कान भरना मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग (Kaan Bharna Muhavare ka Arth aur Vakya prayog)

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कान भरना मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग (Kaan Bharna Muhavare ka Arth aur Vakya prayog)

कान भरना मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग (Kaan Bharna Muhavare ka Arth aur Vakya prayog)

कान भरना मुहावरे का अर्थ -चुगली करना, भड़काना, गुपचुप निंदा करना, किसी के प्रति द्वेष पैदा करना, या किसी के पीठ पीछे बुराई करना।

Kaan Bharna Muhavare ka Arth - Chugli karna, Bhadkana, Kisi ke prati dwesh paida karna, Kisi ki peeth piche burai karna.

कान भरना मुहावरे का वाक्य प्रयोग 

वाक्य प्रयोग : लगता है कि रमेश के कान किसी ने भर दिए है तभी आज बहकी-बहकी बातें कर रहा है। 

वाक्य प्रयोग : अब तो सभी मेरे खिलाफ हो गए हैं क्योंकि मेरे विरुद्ध उसने सभी के कान भर दिए हैं। 

वाक्य प्रयोग : यदि रमा दोनों भाइयों के कान न भरती तो पूरा  रह रहा होता। 

वाक्य प्रयोग : मित्र! कान भी उसी के भरे जाते हैं जो स्वयं कान के कच्चे होते हैं। 

वाक्य प्रयोग : सिपाही ने दरोगा के ऐसे काने भरे की कल रात से वो सुरेश को गली-गली ढूंढ रहा है। 

वाक्य प्रयोग : कहीं कोई लड़के वालों के कान न भर दे इसी डर से तिवारी जी अपनी लड़की की शादी गांव से कर रहे हैं। 

यहाँ हमने "कान भरना मुहावरे का अर्थ" और उसका वाक्य प्रयोग समझाया है। कान भरना मुहावरे का अर्थ होता है चुगली करना, भड़काना, गुपचुप निंदा करना या पीठ पीछे किसी के लिए द्वेषपूर्ण बात कहना। यदि कोई व्यक्ति किसी की पीठ पीछे निंदा या बुराई  जिससे द्वेष उत्पन्न हो तो इसे ही कान भरना कहते हैं। इसलिए हमें सदैव ऐसे लोगों से दूरी बनाकर रखनी चाहिए जो कान भरते हों। 

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