अंधी पीसे कुत्ता खाए का अर्थ और वाक्य प्रयोग

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अंधी पीसे कुत्ता खाए का अर्थ और वाक्य प्रयोग

अंधी पीसे कुत्ता खाए का अर्थ - कमाए कोई और उपयोग कोई और करे, काम कोई करे फल कोई पाए, किसी के परिश्रम का लाभ अयोग्य व्यक्तियों द्वारा उठाना। 

अंधी पीसे कुत्ता खाए का वाक्य प्रयोग 

वाक्य प्रयोग: जब देश में मेहनत करनेवालों को उचित पारिश्रमिक नहीं मिलता तो वे उस व्यवस्था को दोषी ठहराते हैं जिसमें अंधी पीसे, कुत्ता खाए वाली कहावत चरितार्थ होती है। 

वाक्य प्रयोग: श्याम के पिता ने मेहनत से धन कमाया, किन्तु श्याम मजे उड़ा रहा है और धन बर्बाद कर रहा है। किसी ने सच ही कहा है कि अंधी पीसे कुत्ता खाए। 

वाक्य प्रयोग: जब कोई व्यक्ति अपने कमाए गए धन की कद्र नहीं करता तो उसके साथ अंधी पीसे कुत्ता खाए वाली कहावत सच होजाती है। फिर दूसरे ही उसकी मेहनत का मजा उठाते हैं। 

यहाँ हमने अंधी पीसे कुत्ता खाए का अर्थ और वाक्य प्रयोग समझाया है। अंधी पीसे कुत्ता खाए का अर्थ है कमाए कोई और उपयोग कोई और करे, काम कोई करे फल कोई पाए, किसी के परिश्रम का लाभ अयोग्य व्यक्तियों द्वारा उठाना। जब कोई लापरवाह व्यक्ति मेहनत तो बहुत करता है परन्तु उसकी मेहनत का मजा दूसरे उठाते हैं तो ऐसे व्यक्ति के लिए अंधा पीसे कुत्ता खाए की कहावत प्रयोग की जाती है।

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