कलेजे पर साँप लोटना मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग (Kaleje par saanp lotna)

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कलेजे पर साँप लोटना मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग

कलेजे पर साँप लोटना मुहावरे का अर्थ है– ईर्ष्या से जलना; कुढ़ना; जल-भुन जाना; डाह करना; द्वेष करना; जलन रखना।

वाक्य प्रयोग– मलिक के प्रमोशन की बात सुनकर शर्मा जी के कलेजे पर साँप लोटने लगा।

वाक्य प्रयोग– लाला किरोड़ीमल की इतनी ऊँची कोठी देखकर पड़ोसियों के कलेजे पर साँप लोटता है।

वाक्य प्रयोग– भारतवर्ष की उन्नति देखकर चीन की कम्युनिष्ट सरकार के कलेजे पर साँप लोटने लगते हैं।

वाक्य प्रयोग– पंडित जी की पढ़ी-लिखी बहू को देखकर पूरे मोहल्ले की छाती पर सांप लोट गए।

वाक्य प्रयोग– जैसे ही रिश्तेदारों को पता चला कि शर्मा जी के लड़के की सरकारी नौकरी लग गयी है, उनकी छाती पर सांप लोट गए।

वाक्य प्रयोग– जो सब तरह से भरा पूरा है, दूसरे की उत्रति पर उसके कलेजे पर साँप क्यों लोटे।

वाक्य प्रयोग– पड़ोसी दुकानदार के यहां ग्राहकों की भीड़ देखकर गुप्ता जी के कलेजे पर सांप लोटने लगते हैं।

वाक्य प्रयोग– अपनी मौसी के बेटे को दहेज़ में मिली कार देखकर विमला के कलेजे पर सांप लोटने लगा।

कलेजे पर साँप लोटना एक प्रचलित मुहावरा या कहावत है जिसका अर्थ होता है– ईर्ष्या से जलना; कुढ़ना; डाह करना; द्वेष करना; जलन रखना। जब कोई व्यक्ति किसी से बहुत बुरी तरह जलन या ईर्ष्या रखता है तो कलेजे या छाती पर सांप लौटना मुहावरे का प्रयोग करते हैं। 

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