कफन कहानी का नामकरण - Kafan Kahani ka Naamkaran

Admin
0

कफन कहानी का नामकरण

कफन कहानी का नामकरण - Kafan Kahani ka Naamkaran
कफन कहानी का नामकरण भी कथा के अनुसार ही किया गया है। प्रेमचन्द ने इसमें जीवन के नग्नतम यथार्थ का चित्रण किया है। घीसू और माधव जो कुछ करते हैं, वह यथार्थ न होते हुए भी आप उसे यथार्थ मानने पर मजबूर होते हैं। सम्पूर्ण कहानी की एक ही संवेग घटना है - कफ़न के पैसों का कफन न खरीद कर दो क्षुधित प्राणियों का खुलकर समाज के सम्मुख अपने यथार्थ रूप में आ जाना। कहानी की मूल संवेदना यह है कि आर्थिक व्यवस्था में सर्वहारा वर्ग का प्राणी कितना पतित हो सकता है। अतः कहानी का नामकरण पूर्णतः सफल है।


सम्बंधित प्रश्न

कफन कहानी कला की विशेषताएं

कफ़न कहानी के शीर्षक को स्पष्ट कीजिये।

कफन कहानी के पात्र परिचय

कफन कहानी का वातावरण

कफन कहानी की भाषा शैली

कफन कहानी की संवाद योजना पर प्रकाश डालिए

Post a Comment

0Comments
Post a Comment (0)

#buttons=(Accept !) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Learn More
Accept !