Saturday, 14 May 2022

तोते पर निबंध - Essay on Parrot in Hindi

तोते पर निबंध | Essay on Parrot in Hindi

तोते पर निबंध | Essay on Parrot in Hindi

    तोते पर 10 वाक्य - Few Lines on Parrot in Hindi

    1. तोता एक बहुत सुन्दर और बुद्धिमान पक्षी होता है।

    2. तोते की सम्पूर्ण विश्व में लगभग 400 प्रजातियां पायी जाती हैं। 

    3. तोता औसतन 40-50 साल तक जीवित रहता हैं। 

    4. तोते विभिन्न रंगों के होते हैं जैसे हरा, पीला, लाल आदि।

    5. तोते की चोंच लाल, मोटी, घुमावदार तथा नुकीली होती है। 

    6. तोते घोसला बनाकर रहते हैं जिसे कोटर कहते हैं। 

    7. तोते मानव बोली की हूबहू नक़ल करने में माहिर होते है। 

    8. तोते शाकाहारी होते हैं ये मुख्यतः फल और सब्जी खाते हैं। 

    9. तोते अपने भोजन को पंजों से पकड़कर खाना पसंद करते हैं। 

    10. तोते की उड़ान नीची और लहरदार, लेकिन तेज होती है।

    तोते पर निबंध (100 शब्द)

    तोता मेरा पसंदीदा पक्षी है। यह बहुत ही सुंदर पक्षी है। तोते के पर हरे रंग के होते हैं जो उड़ते समय बहुत शानदार दिखते हैं। तोता छोटे फल जैसे जामुन, अंगूर आदि खाता है। तोते चावल, आम और यहां तक कि मिर्च भी खाते हैं। तोते की एक मोटी लाल चोंच होती है जो घुमावदार होती है। इसके गले में काला घेरा होता है। तोते को पालना लोगों को बहुत पसंद होता है इसका कारण यह है की तोते इंसानों की वाणी की नकल कर सकते हैं। इस प्रकार यह कहा जा सकता है कि तोते बहुत बुद्धिमान और सुंदर पक्षी हैं।

    तोते पर निबंध (150 शब्द)

    तोता एक शाकाहारी पक्षी है। तोते भोजन के रूप में मुख्यतः सब्जियां और फल खाना पसंद करते हैं। तोते झुण्ड में रहना ज्यादा पसंद करते हैं, इसी कारण जब भी तोते अपने भोजन की तलाश करने जाते हैं तो झुण्ड में जाते हैं। तोता अपने भोजन की तलाश में 1000 किलोमीटर से ज्यादा की उड़ान भर सकता है।

    तोता एक बहुत बुद्धिमान पक्षी होता है। यदि तोते को इंसानों के बीच में एक महीने के लिए रख दिया जाए तो यह इंसानों की नकल करने लगता है और इंसानों की तरह कुछ कुछ शब्द बोलने भी लगता है। तोता कोई भी भाषा आसानी से सिख लेता है और इसकी आवाज एक किलोमीटर तक सुनी जा सकती है। तोते को भारत में ज्यादातर लोग पिंजरे में बंद करके घर में रखते हैं और इसको राम राम जैसे शब्द सिखाये जाते हैं। यह शब्द तोता घर में आये मेहमानों के स्वागत के लिए प्रयोग करता है।

    तोते पर निबन्ध (200 शब्द)

    तोते पक्षी-जगत का अनिवार्य हिस्सा हैं। तोते उष्ण कटिबंधीय पक्षी हैं। तोते बहुत बुद्धिमान पक्षी होते हैं। वे मानव आवाज की नकल करने में माहिर हैं। भारत, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड आदि जैसे कई देशों के वन्यजीवन के लिए तोते महत्वपूर्ण हैं। 

    तोता बहुत ही सुंदर पक्षी होता है। तोते शाकाहारी होते हैं, जिसका अर्थ है कि वे पौधे और फल खाते हैं। तोते अंगूर, जामुन, आम आदि जैसे फलों को खाते हैं। वे पौधों की पत्तियों, अनाज और यहां तक ​​कि पके हुए चावल भी खाते हैं। तोते बहुत बुद्धिमान पक्षी हैं और वे समय के साथ मानव भाषा सीख जाते हैं। एक पालतू तोता आमतौर पर अपने मालिक की बोली की नक़ल करने में माहिर होता है। यदि तोते को बचपन से पला जाये तो वे बहुत साफ बोली बोलने लगते हैं। 

    मनुष्य का व्यव्हार इन अद्भुत पक्षियों के प्रति बहुत क्रूरतापूर्ण रहा है। जंगलों के कटने से तोतों को जंगल में रहना मुश्किल हो रहा है। तोते अक्सर बाजारों में बेचे जाते हैं और उन्हें छोटे पिंजरों में रखा जाता है, जिससे वे दुखी और उदास रहते हैं। इन गतिविधियों के कारण, तोते अब लुप्तप्राय पक्षियों की प्रजाति बन गए हैं। इसलिए हमें इन्हें विलुप्त होने से बचाना चाहिए।

