एक तो करेला दूसरा नीम चढ़ा लोकोक्ति का अर्थ और वाक्य प्रयोग

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एक तो करेला दूसरा नीम चढ़ा लोकोक्ति का अर्थ

एक तो करेला दूसरा नीम चढ़ा लोकोक्ति का अर्थ होता है – एक के साथ दूसरा दोष; स्वाभाविक दोष का और बढ़ जाना; एक साथ दो अवगुण; दुष्ट प्रवृत्ति के मनुष्य का कुसंगति में पड़ना। 

एक तो करेला दूसरा नीम चढ़ा लोकोक्ति का वाक्य में प्रयोग

वाक्य प्रयोग- सुरेश अपने दुष्ट स्वाभाव के कारण परिवार में सदैव उपेक्षा का पात्र बना रहता है ऐसे में रमेश जैसे नक्सली का साथ उसे समाज में भी उपेक्षित बना देता है। उसकी दशा एक तो करेला कडुवा दूसरे नीम चढ़ा वाली हो गई है।

वाक्य प्रयोग- पाकिस्तान आतंकवादी गतिविधियों में संलिप्तता के कारण वैश्विक पटल पर सदैव अवहेलना का पात्र बना रहता है। ऐसे में उसने अपनी व्यवस्था में सुधार करने के लिए तालिबानियों के साथ सम्बन्ध स्थापित कर लिया है जो एक तो करेला दूजे नीम चढ़ा कहावत को चरितार्थ करता है।

वाक्य प्रयोग- भारतीयों में एक जातीय कट्टरता है दूसरे अंधविश्वासी हैं। एक तो करेला और दूसरा नीम चढ़ा, अतः व्यवस्था में परिवर्तन बहुत कठिन है। 

वाक्य प्रयोग- नवीन जुआ तो पहले से ही खेलता था अब शराब भी पीने लगा। यह तो वही बात हुई–एक तो करेला, दूसरा नीम चढ़ा।

एक तो करेला दूसरा नीम चढ़ा एक प्रसिद्ध लोकोक्ति या हिन्दी मुहावरा है जिसका का अर्थ है – एक के साथ दूसरा दोष; स्वाभाविक दोष का और बढ़ जाना; एक साथ दो अवगुण; दुष्ट प्रवृत्ति के मनुष्य का कुसंगति में पड़ना। मान लीजिये कोई व्यक्ति पहले बुरा है परन्तु यदि उसकी बुराइयां और भी अधिक बढ़ जाएँ तो उसके लिए इस मुहावरे का प्रयोग किया जाता है।

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