बासी कढ़ी में उबाल आना मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग

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बासी कढ़ी में उबाल आना मुहावरे का अर्थ

बासी कढ़ी में उबाल आना मुहावरे का अर्थ है– बुढ़ापे में जवानी की उमंग उठना; वृद्धावस्था में यौवन का आभास, समय निकल जाने पर इच्छा जाग्रत होना। 

बासी कढ़ी में उबाल आना मुहावरे का वाक्य प्रयोग

वाक्य प्रयोग: इस उमर में घर बसाने का ख्याल बासी कढ़ी में उबाल आने के समान है। 

वाक्य प्रयोग: साठ से ऊपर का हो रहा है; नित्य नई युवतियों के साथ दिखाई देता है। भई, बासी कढ़ी में उबाल आ रहा है। 

वाक्य प्रयोग: जिंदगी भर साइकिल तक चलाई और बुढ़ापे में मोटरसाइकिल चलने का शौक चढ़ा है। लगता है बासी कढ़ी में उबाल आ रहा है।

बासी कढ़ी में उबाल आना एक प्रसिद्ध हिन्दी मुहावरा/लोकोक्ति है जिसका का अर्थ है– बुढ़ापे में जवानी की उमंग उठना; वृद्धावस्था में यौवन का आभास, समय निकल जाने पर इच्छा जाग्रत होना। जब किसी व्यक्ति को समय निकल पर कोई विशेष कार्य करने की उमंग चढ़ती है तो बासी कढ़ी में उबाल आना मुहावरे का प्रयोग करते हैं। 

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