पंचपरमेश्वर कहानी की पात्रयोजना - Panch Parmeshwar Kahani ki Patra Yojana

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पंचपरमेश्वर कहानी की पात्रयोजना - Panch Parmeshwar Kahani ki Patra Yojana

पंचपरमेश्वर कहानी की पात्रयोजना - कहानी के तत्वों में पात्रों का महत्वपूर्ण स्थान होता है। कहानी की घटनाओं और परिस्थितियों का परिचालन करने वाले को पात्र कहते हैं। ‘पंचपरमेश्वर' कहानी में अलगू चौधरी तथा जुम्मन शेख को मुख्य पात्रों के रूप में चित्रित किया गया है। बूढ़ी मौसी, समझू साहू आदि गौण पात्र हैं। लेखक ने बड़ी स्वभाविकता के साथ इन पात्रों का चरित्र-चित्रण किया है। अलगू तथा जुम्मन परम मित्र थे। उनमें प्रेम, सेवा, त्याग और कर्तव्य जैसे गुण विद्यमान थे। अलगू के मन में मित्र के लिए प्रेम तथा जनता के प्रति सेवा भावना भी है। वहीं जुम्मन मित्र प्रेम और कर्तव्य के अंतर्द्वद में चित्रित गतिशील पात्र है। कहानी के अंत में लेखक ने जुम्मन शेख का हृदय परिवर्तन कराकर उसे एक सच्चे मित्र के रूप में चित्रित किया है। बूढ़ी मौसी, समझू साहू के चरित्र को लेखक ने बड़े कलात्मक ढंग से प्रस्तुत किया है।

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