चिंतन व विचारधारा में अंतर लिखिए।

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चिंतन व विचारधारा में अंतर लिखिए। 

चिंतन व विचारधारा में अंतर


चिंतनविचारधारा
1राजनीतिक चिंतन उन सभी व्यक्तियों अथवा किसी समुदाय के विशिष्ट व्यक्तियों के सिद्धान्तों, मूल्यों और विश्वासों का सामान्य चिंतन होता है।विचारधारा अपने आप में उचित विश्वास व विशेष विचार पर आधारित होती है। 
2राजनीतिक चिंतन का कोई निश्चित रूप नहीं होता।इससे सम्पूर्ण सच्चाई का ज्ञान हो जाता है।
3यह समयबद्ध होता  समय और परिस्थितियों में परिवर्तन आने से इसमें भी परिवर्तन आ जाता है। यह कुछ पूर्व परिकल्पनाओं पर आधारित होती है। 
4राजनीतिक चिंतन किसी भी युग का सर्वव्यापी चिंतन होता है जबकि राजनीतिक सिद्धांत किसी व्यक्ति विशेष्ष का चिंतन होता है। यह मानव इतिहास के सिद्धांत, आचरण संहिता, मिशन की भावना व कार्य योग्यता का निर्माण करती है।
5राजनीतिक चिंतन अस्पष्ट तथा सामाजिक जीवन में घुला-मिला और अन्तर्निहित होता।विचारधारा में सामाजिक व्यवस्था की प्राप्ति के लिए कार्य योजना का निर्माण करती है।

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