Wednesday, 8 June 2022

मेरी माँ पर निबंध - Essay on My Mother in Hindi

मेरी माँ पर निबंध - Essay on My Mother in Hindi

Essay on My Mother in Hindi
Essay on My Mother in Hindi : इस लेख में मेरी माँ विषय पर निबंध लिखना सिखाया गया है। मेरी माँ पर निबंध for Class 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11 and 12. My Mother Hindi Essay.

    मेरी माँ पर निबंध Class 1 and 2

    मुझे मेरी माँ से बहुत प्रेम है। माँ वह है जो हमारे सुख-दुःख की साथी होती है और हमेशा और हमें पूरी दुनियां में सबसे अधिक प्यार करती है। मेरी मां मेरी सबसे अच्छी दोस्त हैं। वह मुझे समझती है और मेरी समस्याओं को हल करने में मेरी मदद कर सकता है। माँ ही हमारी पहली शिक्षक होती है। माँ हमारे खाने पीने से लेकर हमारी हर एक चीज का ध्यान रखती है। माँ यह भी जान जाती है कि कब मेरा बच्चा दुखी है और कब नहीं है। वह हमें जन्म देती है और इस सुंदर धरती पर लाती है। माँ ही हमें अच्छे बुरे का ज्ञान देती है। माँ को हमारे पुराणों में भगवान की उपमा दी गयी है। माँ हमारे लिये पूजनीय है। हम सभी को माँ की इज्जत व सम्मान करना चाहिये। क्योंकि बुरे समय में जब सब साथ छोड़ देते हैं तब भी माँ का आशीर्वाद हमेशा अपने बच्चों के साथ रहता है।


    मेरी माँ पर निबंध Class 3 and 4

    मेरी माँ दुनिया की सबसे अच्छी माँ है। मेरी माँ मुझे बहुत प्यार करती है। वह मेरे लिए स्वादिस्ट खाना बनाती है।मुझे रोज सुबह स्कूल के लिए तैयार करती है। मेरी माँ मुझे पढ़ाई में मदद करती है। मै भी घर के कामो में अपनी माँ की मदद करता हु। मेरी माँ मुझे अच्छी बाते सिखाती है। मेरी माँ मुझे कहानियां भी सुनाती है।मेरी माँ मुझे प्यार से बाबू बुलाती है।मेरी माँ मेरा बहुत ही ख्याल रखती है। उसके महत्व का वर्णन मैं शब्दों में नही कर सकता हूं। वह चाहे किसी भी स्थिति में हो लेकिन उस सदैव ही मेरे सुख-सुविधाओं के विषय में चिंता लगी रहती है। हर माँ की तरह मेरी माँ ने भी मेरे पालन-पोषण में कोई कसर नही छोड़ी, यही कारण है कि मैं उसका बहुत ही सम्मान करता हूं और उसे किसी प्रकार का कष्ट नही होने देता।

    मेरी माँ एक गृहणी है और सभी घरेलू कार्यों में काफी दक्ष है। वह खाना बनाने से लेकर घर की साफ-सफाई जैसे सारे कार्य करती है। इसके साथ ही मैं यह भी कह सकता हूं कि मेरी मां मेरी पहली शिक्षक भी है क्योंकि मैने मेरे जीवन में जोभी शुरुआती चीजें सीखीं है, वह मुझे मेरी माता ने ही सिखायी हैं।


    मेरी माँ पर निबंध Class 5 and 6

    हर व्यक्ति के जीवन में माँ सबसे महत्वपूर्ण व्यक्ति होती है। भगवान सबका ख्याल नहीं रख सकते इसलिए उन्होंने मां को बनाया। एक माँ अपने बच्चे के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है और हमेशा अपने परिवार की बुनियादी जरूरतों को पूरा करती है। परिवार के लिए मां का बलिदान अतुलनीय है।

    मां-बच्चे के रिश्ते की खूबसूरती यह है कि उसके प्यार और बलिदान की कोई सीमा नहीं है। माताएं एक शिक्षक और सबसे अच्छी दोस्त की तरह होती हैं जो हर परिस्थिति में अपने बच्चे और परिवार के साथ हमेशा खड़ी रहती हैं।

    मेरी माँ घर में सब कुछ संभालती है और हमेशा मेरी और मेरे परिवार के अन्य सदस्यों की देखभाल के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करती है। कामकाजी महिला होने के बावजूद वह नियमित रूप से परिवार के लिए स्वादिष्ट व्यंजन बनाती हैं। जब भी मेरी तबीयत ठीक नहीं होती है तो वह जागती रहती है और परीक्षा के दौरान मुझे पढ़ाती है।

