कान का कच्चा होना मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग (Kan ka Kaccha Hona Muhavare ka Arth)

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कान का कच्चा होना मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग (Kan ka Kaccha Hona Muhavare ka Arth)

कान का कच्चा होना मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग

कान का कच्चा होना मुहावरे का अर्थ - जो किसी की बात पर आसानी से भरोसा करता हो, बिना सोचे-समझे दूसरों पर विश्वास करना, दूसरों की बातों में आ जाने वाला, दूसरों के कही बात को सच मान लेने वाला। 

Kan ka Kaccha Hona Muhavare ka Arth - Jo kisi ki bat par aasani se bharosa karta ho, Bina soche-samjhe dusron par vishwas karna, Dusron ki baton mein aa jane wala, Dusron ki Kahi Bat ko Sach Maan lene wala.

कान का कच्चा होना मुहावरे का वाक्य प्रयोग

वाक्य प्रयोग: हमें कान का कच्चा नहीं होना चाहिए क्योंकि जो व्यक्ति कान का कच्चा होता है वह अक्सर मुसीबत को खुद न्योता देता है। 

वाक्य प्रयोग: रमेश बाबू कान के कच्चे हैं, वे स्वयं तो फसेंगे ही आपको भी फंसा देंगे। 

वाक्य प्रयोग: यदि दीपक कान का कच्चा न होता तो आज अपनी जिंदगी सुकून से जी रहा होता। 

वाक्य प्रयोग: अक्सर देखा जाता है कि जो व्यक्ति दूसरों की कही बातों पर भरोसा कर लेते हैं, वे प्रायः कान के कच्चे होते हैं। 

वाक्य प्रयोग: वह व्यक्ति कान का कच्चा कहलाता है जो अपने आप पर भरोसा न करके दूसरों की कही बातों को सच मान लेता है। 

यहां हमने “कान का कच्चा होना” मुहावरे का अर्थ और इसके वाक्य प्रयोग को समझाया है। कान का कच्चा होना मुहावरे का अर्थ होता है कि जो व्यक्ति बिना सोचे-समझे किसी की बात पर भरोसा करता हो,  दूसरों की बातों में आ जाने वाला, दूसरों के कही बात को सच मान लेने वाला। इस प्रकार कान का कच्चा व्यक्ति दूसरों की बातों में आकर स्वयं का तथा दूसरों का भी नुकसान करता है। इसीलिए कहा गया है की हमें जाँच-परखकर ही किसी की बात का भरोसा करना चाहिए। 

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