Friday, 15 July 2022

दो मित्रों के बीच जीवन के लक्ष्य को लेकर संवाद लेखन - Do Mitro Ke Beech Jeevan Ke Lakshya Ko Lekar Samvad Lekhan

दो मित्रो के बीच संवाद लिखिए जिसमे अपने जीवन लक्ष्य को चुनने की चर्चा हो। : In This article, We are providing दो मित्रों के बीच जीवन के लक्ष्य को लेकर संवाद लेखन and Do Mitro Ke Beech Jeevan Ke Lakshya Ko Lekar Samvad Lekhan for Students and teachers.

    दो मित्रों के बीच जीवन के लक्ष्य को लेकर संवाद लेखन

    अनिल : तुम दसवीं कक्षा के बाद कौन सा विषय लेने की सोच रहे हो?

    आदित्य : मैं तो जीव विज्ञान लेकर पढ़ाई करूँगा पढूंगा।

    अनिल : क्यों? भौतिकी और रसायन विज्ञान में क्या कमी है। 

    आदित्य : बात कमी की नहीं है, दरअसल मैं बड़े होकर एक डॉक्टर बनना चाहता हूँ। तुम्हारे जीवन का क्या लक्ष्य है?

    अनिल : मैं तो गणित का अध्यापक बनना चाहता हूँ।"

    आदित्य : तुमने बहुत बढियाँ सोचा है। मैंने देखा है की तुम्हारी गणित वास्तव में बहुत अच्छी है। 

    अनिल : धन्यवाद , क्या मैं जान सकता हूँ की तुम डॉक्टर ही क्यों बनना चाहते हो। 

    आदित्य : क्योंकि एक डॉक्टर सबका इलाज करता है, लोगों के दुःख दर्द दूर करता है। मैं भी बड़े होकर बीमार लोगों की सहायता करना चाहता हूँ। 

    अनिल : बहुत ही नेक विचार हैं तुम्हारे। ईश्वर तुम्हे सफलता दे। 


    जीवन लक्ष्य के बारे में दो मित्रों की बातचीत / संवाद

    मित्र 1 : विजय १२वीं के बाद तुमने सोचा है कि आगे क्या करना है ? तुमने अपने लक्ष्य के बारे में सोचा है क्या ?

    मित्र 2 : हाँ मोहित मेरा लक्ष्य तो 12 वीं के बाद सेना भर्ती में भर्ती होना है।

    मित्र 1 : अच्छा! मैं तो 12 के बाद बैंकिंग की तैयारी करूँगा। 

    मित्र 2 : बैंकिंग ही क्यों ? ऐसा क्या ख़ास है बैंकिंग में ?

    मित्र 1 : सच कहूँ तो मुझे बचपन से ही बैंकिंग में बहुत दिलचस्पी थी। लेकिन तुम सेना में क्यों जाना चाहते हो ?

    मित्र 2 : तुम्हे तो पता ही है की मेरे घर में सभी सेना में ही हैं। बड़े भैया एयरफोर्स में हैं तो पापा आर्मी में हैं। दूसरी बात ये की भारतीय सेना का रूतबा ही अलग होता है। 

    मित्र 1 : बात तो सही है, भारतीय सेना के शौर्य और पराक्रम की बात ही निराली है। 

    मित्र 2 : हाँ, और जब सेना का जवान अपनी वर्दी में निकलता है तो सबकी नजरें सम्मान में खुद ही झुक जाती हैं। 

    मित्र 1 : भई मानना पड़ेगा तुम्हे, क्या खूब लक्ष्य चुना है तुमने। 


    Do Mitro Ke Beech Jeevan Ke Lakshya Ko Lekar Samvad

    राम : कैसे हो राम, परीक्षा कैसी रही तुम्हारी ?

    श्याम : मैं ठीक हूं, और मेरी परीक्षायें अच्छी गयी। तुम्हारी परीक्षा कैसी रही ?

    राम : मेरी परीक्षा भी अच्छी रही। तुम बताओ आगे का क्या सोचा है?

    श्याम : मेरा तो तुम्हें पता ही हैं कि मेरा लक्ष्य तो डॉक्टर बनने का है। अपनी बताओ ?

    राम : मेरा तो वही पुराना लक्ष्य आईएएस ऑफिसर बनने का। 

    श्याम : पर दोस्त, आईएएस बनने की राह आसान नहीं, बड़ी मेहनत करनी पड़ती है IAS ऑफिसर बनने में। 

    राम : तो क्या डॉक्टर बनना आसान है ? लक्ष्य चाहे छोटा हो या बड़ा, मेहनत तो करनी ही पड़ती है। 

    श्याम : सही कहते हो दोस्त, मुझे यह जानकर बहुत अच्छा लगा कि तुम अपने लक्ष्य को लेकर काफी जागरूक हो। मै ईश्वर से तुम्हारी सफलता की कामना करता हूँ। 

    राम : धन्यवाद, ईश्वर करे कि तुम भी अवश्य सफल हो। 


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