Friday, 27 May 2022

Hindi Essay on Rickshawala, "रिक्शावाला पर निबंध", "Rickshaw Chalak par Nibandh" for Students

Hindi Essay on Rickshawala, "रिक्शा चालक पर निबंध", "Rickshaw Chalak par Nibandh" for Students

    रिक्शा चालक पर निबंध - Rickshaw Chalak par Nibandh

    रिक्शा चालक पर निबंध : एक रिक्शावाला बहुत कठिन जीवन व्यतीत करता है। उसके जीवन में दरिद्रता और कमी के सिवा कुछ नहीं। रिक्शावाला फटे गंदे वस्त्र पहनता है। वह सबसे सस्ता भोजन करता है सडकों पर, अपने रिक्शे पर या किसी मकान के बाहरी बरामदे या छज्जे के अंदर सोता है। उसका रिक्शा तक उसका अपना नहीं होता। सामान्यत: वह इसे किसी धनाढ्य रिक्शा मालिक से किराए पर लेता है। रिक्शा मालिक को वह प्रतिदिन कुछ रकम अदा करता है। कभी-कभी उसकी दैनिक आमदनी पूरा किराया देने की रकम से भी कम जाती है। उसकी आमदनी एक-सी नहीं रहती। विवाहों, सम्मेलनों, त्योहारों इत्यादि अवसरों पर वह अच्छा कमाता है। फिर भी, उसकी औसत आमदनी से मुश्किल से दो तीन आदमी ही गुजर कर सकते है। 

    रिक्शावाले का जीवन कष्टमय होता है। उसे सुबह से शाम तक परिश्रम करना पड़ता है। चाहे कैसा भी मौसम हो, उसे रोज रिक्शा चलाना पड़ता है। घोर वर्षा, झुलसानेवाली धूप तथा कंपाने वाली सर्दी उसके लिए कोई मायने नहीं रखती। रिक्शावाले अधिकतर अनपढ होते हैं। लेकिन, सामान्य सरल एवं दब्बू होते। अधिकांश रिक्शावाले शराब और बीड़ी के आदी होते हैं। इस प्रकार वे अपने स्वास्थ्य नुकसान पहुंचता है और कष्ट सहकर कमाए हुए पैसे गंवा देते हैं।

    रिक्शावाला पर निबंध - Essay on Rickshawala in hindi

    रिक्शावाला पर निबंध : रिक्शा परिवहन का एक माध्यम है। रिक्शा चलाने वाले को रिक्शावाला कहते हैं। रिक्शा चलाने के लिए मानव शक्ति की आवश्यकता होती है। एक रिक्शावाला पैडल को धक्का देकर रिक्शा चलाता है। रिक्शा का किराया टैक्सी से सस्ता है। रिक्शा चालक आमतौर पर बड़े शहरों में देखे जाते हैं। वे आम तौर पर बस स्टैंड और रेलवे स्टेशनों के पास देखे जाते हैं।

    रिक्शावाला पर निबंध - Essay on Rickshawala in hindi

    एक रिक्शा चालक का जीवन बहुत कठिन होता है। उसे गर्मी के दिनों में गर्म हवाएं, सर्दी में ठंडी हवाएं और बरसात के मौसम में बारिश सहन करनी पड़ती है। उसे कीचड़ भरे पानी का सामना करना पड़ता है, जिससे उसे पानी में अपना रिक्शा पैदल खींचने के लिए मजबूर होना पड़ता है।

    अधिकांश रिक्शा चालक दिन के समय अपनी सेवाएं प्रदान करते हैं। लेकिन कुछ रिक्शावाले रात में भी रिक्शा चलाते हैं। इनके कारण एक जगह से दूसरी जगह जाना बहुत आसान हो जाता है। वे हमारा कीमती समय भी बचाते हैं। बदले में वे जो किराया लेते हैं वह आम तौर पर बहुत कम रहता है।

    रिक्शावाले को छुट्टी नहीं मिलती। वह बेहद सादा जीवन जीते हैं। भले ही वह अपनी क्षमता से अधिक काम करता है, फिर भी उसे ज्यादा कमाई नहीं होती है। ऐसा इसलिए है क्योंकि वे किराए पर रिक्शा चलाते हैं। एक रिक्शावाले को रिक्शा मालिक को अपनी आय का एक हिस्सा देना पड़ता है। यही उनकी दुर्दशा का मूल कारण है।

    रिक्शावाले अपने बच्चों को अच्छे स्कूलों में पढ़ाने का खर्चा नहीं उठा सकते। हमारी सरकार उनके उत्थान के लिए कदम उठा रही है। आसान किश्तों पर अपने ऑटोरिक्शा खरीदने में बैंक उनकी मदद कर रहे हैं। यह एक अच्छा कदम है, क्योंकि इससे उनकी हालत में जरूर सुधार होगा। क्योंकि तब वे एक बेहतर जीवन जीने की स्थिति में होंगे और साथ ही वे अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा भी देंगे।

    इस प्रकार, रिक्शावाले आमतौर पर नम्र और मृदुभाषी होते हैं। वे ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का पालन करते हैं। लेकिन रिक्शावाले ऐसे भी हैं जो लोगों को ठगने की कोशिश करते हैं. वे उनसे अधिक किराया वसूलते हैं और इस प्रकार बेईमानी से लाभ प्राप्त करने के लिए सभी प्रयास करते हैं।


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