अंधे के हाथ बटेर लगना मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग

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अंधे के हाथ बटेर लगना मुहावरे का अर्थ

अंधे के हाथ बटेर लगना मुहावरे का अर्थ है– अयोग्य के हाथ अच्छी वस्तु का लगना; संयोग से सफलता प्राप्त कर लेना; बिना परिश्रम के अच्छी वस्तु हाथ लगना।

अंधे के हाथ बटेर लगना मुहावरे का वाक्य प्रयोग

वाक्य प्रयोग: देवेंद्र इस पद के योग्य था ही नहीं, लेकिन साक्षात्कार में योग्य लोग पहुँचे नहीं और देवेंद्र को नौकरी मिल गई। समझो कि अंधे के हाथ बटेर लग गई। 

वाक्य प्रयोग: तुम्हारे जैसे का परीक्षा में प्रथम आ जाना तो अंधे के हाथ बटेर लग जाना है। 

वाक्य प्रयोग: संदीप एडिटिंग मैनेजर के पद के लिए योग्य नहीं था, किन्तु साक्षात्कार में अभ्यर्थियों की अपर्याप्त संख्या के चलते उसे नौकरी मिल गई, समझो अन्धे के हाथ बटेर लग गई।

वाक्य प्रयोग: पढ़ाई में कमजोर रहने वाले रजनीश की बहुत बड़ी कम्पनी में नौकरी लग गयी, यह तो वही बात हई 'अंधे के हाथ बटेर लगना'।

वाक्य प्रयोग: आठवीं पास बेरोज़गार दीपक की सगाई जब एम.ए. पास नौकरीशुदा सुनिधि से पक्की हुई तो सबने यही कहा कि यह तो अंधे के हाथ बटेर लग गई। 

अंधे के हाथ बटेर लगना एक प्रसिद्ध हिन्दी मुहावरा/लोकोक्ति है जिसका का अर्थ है– अयोग्य के हाथ अच्छी वस्तु का लगना; संयोग से सफलता प्राप्त कर लेना; बिना परिश्रम के अच्छी वस्तु हाथ लगना। जब कोई व्यक्ति किसी चीज के लायक न हो परन्तु किस्मत से उसे वह वास्तु मिल जाये तो इस कहावत का प्रयोग करते हैं। 

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