केन्द्रीय संसद द्वारा पारित दलबदल व सीमित मन्त्रिमण्डल सम्बन्धी बिल दिसम्बर 2003 को स्पष्ट कीजिए।

Admin
0

केन्द्रीय संसद द्वारा पारित दलबदल व सीमित मन्त्रिमण्डल सम्बन्धी बिल दिसम्बर 2003 को स्पष्ट कीजिए।

दलबदल व सीमित मंत्रिमण्डल सम्बन्धी बिल दिसम्बर - 2003 

राजनीति में दल बदल पर काबू पाने तथा विशाल मंत्रिमण्डलों पर नियन्त्रण करने सम्बन्धी विधेयक को 10 दिसम्बर 2003 को लोकसभा के साथ-साथ 10 दिसम्बर, 2003 को राज्य सभा ने भी शून्य के मुकाबले 163 मतों से मंजूरी देकर उसके कानून बनने की लगभग सभी रुकावटों को समाप्त सा कर दिया यह विधेयक संविधान के 97वें संशोधन का रूप लेगा।

विधेयक के मुताबिक मंत्रिपरिषद का आकार केन्द्र व बड़े राज्यों में निचले सदन की सदस्य संख्या का 15 प्रतिशत रहेगा। साथ ही किसी भी सांसद या विधायक के दल-बदल करते ही उसे सदस्यता से हाथ धोना पड़ेगा अर्थात उसकी सदस्यता स्वतः ही समाप्त हो जायेगी यह कानन । संविधान संशोधन अधिनियम, 1985 का स्थान लेगा जिसके अनुसार यदि किसी राजनीतिक दल के विभाजन में उस दल के एक तिहाई (1/3) सदस्य दल छोड़ दें तो उनकी सदस्यता समाप्त नहीं होगी।

निश्चित ही यह विधेयक राजनीति से भ्रष्टाचार को कम करेगा काँग्रेस के प्रणव मुखर्जी के अनुसार “यह विधेयक राजनीति को स्वच्छ बनायेगा क्योंकि हम सार्वजनिक जीवन का स्तर अनुसार को ऊँचा बनाये रखने में विफल रहे हैं दल-बदल जैसे गलत आचरण को रोकने में यह विधेयक कारगर रहेगा।

सम्बंधित लेख :

Post a Comment

0Comments
Post a Comment (0)

#buttons=(Accept !) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Learn More
Accept !