Tuesday, 12 July 2022

क्रीडा शिक्षक और छात्र के बीच संवाद लेखन - Krida Shikshak aur Chatra ke Bich Samvad

क्रीडा शिक्षक और छात्र के बीच संवाद लेखन : In This article, We are providing क्रीडा/खेल शिक्षक और छात्र के बीच संवाद लेखन and Krida Shikshak aur Chatra ke Bich Samvad Lekhan for Students and teachers.

    क्रीडा शिक्षक और छात्र के बीच संवाद लेखन

    छात्र : गुड मॉर्निंग सर। आपने बुलाया था ?

    खेल शिक्षक : हाँ, क्या तुम्हे पता है की हमारे शहर के सभी स्कूलों के बीच एक खेल प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। 

    छात्र : जी सर, पर मेरे हाथ चोटिल है इसलिए मैं इसमें हिस्सा नहीं ले सकता। 

    खेल शिक्षक : यह टूर्नामेंट अभी नहीं बल्कि अगले महीने 17 जून हो आयोजित होगा। तब तक तुम स्वस्थ हो जाओगे। 

    छात्र : जी सर, पर न तो मैं क्रिकेट में अच्छा हूँ और न ही बैडमिंटन में। 

    खेल शिक्षक : इसीलिए मैं चाहता हूँ की तुम दौड़ प्रतियोगिता में हिस्सा लो। मुझे पता है की तुम एक कुशल धावक हो। 

    छात्र : जी सर, मैं अपने विद्यालय को जिताने के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करूँगा। इसके लिए मैं आज से ही प्रशिक्षण प्रारम्भ कर दूंगा। 

    खेल शिक्षक : सभी को तुमसे यही उम्मीद है। तुम्हे जीत के लिए शुभकामनाएं।


    खेल शिक्षक और छात्र के बीच संवाद लेखन

    खेल शिक्षक : सुमित, दो महीने बाद विद्यालय में खेल प्रतियोगिता होने वाली है और मैं चाहता हूँ कि तुम क्रिकेट टूर्नामेंट में भाग लो।

    छात्र : पर सर जी, अर्धवार्षिक परीक्षा भी नजदीक है। मुझे डर है की अगर मैंने खेल प्रतियोगिता में भाग लिया तो इसका असर परीक्षा पर पड़ेगा। 

    खेल शिक्षक : सुमित, तुम एक होनहार विद्यार्थी हो और मुझे पूरा यकीन है कि तुम परीक्षा में भी अव्वल आओगे और विद्यालय को क्रिकेट टूर्नामेंट भी जिताओगे 

    छात्र : ठीक है सर जी, मैं एक बार अपने माता-पिता इस सम्बन्ध में बात कर लूँ, उसके बाद ही मैं आपको बता पाउँगा। 

    खेल शिक्षक : जैसी तुम्हारी मर्जी, लेकिन एक बात ध्यान रखना, कि पढ़ाई अपनी जगह है लेकिन मात्र पढ़ाई ही नहीं खेल-कूद भी आवश्यक हैं। खेल-कूद से शारीरिक चुस्ती-फुर्ती बनी रहती है इसीलिए कहा भी कहा गया है कि  स्वस्थ तन में ही स्वस्थ मस्तिष्क निवास करता है।

    छात्र : सर जी, मैं भी प्रतियोगिता में भाग लेना चाहता हूँ। किन्तु मेरे माता-पिता को लगता हैं की खेल-कूद प्रतियोगिता में भाग लेने से मैं अपनी पढ़ाई में पिछड़ जाऊँगा।

    खेल शिक्षक : इस बात की चिंता तुम मत करो। मैं स्वयं तुम्हारे माता-पिता से बात करूँगा।


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