    तोते पर निबंध (250 शब्द)

    तोते झुंड में रहनेवाले पक्षी हैं। तोते की अनेक प्रजातियां हैं। संसार में प्राय: 398 किस्म के तोते पाए जाते हैं। तोता बहुत प्रिय व सुंदर पक्षी है। यह हरे रंग का 10-12 इंच लंबा पक्षी है, जिसके गले पर लाल कंठ होता है। तोते के पंख पीले-हरे, चोंच लाल, ठोढ़ी पर काला धब्बा होता है। तोता औसतन २०-३० साल तक जीवित रहता हैं लेकिन अगर स्तिथि अनुकूल हो तो कुछ तोते ५० साल तक भी जीवित रह सकते हैं।

    तोता बहुत सुंदर पक्षी है और मनुष्यों की बोली की नकल बखूबी कर लेता है। इसकी कई जातियाँ हैं। लेकिन इनमें हरा तोता (Ring Necked Parakett), जो अफ्रीका में गैंबिया के मुहाने (mouth of Gambia) से लेकर, लाल सागर होता हुआ भारत, बर्मा और टेनासरिम (Tenasserim) तक फैला हुआ है, सबसे अधिक प्रसिद्ध है। यह हरे रंग का 10-12 इंच लंबा पक्षी है, जिसके गले पर लाल कंठा होता है। तोते को मनुष्यों ने संभवत: सबसे पहले पालतू किया और आज तक ये शौक के साधन बने हुए हैं।

    तोते झुंड में रहने वाले शाकाहारी पक्षी हैं। इनकी उड़ान नीची और लहरदार, लेकिन तेज होती है। इनका मुख्य भोजन फल, फूल और बीज है, जिसे ये अपने पंजों से पकड़कर खाते रहते हैं। यह पक्षियों के लिये अनोखी बात है। तोते की बोली कड़ी और कर्कश होती है, लेकिन इनमें से कुछ सिखाए जाने पर मनुष्यों की बोली की हूबहू नकल कर लेते हैं। सीखे हुए तोतों की बोली बहुत मीठी होती है। अफ्रीका का स्लेटी तोता मनुष्य की बोली की नक़ल करने के लिए विश्व प्रसिद्ध है। 

    तोते पर निबंध (300 शब्द)

    तोते उष्णकटिबंधीय पक्षी हैं। तोते विभिन्न रंगों के होते हैं जैसे हरा, पीला, लाल, इंद्रधनुषी रंग आदि। ये उष्ण कटिबंधीय पक्षी हैं और गर्म स्थानों में रहना पसंद करते हैं। तोते के घोंसले को हिंदी में “कोटर” कहा जाता है। दुनिया में तोतों की लगभग 400 प्रजातियां हैं, जो रंग, आकार, व्यवहार और कौशल में भिन्न हैं। कुछ प्रकार के तोते मानव बोली बोलने में सक्षम होते हैं, अन्य नहीं। तोता गांव, शहर, खतों और जंगलो में हर जगह पर पाया जाता है। तोता एक आम पक्षी है जिसे शहरों, गांवों और जंगलों में आसानी से देखा जा सकता है। 

    तोते का वैज्ञानिक नाम “Psittaciformes” है और इसको इंगलिश में “Parrot” कहते है। तोते गर्म जलवायु में पाए जाते हैं। ऑस्टेलिया और न्यूजीलैंड में पाया जाने वाले तोते सतरंगी रंग के होते है। जबकि भारत में हरे तोते पाए जाते हैं। इसकी सुन्दरता के कारण तोतों को पकड़कर बेचा जाता है। 

    एक तोते का वजन 500 ग्राम से लेकर 1 किलो तक हो सकता है। पर कुछ तोते ऐसे भी होते हैं, जिनका वजन बिल्लियों के वजन के बराबर होता है। तोता दिखने में बहुत ही सुंदर पक्षी होता है, जिसके कारण इसे बहुत से लोग अपने घर पालना पसंद करते हैं और इसे प्यार से मिट्ठू कहा जाता है। तोता न ही ज्यादा बड़ा होता है और न ही ज्यादा छोटा होता है, यह मध्यम आकार का पक्षी होता है। 

    तोते की लम्बाई सामान्यतया 10 से 12 इंच होती है और इसके गले के चारों ओर एक काले रंग की रिंग होती है, जिसे हिंदी में तोते की कंठी कहा जाता है। इसका सर इसके शरीर के मुकाबले छोटा होता है और इसकी आँखों का रंग काला और ऑंखें चमकीली होती है। इसके साथ ही तोते की आँखों के चारों और भूरे रंग की रिंग होती है, जो तोते की खूबसूरती को और भी बढ़ा देती है।

    तोते पर निबंध (600 शब्द)

