Saturday, 4 December 2021

लद्दाख की प्रमुख झीलों की सूची - Ladakh ki Pramukh Jheel in Hindi

Ladakh ki Pramukh Jheel in Hindi: इस आर्टिकल में आपको लद्दाख की प्रमुख झीलों के नाम, तथा वे झीलों किस स्थान में स्थित है, की सूची उपलब्ध कराई जा रही है। List of Lakes in Ladakh इन हिंदी

लद्दाख की प्रमुख झीलों की सूची - Ladakh ki Pramukh Jheel in Hindi

लद्दाख की प्रमुख झीलों की सूची

झील / Lake

शहर / City

त्सो मोरीरी झील (Tso Moriri)

चांगथंग पठार (Changthang Plateau)

त्सो कार (Tso Kar)

रुपशू घाटी (Rupshu Plateau)

पांगोंग त्सो (Pangong Tso)

लेह जिला (Leh district)

क्यागर त्सो (Kyagar Tso)

रुपशू घाटी (Rupshu District)

त्सो मोरीरी झील (Tso Moriri)

त्सो मोरीरी झील लद्दाख और तिब्बत के बीच स्थित भारत की सबसे बड़ी ऊँचाई वाली झील है। इस झील की ऊँचाई 4,595 मीटर तथा गहराई लगभग 100 फीट है।  त्सो मोरीरी झील पंगोंग झील (Pangong Tso) की जुड़वां झील है, जो चांगथंग पठार के वन्यजीव अभयारण्य में स्थित है। त्सो मोरीरी झील उत्तर से दक्षिण की ओर  लगभग 28 किमी तक बहती है। 

त्सो कार (Tso Kar)

त्सो कार, लेह से 160 किमी दक्षिण में स्थित है खारे पानी की झील है। त्सो कर (Tso Kar) का अर्थ है सफेद झील। इसे सफ़ेद झील को इसलिए भी कहा जाता है क्योंकि इसके चारों ओर खारे पानी के वाष्पीकरण के कारण किनारों पर सफेद नमक की पपड़ी जम जाती है। त्सो कर बेसिन एक उच्च ऊंँचाई वाला आर्द्रभूमि क्षेत्र है। इसे भारत के 42वें रामसर स्थल के रूप में भी मान्यता प्राप्त है।

पांगोंग त्सो (Pangong Tso)

पैंगोंग त्सो या पैंगोंग झील 4,225 मीटर (13,862 फीट) की ऊंचाई पर स्थित पूर्वी लद्दाख और पश्चिमी तिब्बत में फैली एक खारे पानी की झील है। पैंगोंग झील की लंबाई का लगभग 50% तिब्बत चीन के भीतर है, 40% लद्दाख भारत में है और शेष विवादित है और भारत और चीन के बीच एक वास्तविक बफर जोन है। पैंगोंग त्सो नाम केवल सबसे पश्चिमी झील पर लागू होता है जो ज्यादातर लद्दाख में है। तिब्बती तरफ की मुख्य झील को त्सो नायक ("मध्य झील") कहा जाता है। इसके बाद दो छोटी झीलें हैं जिन्हें रम त्सो कहा जाता है। रुतोग के पास की आखिरी झील को फिर से नायक त्सो कहा जाता है।

क्यागर त्सो (Kyagar Tso)

क्यागर त्सो या क्यागर झील भारत के लद्दाख क्षेत्र में स्थित पहाड़ों से घिरी एक छोटी खारी झील है।

SHARE THIS

Author:

I am writing to express my concern over the Hindi Language. I have iven my views and thoughts about Hindi Language. Hindivyakran.com contains a large number of hindi litracy articles.

0 comments: