आस्तीन का साँप होना मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग

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आस्तीन का साँप होना मुहावरे का अर्थ

आस्तीन का साँप होना मुहावरे का अर्थ है- विश्वासघाती होना; कपटी मित्र; मित्र बनकर शत्रुता करना, मित्रता की ओट में छिपा शत्रु, मित्र बनकर धोखा देना। 

आस्तीन का साँप होना मुहावरे का वाक्य प्रयोग

वाक्य प्रयोग- कल तक मैं तुम्हें अपना विश्वासपात्र आगे का पैर पीछे को पड़ता है। समझ में नहीं आता क्या करूँ? 

वाक्य प्रयोग- निकट के व्यक्ति का विश्वासघाती होना। मनुष्य को दुश्मनों से अधिक आस्तीन के साँपों से खतरा होता है। 

वाक्य प्रयोग- राज ने निर्भय की बहुत सहायता की लेकिन वह तो आस्तीन का साँप निकला, उसने तुम्हीं को ऑफिस से निकलवा दिया। 

वाक्य प्रयोग- राम के जैसा किस्मत का मारा कौन होगा। बेचारे ने जिस मित्र का हमेशा आसरा ताका, वही आस्तीन का साँप निकला। 

वाक्य प्रयोग- अरे, सोहन तो आस्तीन का साँप निकला, तुमने उसकी मदद की, वह उल्टा तुम्हारी बुराई कर रहा है। 

वाक्य प्रयोग- सावधान रहो, तुम्हारे दल में कई आस्तीन के साँप हैं, जरा से नज़र चूकी नहीं कि तुम्हारी कुर्सी गयी। 

वाक्य प्रयोग- रामसिंह का पड़ौसी उसके लिए आस्तीन का साँप सिद्ध हुआ. 

वाक्य प्रयोग- भारतीय इतिहास में ऐसे अनेक युद्धों का उल्लेख मिलता है जिसमें जयचन्द और मीरजाफर जैसे आस्तीन के साँपों के कारण पराजय का मुँह देखना पड़ा था।

वाक्य प्रयोग- मैंने सच्चा मित्र मानकर अपने व्यापार की सारी जानकारी कणाल को दी. मगर वह आस्तीन का साँप मेरे प्रतिद्वंद्वियों से जा मिला। 

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