने पर भी उसकी कलई खुल गई क्योंकि उसके मित्र सुधाकर ने उसकी आँख का काजल चुरा लिया था। 

वाक्य प्रयोग: अत्यन्त सावधानी बरतते हुए भी उसकी जेब कट गई, मानो किसी ने आँख का काजल चुरा लिया हो 

वाक्य प्रयोग: आजकल घर में कुछ मरम्मत चल रही है, इसलिए मेरा कहीं आना - जाना नहीं हो पाता।  कामगारों के सिर पर डटे रहने पर भी आँख का काजल चुरा लें तो पता न लगे; निरुन्कुश छोड़ दो तो भगवान् ही मालिक है .

वाक्य प्रयोग: विवेक के देखते ही देखते उसका सामान गायब हो गया मानो किसी ने उसकी आँख का काजल चुरा लिया हो। 

वाक्य प्रयोग: इतने लोगों के बीच से घड़ी गायब! चोर ने तो जैसे आँख का काजल ही चुरा लिया हो। 

वाक्य प्रयोग: बहन जी, इतने गहने पहनकर बाहर न जाइये, क्या पता कब कोई आँखों का काजल चुरा ले। 

यहाँ हमने आँख का काजल चुराना मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग समझाया है। आँख का काजल चुराना का अर्थ होता है- बड़ी सफाई से चोरी करना; सफाई से हाथ मारना; अत्यंत होशियारी से काम करना; बड़ी होशियारी से धोखा देना, सामने या पास की वस्तु चुरा लेना; गुप्त भावों को जान लेना। जब कोई व्यक्ति बड़ी सफाई से मुहावरे का प्रयोग कुछ चुरा ले या असंभव सा लगने वाला काम कर दे तो इस मुहावरे का प्रयोग किया जाता है।

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