Monday, 12 September 2022

कान पकना मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग

कान पकना मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग (Kaan Pakna Muhavare ka Arth aur Vakya Prayog)

कान पकना मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग (Kaan Pakna Muhavare ka Arth aur Vakya Prayog)

कान पकना मुहावरे का अर्थ परेशान हो जाना, तंग आ जाना, उकता जाना, एक ही बात सुनकर ऊब जाना। 

Kaan Pakna Muhavare ka Arth - Pareshan ho Jana, Tang aa Jana, Ukta Jana, Ek hi baat bar-bar sunkar ub jana.

कान पकना मुहावरे का वाक्य प्रयोग

वाक्य प्रयोग : आपकी शिकायतें सुनकर मेरे कान पक गए हैं। 

वाक्य प्रयोग : मैं आपको कल से समझा रहा हूँ, पर आप समझने  का नाम ही नहीं लेते। आपकी बातें सुनकर मेरे कान पक गए हैं। 

वाक्य प्रयोग : हिंदी-चीनी भाई-भाई, सुनकर हमारे कान पक गए हैं क्योंकि इससे भारत-चीन के रिश्ते में तो सुधार हो नहीं रहा। 

वाक्य प्रयोग : चुनाव के पहले इन नेताओं के झूठे वादे सुन-सुनकर मेरे कान पक गए हैं। काम एक नहीं करते बस आ जाते हैं वोट मांगने। 

वाक्य प्रयोग : जब से महामारी फैली है, टेलीविज़न से लेकर मोबाइल तक में कोरोना संदेश सुन-सुन कर कान पक गए हैं। 

यहाँ हमने "कान पकना मुहावरे का अर्थ" और उसका वाक्य प्रयोग समझाया है। कान भरना मुहावरे का अर्थ होता है परेशान हो जाना, तंग आ जाना, उकता जाना, एक ही बात सुनकर ऊब जाना। यदि कोई व्यक्ति बात को इतनी बार दोहराये कि आप ऊब जाएँ तो इसे कान पकना कहते हैं। आप उस व्यक्ति से कहेंगे की एक ही बात बार-बार सुनकर आपके कान पाक गए हैं।  


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