    प्रस्तावना

    धरती पर कई प्रकार के जीव-जन्तु रहते है जिनमें सभी की अलग-अलग विशेषताएं होती है। इन्हीं विशेषताओं के कारण इनकी पहचान भी की जाती है, इन्हीं में तोता भी एक प्रकार का पक्षी है। तोता दिखने में सुंदर और मनमोहक होता है इसी के कारण ही तोता बाकि के पक्षिओं से भिन्न होता है। तोता विश्व के लगभग सभी देशों में पाया जाता है और सभी जगह पर अलग-अलग रंगों में पाया जाता है। इन रंगों में अधिकतर हरा होता है। हरे रंग के अलावा लाल, सतरंगी, पीला, नीला आदि में भी पाया जाता है।

    तोता समझदार और बुद्धिमान पक्षियों में से एक है। यदि तोता लोगों के सम्पर्क में अधिक रहता है तो वह उनकी नकल करना सीख जाता है। इसके साथ ही बोला भी सीख लेता है। तोते को प्रशिक्षण देकर कई भाषाएँ सिखाई भी जा सकती है।

    तोता की शारीरिक संरचना

    तोता अपनी चोंच के कारण सभी पक्षियों से भिन्न होता है, इसकी चोंच अद्वितीय होती है। भारत में तोते हरे रंग के अधिक पाए जाते हैं। तोते की चोंच का रंग लाल होता है और पूरा शरीर हरे रंग का होता है। इसकी आंखे काले रंग की चमकदार होती है। इसकी आँखों के चारों ओर भूरे रंग की वलय होती है जो तोते को सबसे अलग बनाती है। तोते की चोंच का उपरी भाग मुड़ा हुआ होता है। तोते के गले भी एक वलय होती है, जिसका रंग काला होता है, जिसे तोते की कंठी कहा जाता है।

    तोते का पंजा बहुत मजबूत और छोटा होता है। तोते की आवाज कर्कश भरी होती है जो हमें 1 किलोमीटर की दूरी से भी सुनाई दे जाती है। तोता वजन में एक किलो तक हो सकता है और इसकी लम्बाई 12 इंच तक हो सकती है। इसके छोटे-छोटे पंख होते हैं जिसकी मदद से तोता एक दिन में 1000 किलोमीटर तक उड़ सकता है। एक तोता 10 से 15 वर्ष तक जीवित रहता है।

    तोता की प्रजाति

    पृथ्वी पर तोते की प्रजाति सबसे अधिक पाई जाती है। पृथ्वी पर तोते की प्रजाति लगभग 350 से भी अधिक खोजी जा चुकी है। इनमें से नीला और सुनहरा मकाओ sun conure, cilac-crowned amazon, eclectus, scarlet macaw आदि मुख्य है। पिग्मी प्रजाति का तोता सबसे छोटा तोता है, जिसकी लम्बाई हमारी एक ऊँगली के समान होती है।

    तोते की कुछ प्रजातियाँ ऐसी है, जिनका वजन बिल्ली के वजन के जितना होता है जिसके कारण वे उड़ नहीं पाते। इन्हीं वजनदार तोतो में Kakapo प्रजाति के तोते भी आते है।

    तोता का भोजन

    शाकाहारी पक्षियों में से एक तोता भी है। यह अपने भोजन में फूल, पते, बीज, सब्जी और दाना आदि लेता है। तोता फलों में आम और अमरुद सबसे अधिक पसंद करता है। तोता अपना भोजन झुण्ड में खोजने के लिए निकलते हैं।

    तोता का निवास स्थान

    तोता एक ऐसा पक्षी है, जिसे लोग अपने घरों में पालना पसंद करते हैं। लोग अपने घरों में तोते को पिंजरे में बंद करके रखते हैं। जंगलों में तोता अपना घर पेड़ों के तनों में छेद बनाकर बनाता है, जिसे हम कोटर कहते हैं तोता नीम, जामुन, अमरूद आदि के पेड़ो पर रहना अधिक पसंद करता है।

    तोता गर्म स्थानों में रहना अधिक पसंद करता है। तोता दुनिया के हर देश में पाया जाता है। लेकिन सबसे अधिक ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में पाया जाता है। तोते को ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड देशों से अन्य देशों में निर्यात भी किया जाता है।

    तोता की विशेषता

    नर और मादा तोते में अंतर आसानी से नहीं किया जा सकता, इनके बीच अंतर करने के लिए इनका ब्लड टेस्ट किया जाता है। इसके बाद ही पता लगाया जा सकता है कि तोता नर है या मादा। एक मादा तोता 25 से 29 दिनों में अंडे देती है। तोता एक साल में 10 से 15 तक अंडे देती है।

    उपसंहार

    तोता एक सुंदर और मनमोहक पक्षी है, जो दुनिया के हर कोने में पाया जाता है। तोता एक ऐसा पक्षी है जिसे हम बोलना भी सीखा सकते है।


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