    मेरे ख्याल से वो पूरी दुनिया की सबसे प्यारी मां हैं। वह मेरे पूरे परिवार की देखभाल करती है। वह मुझे नैतिक मूल्य और जीवन का सही मार्ग दिखाती है। मैं अपनी मां से बहुत प्यार करता हूं और ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि उन्हें हमेशा अच्छा स्वास्थ्य और खुशियां दें।


    मेरी माँ पर निबंध Class 7 and 8

    माँ वह है जो हमें जन्म देती है, यहीं कारण है कि संसार में हर जीवनदायनी वस्तु को माँ की संज्ञा दी गयी है। यदि हमारे जीवन के शुरुआती समय में कोई हमारे सुख-दुख में हमारा साथी होता है तो वह हमारी माँ ही होती है। माँ हमें कभी इस बात का एहसास नही होने देती की संकट के घड़ी में हम अकेले हैं। इसी कारणवश हमारे जीवन में माँ के महत्व को नकारा नही जा सकता है।

    माँ एक ऐसा शब्द है, जिसके महत्व के विषय में जितनी भी बात की जाये कम ही है। हम माँ के बिना अपने जीवन की कल्पना भी नही कर सकते हैं। माँ के महानता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इंसान भगवान का नाम लेना भले ही भूल जाये लेकिन माँ का नाम लेना नही भूलता है। माँ को प्रेम व करुणा का प्रतीक माना गया है। एक माँ दुनियां भर के कष्ट सहकर भी अपने संतान को अच्छी से अच्छी सुख-सुविधाएं देना चाहती है।

    एक माँ अपने बच्चों से बहुत ही ज्यादे प्रेम करती है, वह भले ही खुद भुखी सो जाये लेकिन अपने बच्चों को खाना खिलाना नही भूलती है। हर व्यक्ति के जीवन में उसकी माँ एक शिक्षक से लेकर पालनकर्ता जैसी महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाती है। इसलिए हमें अपनी माँ का सदैव सम्मान करना चाहिए क्योंकि ईश्वर हमसे भले ही नाराज हो जाये लेकिन एक माँ अपने बच्चों से कभी नाराज नही हो सकती है। यही कारण है कि हमारे जीवन में माँ के इस रिश्ते को अन्य सभी रिश्तों से इतना ज्यादे महत्वपूर्ण माना गया है।


    मेरी माँ पर निबंध  Class 9, 10, 11 and 12

    बच्चा अपने जन्म के बाद जब बोलना सीखता है तो सबसे पहले जो शब्द वह बोलता है वह होता है 'माँ'। स्त्री माँ के रूप में बच्चे की गुरु है। बच्चे के मुख से निकला हुआ यह एक शब्द मात्र शब्द नहीं उस माता द्वारा नौ महीने बच्चे को अपनी कोख में पालने व उसके बाद होने वाली प्रसव पीड़ा का।

    माता को जो अनुभव होता है वही बालक के जीवन पर प्रभाव डालता है। माता से ही वह संस्कार ग्रहण करता है। माता के उच्चारण व उसकी भाषा से ही वह भाषा-ज्ञान प्राप्त करता है। यही भाषा-ज्ञान उसके संपूर्ण जीवन का आधार होता है।

    इसी नींव पर बालक की शिक्षा-दीक्षा तथा संपूर्ण जीवन की योग्यता व ज्ञान का महल खड़ा होता है। माता का कर्तव्य केवल लालन-पालन व स्नेह दान तक ही सीमित नहीं है। बालक को जीवन में विकसित होने, उत्कर्ष की ओर बढ़ने के लिए भी माँ ही शक्ति प्रदान करती है। उसे सही प्रेरणा देती है।

    समय-समय पर बाल्यकाल में माता द्वारा बालक को सुनाई गई कथा-कहानियाँ, उपदेश व दिया गया ज्ञान, बच्चे के जीवन पर अमिट छाप तो छोड़ता है। बचपन में दिया गया ज्ञान ही संपूर्ण जीवन उसका मार्गदर्शन करता है।

    बच्चे के प्रति माता का यह स्नेह परमात्मा का प्रकाश है। मातृत्व को इस धरती पर देवत्व का रूप हासिल है। माता त्याग की प्रतिमूर्ति है। अपनी आवश्यकताओं, इच्छाओं, सुख-सुविधाओं तथा आकांक्षाओं का त्याग कर वह अपने परिवार को प्रधानता देती है। हमारी जन्मभूमि भी हमारी माँ है, जो सब कुछ देकर भी हमारी प्रगति से प्रसन्न होती है।

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