Sunday, 3 July 2022

बढ़ते अपराध पर दो मित्रों के बीच संवाद लेखन - Do Mitro Ke beech Apradh par Samvad Lekhan

बढ़ते अपराध पर दो मित्रों के बीच संवाद लेखन : In This article, We are providing बढ़ते हुए अपराधों पर चिंता व्यक्त करते हुए दो व्यक्तियों की परस्पर बातचीत को संवाद के रूप में लिखा गया है। and Do Mitro Ke beech Apradh par Samvad Lekhan for Students and teachers.

    बढ़ते हुए अपराधों पर दो व्यक्तियों के बीच संवाद लेखन

    गुरमीत : क्या हुआ अमन इतने चिंतित क्यों हो ?

    अमन : मैं देश की कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर थोड़ा चिंतित हूं।

    गुरमीत : सच कह रहे हो तुम। मैंने अभी सुबह का अखबार देखा तो हर जगह बस अपराध, चोरी, हत्या डकैती की ही खबरें थीं। 

    अमन : अभी कल ही सोसाइटी के पार्क में कुछ बाइक सवार आये और एक महिला की चेन लूट ली। 

    गुरमीत : अब तो हर जगह असुरक्षित लगती है। समझ नहीं आता कि जाएँ तो जाएँ कहाँ। 

    अमन : तुम सही कह रहे हो। न केवल शहरों और कस्बों में बल्कि गांवों में भी अपराध बड़े पैमाने पर हो रहे हैं.

    गुरमीत : तुम्हारे विचार से इस कानून-व्यवस्था के टूटने के क्या कारण हैं?

    अमन : युवाओं में बेरोजगारी, हताशा और नशे की लत अपराध को जन्म देती है. नशा करने वाले ज्यादातर नशेड़ी ड्रग्स खरीदने के लिए पैसे इकट्ठा करने के लिए अपराध करते हैं।

    गुरमीत : हाँ। नतीजतन, कानून लागू करने वाली एजेंसियां स्थिति से निपटने में विफल होती जा रही हैं। लेकिन वे देश में कानून-व्यवस्था की स्थिति बहाल करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।

    अमन : तुम सही कह रहे हो। लेकिन मेरा मानना है कि अगर हम पुलिस जैसी कानून लागू करने वाली एजेंसियों का सहयोग करें तभी हम अपराध से लड़ सकते हैं।


    बढ़ते अपराध पर दो मित्रों के बीच संवाद लेखन

    मनोहर : अरे सुन्दर, आज का समाचार पत्र पढ़ा क्या ?  सुना है कि हमारे मौहल्ले कुछ चोर देर रात पड़ोस की दुकान के ताले तोड़कर सारा पैसा चुराकर रफूचक्कर हो गए।

    सुन्दर : मनोहर भैया अब तो ये रोज-रोज की बात हो गई हैं। पास के मोहल्ले में भी कुछ दिन पहले ऐसा ही हुआ था।

    मनोहर : मुझे तो संदेह है की दोनों ही  घटनाओं में एक ही गैंग का हाथ है। महिलाओं के गहने झपट लेना और रात में दुकानों के ताले तोड़ देना तो जैसे आम बात हो गई हैं। पुलिस क्या कर रही हैं।

    सुन्दर : पुलिस कोशिश तो कर रही हैं किन्तु अपराधी बड़े शातिर हैं। लगता हैं कि ये कोई प्रशिक्षित गिरोह हैं। जो बड़े पेशेवर तरीके से काम रहा है।

    मनोहर : सही कह रहे हो। लोगो को भी सतर्क रहना चाहिए। सीसीटीवी कैमरे लगाने चाहिए। पुलिस को भी गश्त बढानी चाहिए।

    सुन्दर : सही है। पुलिस को भी सादा कपड़ों में घूम-घूम कर पता करना चाहिए।

    मनोहर : बस आ गई। चलो चलते हैं।


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