Friday, 15 July 2022

जन्मदिन मनाने से संबंधित दो मित्रों में बातचीत संवाद लेखन - Janmdin Manane Ko Lekar Do Mitro Ke Beech Samvad Lekhan

जन्मदिन मनाने से संबंधित दो मित्रों में बातचीत संवाद लेखन लिखिए : In This article, We are providing दो मित्रों में जन्मदिन मनाने को लेकर संवाद लेखन and Janmdin Manane Ko Lekar Do Mitro Ke Beech Samvad Lekhan for Students and teachers.

    जन्मदिन मनाने से संबंधित दो मित्रों में बातचीत संवाद लेखन

    रिया : कल मेरे जन्मदिन की पार्टी थी। तुम पार्टी आयी क्यों नहीं ?

    सारा : दरअसल कल मुझे तेज बुखार आ गया था, इसीलिए मैं पार्टी में नहीं आ पायी। 

    रिया : तुम्हे पता है, मैंने तुम्हे पार्टी में बहुत मिस किया। अभी कैसी तबियत है तुम्हारी ?

    सारा : पहले से कुछ आराम है। खैर तुम्हारी बर्थडे पार्टी कैसी रही ?

    रिया : पार्टी बहुत अच्छी रही। पार्टी का सारा प्रबंध मेरे बड़े भाई ने किया। तुम्हे छोड़कर स्कूल और आस-पड़ोस के सभी मित्र आये। हम सबने खूब मजे किये। 

    सारा : और क्या-क्या किया पार्टी में ?

    रिया : सबसे पहले मैंने केक काटा। दोस्तों के साथ ढेर सारी फोटो खींची। फिर सभी दोस्तों ने गुब्बारे फोड़े, फिर सब संगीत की ध्वनि ओर नाचने-गाने लगे। 

    सारा : क्या तुम मुझे अपने बर्थडे की तस्वीर भेज दोगी ?

    रिया : हाँ- हाँ क्यों नहीं ! बस मोबाइल चार्ज हो गए 

    सारा : अच्छा! वैसे पार्टी कितने बजे शुरू हुयी ?

    रिया : पार्टी का समय शाम 7 बजे का तय किया गया था। क्योंकि  सभी को समय से घर भी वापस जाना था। 

    सारा : काश मैं भी तुम्हारी जन्मदिन की पार्टी में आ पाती। 

    रिया : कोई बात नहीं, अगले साल फिर आ जाना। 


    दो मित्रों में जन्मदिन मनाने को लेकर संवाद लेखन

    अंकुर : अगर मैं सही हूँ तो कल तुम्हारा जन्मदिन है न ?

    रौनक : हाँ, कल मेरा जन्मदिन है। 

    अंकुर : तो क्या सोचा है तुमने? कैसे मनाओगे अपना जन्मदिन ?

    रौनक : तुम तो जानते ही हो की मैं अपना जन्मदिन सादगी से मनाता हूँ। पर अबकी बार सोच रहा हूँ की कुछ अलग किया जाए। 

    अंकुर : क्या चल रहा है तुम्हारे मन में ? 

    रौनक : मैं सोच रहा था कि क्यों न इस दिन सुबह जल्दी उठकर मंदिर जाकर भगवान् के दर्शन किये जाएँ उसके बाद मंदिर के बाहर बैठे गरीब लोगों को भरपेट भोजन कराया जाये ?

    अंकुर : विचार तो तुम्हारा बहुत अच्छा है पर इतने पैसे आएंगे कहाँ से ?

    रौनक : उसकी चिंता मत करो। मैं पिछले दो महीने से अपना जेबखर्च जोड़ रहा हूँ, अब मेरे पास काफी पैसे हो गए हैं। बाकि जो काम पड़ेंगे को मम्मी-पापा से ले लेंगे। 

    अंकुर : अगर बुरा न मानो तो मैं भी तुम्हारे इस नेक काम में कुछ योगदान देना चाहूंगा। 

    रौनक : तो फिर कल का कार्यक्रम पक्का रहा। सुबह जल्दी आ जाना, फिर हम दोनों मंदिर चलेंगे। 


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