Saturday, 22 January 2022

राजनीतिक सिद्धांत की परिभाषाओं के बारे में बताइए।

राजनीतिक सिद्धांत की परिभाषाओं के बारे में बताइए।

राजनीतिक सिद्धांत की परिभाषाएँ विद्वानों ने निम्न प्रकार से दी हैं

राजनीतिक सिद्धांत की परिभाषा

  1. मीहान के अनुसार - “सिद्धांत मूल रूप से एक विचारात्मक उपकरण है। इसके द्वारा राजनीतिक जीवन के तथ्यों को सुव्यवस्थित एवं क्रमबद्ध किया जाता है......इसके द्वारा पृथक् दिखाई देने वाली प्रेक्षणीय घटनाएँ एक-साथ सुव्यवस्थित ढंग से परस्पर सम्बद्ध कर दी जाती है।"
  2. पोल्सवी के अनुसार - वैज्ञानिक सिद्धांत सामान्यीकरणों के निगमनात्मक जाल के रूप में, जिससे ज्ञात घटनाओं के कुछ प्रकारों की व्याख्या या पूर्ण कथन सम्भव हो, है।"
  3. मॉसिस दुर्बजर के अनुसार - “यह अवलोकन, प्रयोग और तुलना के परिणामों को एकरस बनाता है तथा घटनाओं के समूह के अन्तर्गत समझी व पहचानी जाने वाली सामग्री को सम्बन्ध व समन्वित ढंग से अभिव्यक्त करता है।"
  4. नावुर्ड हैन्सन के अनुसार - “यह प्रेक्षित सामग्री के विषय में बुद्धिगम्य, व्यवस्थित अवधारणात्मक प्रतिमान होता है।"
  5. कोकर के अनुसार - "जब हम राजनीतिक शासन, उसके रूपों और क्रिया-कलापों का अध्ययन पूरे तत्वों के रूप में नहीं वरन लोगों की निरन्तर आवश्यकताओं, इच्छाओं और मतों को ध्यान में रखते हुए करते हैं तब हम उसे राजनीतिक सिद्धान्त कहते हैं।"
  6. ईजाक के अनुसार - "राजनीतिक सिद्धांत सामान्यीकरणों का समुच्चय होता है जिसमें हमारे द्वारा प्रत्यक्षः परिचित तथा परिचालनात्मक रूप से परिभाषित अवधारणायें होती हैं। उनके अलावा उसमें और भी अधिक महत्वपूर्ण सैद्धान्तिक अवधारणायें जो यद्यपि पर्यवेक्षण से प्रत्यक्षतः सम्बन्धित नहीं होतीं किन्तु इन अवधारणाओं से तार्किक रूप से जुड़ी हुई होती हैं, पायी जाती है।"

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