Wednesday, 12 January 2022

न्यायिक सक्रियता' (Judicial Activism) पर संक्षिप्त टिप्पणी कीजिए।

न्यायिक सक्रियता' (Judicial Activism) पर संक्षिप्त टिप्पणी कीजिए।

न्यायिक सक्रियता

न्यायिक सक्रियता से तात्पर्य न्यायालय द्वारा कार्यपालिका एवं व्यवस्थापिका के गलत कार्यों की संविधान के दायरे में रचनात्मक समीक्षा कर उन पर अंकुश लगाना तथा आम जन को सामाजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक न्याय प्रदान करना है। दूसरे शब्दों में इसे जन सामान्य के हित में न्यायपालिका की अधिक क्रियाशीलता भी कहा जाता है।

वस्तुतः न्यायिक सक्रियता का उदय भारत की राजनीतिक व्यवस्था में आ गयी अनेक कमियों जैसे - भ्रष्टाचार, राजनीति का अपराधीकरण, गैर जिम्मेदारी, अनैतिकता, अनाचार इत्यादि के कारण हआ है। साथ ही सर्वोच्च न्यायालय का यह मानना कि न्याय का स्वरूप कानूनी ही नहीं अपितु सामाजिक आर्थिक भी होना चाहिए। इसी कारण सर्वोच्च न्यायालय ने हाल के वर्षों में सामाजिक, आर्थिक, पर्यावरण, निर्बल वर्ग से जुड़े अनेक मामलों में संविधान की उदार व्याख्या की और समाज के निर्बल एवं पिछड़ों को न्याय प्रदान कर उनके मानवाधिकारों की रक्षा की है।


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