आँख का अंधा गाँठ का पूरा मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग

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आँख का अंधा गाँठ का पूरा मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग

आँख का अन्धा, गाँठ का पूरा मुहावरे का अर्थ- मूर्ख धनवान; विवेकहीन अमीर; मूर्ख धनी; मालदार बेवकूफ; बुद्धिहीन किन्तु सम्पन्न; बिना सोचे-विचारे धन खर्च करने वाला।

आँख का अन्धा, गाँठ का पूरा मुहावरे/लोकोक्ति का वाक्य प्रयोग

वाक्य प्रयोग - रमेश अपनी बंजर पड़ी भूमि की कीमत उपजाऊ भूमि से भी अधिक मांग रहा है। लोगों का कहना है कि इसे तो वही व्यक्ति खरीदेगा जो आँख का अन्धा और गाँठ का पूरा होगा।

वाक्य प्रयोग - सुनील बाबू का लड़का आँख का अन्धा, गाँठ का पूरा है तभी तो पिता जी की कमाई को गैरों पर लुटा रहा है। 

वाक्य प्रयोग - मेरे विचार में तो वह आँख का अन्धा, गाँठ का पूरा है; उसके सुझावों को बहुत गम्भीरता से लेने की आवश्यकता नहीं। 

वाक्य प्रयोग - शैलेश को तो कुछ समझ ही नहीं आता जिसने जो बता दिया, खरीद लेता है। इस मामले में तो वह आँख का अंधा गाँठ का पूरा।

वाक्य प्रयोग - नरेश के पास इतनी संपत्ति होने के बाद भी वह एक दूकान पर मामूली नौकरी करता है, सच में वह आंख का अंधा गाठ का पूरा है।

वाक्य प्रयोग - तुमने विवेक को आँख का अँधा, गांठ का पूरा समझ रखा है क्या कि जब आओगे और चूना लगा जाओगे। वह अब तुम्हारी बातों में  वाला। 

यहाँ हमने प्रसिद्ध मुहावरे आँख का अंधा गाँठ का पूरा का अर्थ और वाक्य प्रयोग समझाया। आँख का अंधा गाँठ का पूरा लोकोक्ति का अर्थ होता है- मूर्ख धनवान; विवेकहीन अमीर; मूर्ख धनी; मालदार बेवकूफ; बुद्धिहीन किन्तु सम्पन्न; बिना सोचे-विचारे धन खर्च करने वाला। जब किसी व्यक्ति के पास धन तो होता है परन्तु उसे खर्च करने विवेक नहीं होता, तो उसके लिए इस मुहावरे का प्रयोग करते हैं। 

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