Tuesday, 5 April 2022

भाषा का अर्थ एवं परिभाषा स्पष्ट कीजिये।

भाषा का अर्थ, परिभाषा एवं विशेषताएं स्पष्ट कीजिये। 

भाषा का अर्थ

    भाषा शब्द संस्कृत के भाषा धातु से बना हुआ है। इसका अर्थ होता है, बोलना; इस प्रकार इसका सामान्य अर्थ है, अपने विचारों या भावों को  प्रकट करना। भाषा अपने सामान्य अर्थ में विचारों या भावों को आदान-प्रदान करने का माध्यम है। भाषा शब्द का प्रयोग व्यापक एवं संकुचित दोनों अर्थों में देखने को मिलता है। संकुचित अर्थ में भाषा से आशय मनुष्य की वाणी से लगाया जाता है। यहाँ पर वाणी से आशय उन ध्वनि संकेत समहों से है जिनका अध्ययन द्वारा विश्लेषण किया जा सके। व्यापक अर्थ में भाषा से आशय ऐसे साधन से है जिसकी सहायता से एक व्यक्ति दसरे व्यक्ति से अपने उदगार, विचार, भाव तथा इच्छा प्रकट कर सके।

    भाषा की परिभाषा

    "भाषा मनोवृत्तियों तथा उपयुक्त प्रत्युत्तरों की बातचीत है.

    "भाषा मुख से उच्चारित संकेतों की एक ऐसी व्यवस्था है, जिसके द्वारा एक सामाजिक समूह के सदस्य सहयोग तथा अन्तः क्रिया करते हैं।'

    "भाषा विचारों, भावनाओं और इच्छाओं को स्वेच्छा से निर्मित संकेतों की व्याख्या द्वारा संचालित करने की शुद्ध मानवीय एवं गैर मूल-प्रवृत्तीय विधि है। 

    मनुष्य और मनुष्य के बीच ववस्तुओं के विषय में अपनी इच्छा और मति का आदान-प्रदान करने के लिए ध्वनि संकेतों का जो व्यवहार होता है, उसे भाषा कहते हैं।

    भाषा की विशेषताएं 

    1. भाषा सामाजिक सम्पत्ति है, 2. भाषा परम्परागत वस्तु है, 3. भाषा अर्जित सम्पत्ति है, 4, भाषा परिवर्तनशील होती है, 5. भाषा का प्रवाह अविच्छिन्न एवं नैसर्गिक हैं, 6. भाषा अनुकरण से उपल्ब्ध की जाती है, 7. भाषा मानव जाति से पोषित होती है, 8. भाषा भाव-सम्प्रेषण का सर्वोत्तम माध्यम है, 9. भाष पैतृक सम्पत्ति नहीं अपितु सार्वजनिक सम्पत्ति है, 10. भाषा जटिलता से सरलता की ओर चलती है, 11. भाषा स्थूलता से सूक्ष्मता की ओर बढ़ती है, 12. भाषा का कोई अंतिम स्वरूप नहीं होती, 13. यह सश्लिष्टावस्था से विया ेगावस्था की ओर बढ़ती है, 14. भाषा भौगोलिक रूप से स्थानीकृत होती है, 15. प्रत्येक भाषा का स्वतंत्र ढांचा होता है, 16. भाषा स्तरीकरण एवं मानवीकरण से प्रभावित होती है, 17. भाषा सर्वव्यापक है।

    SHARE THIS

    Author:

    I am writing to express my concern over the Hindi Language. I have iven my views and thoughts about Hindi Language. Hindivyakran.com contains a large number of hindi litracy articles.

    0 comments: