Tuesday, 12 July 2022

दो मित्रों के बीच वर्षा ऋतु पर संवाद लेखन - Do Mitro Ke Beech Varsha Ritu Par Samvad Lekhan

दो मित्रों के बीच वर्षा ऋतु पर संवाद लेखन : In This article, We are providing दो मित्रों के बीच वर्षा ऋतु पर संवाद लेखन and Do Mitro Ke Beech Varsha Ritu Par Samvad Lekhan for Students and teachers.

    दो मित्रों के बीच वर्षा ऋतु पर संवाद लेखन

    अतुल : अरे संजय कैसे हो ? सब ठीक-ठाक है ?

    संजय : क्या बताऊँ यार, कल जब मैं बाजार से लौट रहा था कि अचानक मूसलाधार बारिश होने लगी। इतना भीग गया की कल से तबियत कुछ ठीक नहीं। 

    अतुल : तो छाता लेकर निकलना चाहिए था। अब वर्षा ऋतू में बरसात नहीं होगी तो कब होगी। 

    संजय : पर मौसम विभाग के अनुसार अबकी बार मानसून 15 से आना था। खैर तुम सही कह रहे हो, गलती मेरी ही है। 

    अतुल : मौसम विभाग तो कुछ भी बताता रहता है। लेकिन एक बात अच्छी हुयी की तपती गर्मी से कुछ राहत जरूर मिल गयी।

    संजय : क्या राहत मिल गयी ? सडकों पर कीचड और हो गया। जगह-जगह सड़कें पानी से डूबी हुयी हैं। 

    अतुल : यार कभी तो कुछ अच्छा बोलै करो। जब सर्दी होती है तो हम शिकायत करते हैं कि यह बहुत ठंडक है। जब गर्मी का मौसम आता है, तो हम सर्द मौसम चाहते हैं। जब यह बहुत गर्म हो जाता है, तो हम बारिश चाहते हैं! कभी तो शिकायत करना बंद करो। 

    संजय :  ठीक कहते हो। शायद काम के तनाव ने मुझे कुछ ज्यादा ही चिड़चडा बना दिया है। आओ हम दोनों मिलकर इस सुहावने मौसम का आनंद ले। 

    अतुल : तो फिर देर कैसी, लेकिन इस बार अपना छाता  लेना न भूलना। 


    अपने मित्र से वर्षा ऋतु पर वार्तालाप करते हुए संवाद

    संजू : कहाँ जा रहे हो अजय ?

    अजय : ऑफिस जा रहा हूँ। बस भगवान् से यही प्रार्थना है की कल की तरह बरसात न हो। 

    संजू  : क्यों कल क्या हो गया ?

    अजय : कल जब मैं काम के लिए ऑफिस जा रहा था तो मुझे भारी बारिश का सामना करना पड़ा।

    संजू  : रेनकोट क्यों नहीं ले गए।

    अजय : जब मैं दोपहर को घर से निकला तो आसमान साफ था और बादलों एक टुकड़ा भी नहीं था।

    संजू  : फिर क्या हुआ ? तुमने अपने आप को कैसे बचाया?

    अजय : फिर तेज आंधी के साथ बरसात होने लगी। आस-पास सर छुपाने के लिए जगह भी न थी। इसलिए मैं बुरी तरह भीग गया। 

    संजू  : कल वास्तव में भयंकर बरसात हुई। कई जगहों पर तो बिजली भी गिरी। 

    अजय : बिजली की चमक और बादलों की गड़गड़ाहट ने मुझे डरा दिया और मुझे लगा कि शायद, यह मेरे जीवन का आखिरी दिन है।

    संजू  : फिर तुम वापस घर कैसे आये ?

    अजय : बस एक मित्र अपनी कार से घर लौट रहा था। जैसे ही उसकी नज़र मुझ पर पड़ी, उसने मुझे कार में बिठा लिया और घर तक छोड़ा। 


    Do Mitro Ke Beech Varsha Ritu Par Samvad Lekhan

    राम : अरे भाई राम इस वर्ष मानसून कब आ रहा है?

    श्याम : कोई निश्चित तिथि तो नहीं ज्ञात लेकिन संभावना 15 जून तक की है।

    राम : अच्छा मतलब इस बार वर्षा ऋतु का आगमन 15 जून से हो रहा है??

    श्याम : हां कह सकते हैं वैसे क्या तुमने वर्षा ऋतु में इस्तेमाल होने वाली सारी चीजें खरीद ली है?

    राम : वर्षा ऋतु के लिए क्या अलग खरीदना है?

    श्याम : अरे भाई छाता और रेनकोट आदि।

    राम : अच्छा वह तो मेरे पास पिछले वर्ष का ही रखा है । तुम अपना बताओ?

    श्याम : भाई मुझे तो वर्षा ऋतु कतई पसंद नहीं है  

    राम : पर क्यों? मुझे तो वर्षा ऋतु में बहुत आनंद आता है।

    श्याम : वर्षा ऋतु के समय सड़कों पर जगह-जगह पानी भर जाता है जिस कारण सारे रोजमर्रा के सभी कार्यों में बहुत रुकावट सी महसूस होती है और बहुत सारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

    राम : हां सो तो है पर मौसम मौसम का आनंद लेने के लिए बने हैं उन से भागने के लिए नहीं।

    श्याम : सबके अपने-अपने नजरिए हैं, चलो मिलते हैं फिर।


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