गुस्से से पागल होना मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग

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गुस्से से पागल होना मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग (Gusse se Pagal Hona muhavare ka Arth aur Vakya Prayog)

गुस्से से पागल होना मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग

गुस्से से पागल होना मुहावरे का अर्थ - अत्यंत क्रोधित होना, आपे से बाहर होना, क्रोधाभिभूत होना, अत्यधिक आवेश में आ जाना। 

Gusse se Pagal Hona Muhavare ka Arth - Atyant Krodhit Hona, Aape se Baher hona, Krodhabhibhut Hona, Atyadhik avesh me aa jana.

गुस्से से पागल होना मुहावरे का वाक्य प्रयोग

वाक्य प्रयोग: जैसे ही रमेश को पता चला कि राजू ने उसे धोखा दिया है, वह गुस्से से पागल हो गया। 

वाक्य प्रयोग: जो लोग हर छोटी बात पर गुस्से से पागल होने लगते हैं, वे स्वयं का नुकसान करते हैं। 

वाक्य प्रयोग: हमें अपने गुस्से पर नियंत्रण रखना चाहिए, गुस्से से पागल होना कोई अच्छी बात नहीं। 

वाक्य प्रयोग: जब उसने मुझे धक्का दिया तो मै गुस्से से पागल होकर उससे मारपीट करने लगा। 

यहाँ हमने "गुस्से से पागल होना मुहावरे का अर्थ" और उसका वाक्य प्रयोग समझाया है। गुस्से से पागल होना मुहावरे का अर्थ होता है अत्यंत क्रोधित होना, आपे से बाहर होना, क्रोधाभिभूत होना, अत्यधिक आवेश में आ जाना। यदि कोई व्यक्ति इतना अधिक गुस्सा करे कि वह अनियंत्रित हो जाये तो ऐसे व्यक्ति को गुस्से में पागल होना कहते हैं। इसीलिए हमें कभी भी इतना क्रोध नहीं करना चाहिए की हम स्वयं का नुकसान कर बैठें। 

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