कोल्हू का बैल होना मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग

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कोल्हू का बैल होना मुहावरे का अर्थ

कोल्हू का बैल होना मुहावरे का अर्थ है– दिन रात काम करना; बहुत परिश्रम करने वाला; दिन-रात परिश्रम करना,  कठिन परिश्रम करने वाला, निरन्तर काम में लगे रहना। 

कोल्हू का बैल होना मुहावरे का वाक्य प्रयोग

वाक्य प्रयोग: रीता को आराम कहाँ, उसकी सास ने तो उसे कोल्हू का बैल बना रखा है। 

वाक्य प्रयोग: मज़दूर कोल्हू के बैल की तरह काम करते हैं फिर भी उन्हें भरपेट भोजन नहीं मिल पाता। 

वाक्य प्रयोग: प्राइवेट नौकरी में कोल्हू के बैल की तरह काम करना पड़ता है तब जाकर काम लायक वेतन मिलता है। 

वाक्य प्रयोग: मैं इस घर में दिन-भर कोल्हू के बैल की तरह पिलती हूँ; मुझे क्या मिलता है ? 

वाक्य प्रयोग: भाई साहब थोड़ा-बहुत आराम भी कर लिया करें, आप तो कोल्हू का बैल हो रहे हैं। 

वाक्य प्रयोग: भारत में लाखों मजदूर कोल्हू के बैल की तरह काम करते हैं फिर भी वे परिवार को पेटभर खाना नहीं खिला सकते। 

वाक्य प्रयोग: इन दिनों राजू को दो वक्त की रोटी जुटाने के लिए कोल्हू का बैल बनना पड़ रहा है। 

वाक्य प्रयोग: जीवन का लक्ष्य तेली का बैल' बनना नहीं बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक सुख भोगना भी है। 

वाक्य प्रयोग: आजकल पढाई के बढ़ते बोझ के कारण बच्चों को कोल्हू के बैल की तरह पढाई करनी पड़ रही है।

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