Wednesday, 29 December 2021

असहयोग आन्दोलन के कार्यक्रमों का उल्लेख कीजिये।

असहयोग आन्दोलन के कार्यक्रमों का उल्लेख कीजिये।

Asahyog Andolan ke Karyakram Ka Ullekh Kijiye : असहयोग आन्दोलन 1 अगस्त 1920 में औपचारिक रूप से शुरू हुआ था और बाद में 4 सितंबर 1920 को कांग्रेस के कलकत्ता अधिवेशन आंदोलन का प्रस्ताव पारित हुआ जिसके बाद कांग्रेस ने इसे अपना औपचारिक आंदोलन स्वीकृत कर लिया। जो लोग भारत से ब्रिटिश शासन को ख़त्म कर स्वराज्य चाहते थे उनसे आग्रह किया गया कि कर न चुकाएँ, वे स्कूलो, कॉलेजो और न्यायालय न जाएँ तथा किसी भी प्रकार से शासन का सहयोग न करें। महात्मा गाँधी के अमरीकी जीवनी-लेखक लुई फ़िशर ने लिखा है कि "असहयोग भारत और गाँधी जी के जीवन के एक युग का ही नाम हो गया। असहयोग शांति की दृष्टि से नकारात्मक किन्तु प्रभाव की दृष्टि से बहुत सकारात्मक था।"

असहयोग आन्दोलन के कार्यक्रम

असहयोग आन्दोलन का कार्यक्रम अति व्यापक था। इसे निम्नलिखित दो भागों में उल्लिखित किया जा सकता है -

(1) निषेधात्मक / विरोधात्मक पक्ष - असहयोग आन्दोलन के इस पक्ष में निम्नलिखित कार्यक्रम शामिल थे -

  1. सरकारी वैतनिक तथा अवैतनिक पदों और उपाधियों का त्याग।
  2. स्थानीय संस्थाओं के मनोनीत सदस्यों द्वारा अपने पदों का त्याग।
  3. सन् 1919 ई. के अधिनियम के तहत होने वाले चुनावों का बहिष्कार।
  4. विदेशी माल का बहिष्कार।
  5. सरकारी न्यायालयों का बहिष्कार।
  6. सरकारी दरबारों, उत्सवों और स्वागत समारोहों का बहिष्कार।

(2) रचनात्मक / सकारात्मक पक्ष - आन्दोलन के इस पक्ष में निम्नलिखित कार्यक्रम शामिल थे

  1. राष्ट्रीय स्कुलों और कॉलेजों की स्थापना करना।
  2. व्यापक पैमाने पर स्वदेशी वस्तुओं का प्रचार करना।
  3. सरकारी न्यायालयों के स्थान पर गैर सरकारी पंचायती न्यायालयों की स्थापना। .
  4. हिन्दू-मुस्लिम एकता को सुदृढ़ करना इत्यादि।


SHARE THIS

Author:

I am writing to express my concern over the Hindi Language. I have iven my views and thoughts about Hindi Language. Hindivyakran.com contains a large number of hindi litracy articles.

0 comments: