Friday, 1 July 2022

दो मित्रों के बीच कोरोना वायरस पर संवाद लेखन - Do Mitro Ke Beech Corona Virus Par Samvad Lekhan

दो मित्रों के बीच कोरोना वायरस पर संवाद लेखन : In This article, We are providing दो मित्रों के बीच कोरोना महामारी पर संवाद and Do Mitro Ke Beech Corona Virus Par Samvad Lekhan for Students and teachers.

    दो मित्रों के बीच कोरोना वायरस पर संवाद

    आर्यन : इस कोरोना वायरस का प्रकोप तो बढ़ता ही जा रहा है। मुझे तो बहुत डर लग रहा है। 

    सागर : डरने की बात तो है ही क्योंकि अभी तक कोरोना का कोई इलाज भी तो नहीं मिला है। 

    आर्यन : क्या कभी इस बीमारी का इलाज मिलेगा ?

    सागर : भले ही हमारे पास इसका कोई इलाज न हो लेकिन हम इससे अपना बचाव जरूर कर सकते हैं। बचाव से भी इसे फैलने से रोका जा सकता है। 

    आर्यन : इसी कारण हमारे देश में लॉकडाउन लगाया गया था ताकि यह बीमारी पूरे देश में न फैले। 

    सागर : हाँ, सही कहते हो। मैं तो जब भी बाहर निकलता हूँ तो हमेशा मास्क पहनता हूँ और 6 गज की दूरी का पालन करता हूँ।

    आर्यन : अब बस यही कामना है की जल्दी से इस बीमारी का इलाज मिले और दुनिया वापस सामान्य हो जाये। 

    सागर : हाँ, क्योंकि इस कोरोना ने पढाई का भी बहुत नुकसान किया है। मेरी भी बस यही प्रार्थना है की बस ये बीमारी किसी प्रकार ख़त्म हो और हम वापस स्कूल लौटें। 


    दो मित्रों के बीच कोरोना महामारी पर संवाद

    अशोक : रमन, मित्र क्या बात हैं, इतने भयभीत क्यों दिखाई दे रहे हों।

    रमन : मित्र, मुझे कोरोना का भय सता रहा है, हर पल यही डर लगा रहता हैं कि कहीं ये मुझे न हो जाएं।

    अशोक : क्यों, इसमें डरने वाली क्या बात है? तुम्हें नहीं पता इससे कैसे बचा जा सकता है।

    रमन : कुछ बातें तो जानता हूं फिर भी काफी बातों से अनभिज्ञ हूं। क्या तुम इस बारे में मेरी कोई सहायता कर सकते हो ?

    अशोक : हा - हा, क्यों नहीं। इतना तो तुम जानते हो कि हमें बार-बार हाथ धोते रहना है एवं स्वच्छता को बनाए रखना है। इसके अतिरिक्त अनावश्यक अपने मुंह, नाक व आंखों को छूने से बचना है।

    रमन : हा और बाहर से कुछ सामान लाए जाने पर उसे अच्छी तरह धोकर ही प्रयोग करना चाहिए। इसके अलावा और क्या कर सकते हैं।

    अशोक : यदि किसी व्यक्ति को खांसी - जुकाम हो रहा हो तो, ऐसे व्यक्ति से कम से कम 2 मीटर की दूरी बनाए रखनी है। और यदि तुम्हें खांसी या जुखाम हो तो हमेशा टिशु पेपर का प्रयोग करो व उसके उपरान्त उसे किसी ढक्कनदार कूड़ेदान में फेंक दो और मुंह पर मास्क लगाकर रखो और जब मास्को उतारो तुरंत साबुन से धोकर धूप में सुखा लो। पशुओं से भी दूरी बना कर रखो, चाहे वह पालतू हो या जंगली। बस इतना ही करना है और घबराना बिल्कुल नहीं है।

    रमन : धन्यवाद मित्र, तुमने मेरी परेशानी दूर कर दी है। अब मैं काफी तनाव रहित महसूस कर रहा हूं।

    अशोक : अच्छा मित्र, अब मैं चलता हूं। अपना ख्याल रखना, और अपने आसपास सफाई भी रखना।

    रमन : हां मित्र धन्यवाद, तुम भी अपना ख्याल रखना।


    दो दोस्तों के बीच कोरोना वायरस पर संवाद

    राम : तुम कोरोना महामारी के बारे में जानते हो?

    श्याम : हां यह एक बेहद खतरनाक बीमारी है। यह अब महामारी का रूप ले चुकी है।

    राम : यह कहां से शुरू हुआ?

    श्याम : यह चीन के वुहान शहर से शुरू हुआ और देखते देखते दुनिया के लगभग सभी देशों में पहुंच गया।

    राम : तब तो इसका असर पूरे विश्व पर पड़ा होगा।

    श्याम : हां आज पूरा विश्व इस संकट को झेल रहा है।

    राम : अभी उसकी क्या स्थिति है?

    श्याम : पूरे विश्व में अभी तक तेरह लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हो चुके हैं जिनमें सत्तर हजार लोगों की मौत हो चुकी है। यह आंकड़ा हर रोज बढ़ रहा है।

    राम : भगवान करे, जल्द इसका कोई दवाई तैयार हो ताकि ऐसे महामारी से विश्व निकल सके।


    दो दोस्तों के बीच कोरोना महामारी पर संवाद

    प्रशांत : अविनाश, इस कोरोना महामारी ने तो पूरी दुनिया का हाल-बेहाल कर दिया है।

    अविनाश : मुझे भी ऐसा ही लगता है दोस्त। इस कोरोना नाम की आफत से पूरी दुनिया परेशान है। कितने ही लोग बेरोजगार हो गए और कितने हे घर बर्बाद हो गए इस महामारी में।

    प्रशांत : इस वायरस का संक्रमण इतनी तेजी से फैलता है कि सप्ताह भर में संक्रमित लोगों की संख्या दोगुनी हो जाती है।

    अविनाश : अरे मित्र! जो लोग पहले से ही किसी बीमारी से पीड़ित हैं उनके लिए तो यह और भी ज्यादा घातक है क्योंकि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता तो अन्य लोगों से कमजोर ही होती है और वे इससे ज्यादा प्रभावित होते हैं।

    प्रशांत : इस वायरस से मरने वाले लोगों के तो शव भी उनके परिवार के लोगों तक को नहीं मिल पा रहे हैं।

    अविनाश : इतना कुछ हो रहा है लेकिन तब भी लोग इस वायरस से बचने के लिए जिन बातों का ध्यान रखना चाहिए उनका पालन नहीं कर रहे हैं और संक्रमण बढ़ने में पूरा योगदान दे रहे हैं।

    प्रशांत : सही कह रहे हो मित्र। यदि इस वायरस से बचना है तो हमें दो गज की दूरी, मास्क का प्रयोग और नियमित रूप से हाथ धोने का पालन करना चाहिए। साथ ही टीकाकरण में भी भाग लेना चाहिए।


    Do Mitro Ke Beech Corona Virus Par Samvad Lekhan

    राम : यार मोहन, यह कोरोनावायरस का प्रकोप तो खत्म होने का नाम ही नही ले रहा। मुझे तो बड़ा डर लग रहा है, पता नही इसका अंत कब होगा?

    मोहन : हाँ राम, डरने की तो बात ही है। यह ऐसी महामारी है, जिसका अभी तक कोई इलाज नहीं मिल पाया है। ऐसे में ये बीमारी लंबे समय हम लोगों के साथ रहने वाली है, ऐसा लगता है।

    राम : पता नही आगे क्या होगा? ऐसा संकट मैने अपने जीवन पहले कभी नही देखा।

    मोहन : भले ही अब तक इसका कोई इलाज नही निकल पाया है, लेकिन हम इस वायरस के संक्रमण को फैलने से तो बचा ही जा सकता हैं। किसी भी रोग को होने की नौबत ना आने देना यानि रोग से बचाव भी एक अच्छा उपाय है।  

    राम :  इसी कारण हमारे देश की सरकार ने लॉक डाउन किया था ताकि संक्रमण पूरे देश में ना फैल सके।  बल्कि पूरे विश्व में ऐसा हो रहा है।

    मोहन : बिल्कुल सही कहा तुमने। हमारे देश में ही नहीं विश्व के अनेक देशों में लॉकडाउन चल रहा है। हालांकि बहुत से देशों ने देर से लॉकडाउन आरंभ किया, जिसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ा।  

    राम : परन्तु हमारे देश में तो एकदम सही समय पर लॉकडाउन का निर्णय ले लिया गया था।  लेकिन संक्रमण तो फिर भी बढ़ता जा रहा है।

    मोहन :  भले ही संक्रमण बढ़ रहे हैं, लेकिन ये भी देखो कि अगर लॉकडाउन नही किया होता तो बहुत बुरी हालत हो गयी होती। लॉकडाउन करने से हमें बचाव के लिये तैयारी करने का अवसर मिल गया। लोगों में एक समझ विकसित हो गयी और संक्रमण भी विशाल स्तर पर नही फैल पाया।

    राम : हाँ ये तो है। उम्मीद है कि जल्दी से जल्दी यह बीमारी न केवल हमारे देश से बल्कि पूरे विश्व से समाप्त हो जाएगी ताकि हम लोग अपनी पहले वाली जिंदगी सकें और सब कुछ पहले की तरह ठीक हो जाए।  

    मोहन : हाँ, हम हार मानने वाले नही हैं, फिलहाल जब तक इसका कोई सटीक उपचार नही आ जाता हमें कोरोना के साथ जीना सीखना होगा और अपनी जीवनशैली में बदलाव लाते हुए बचाव के सारे उपायों के साथ जीवन जीना सीखना होगा।

    राम : सही कर रहे हो।


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