Friday, 23 September 2022

आँखों पर चर्बी चढ़ना मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग

आँखों पर चर्बी चढ़ना मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग

आँखों पर चर्बी चढ़ना मुहावरे का अर्थ- अधिक घमण्ड होना; अहंकार से ध्यान तक न देना; अभिमान करना; अत्यधिक घमंड होना, आँखों पर पर्दा पड़ना। 

आँखों पर चर्बी चढ़ना मुहावरे का वाक्य प्रयोग

वाक्य प्रयोग- भारत की विशाल धन सम्पदा ने बहुत से आक्रान्ताओं को अपनी तरफ आकर्षित किया। महमूद गजनवी उन्हीं में से एक था। सोमनाथ मन्दिर पर आक्रमण के दौरान वहाँ की धन सम्पदा को लूटकर उसकी आँखों पर चर्बी छा गई।

वाक्य प्रयोग- जिसकी आँखों पर चर्बी चढ़ी हो और दिमाग तिजोरी में बंद हो, उस पर किसी का असर नहीं होता। 

वाक्य प्रयोग- कुर्सी मिलते ही नेता जी की आँखों में चर्बी चढ़ गयी। कल तक जो घर-घर हाथ जोड़कर वोट मांगते थे, आज जनता को मुंह भी नहीं लगाते। 

वाक्य प्रयोग- पैसे वाले हो गए हो, अब क्यों पहचानोगे, आँखों पर चर्बी चढ़ गई है ना।

वाक्य प्रयोग- तुच्छ व्यक्ति को को यदि बड़ा पद मिल जाए तो उसकी आँखों पर चर्बी छा ही जाती है।

वाक्य प्रयोग- रमेश आँखों में चर्बी छा गयी है तभी तो उसने अपने बचपन के मित्र अपमान किया। 

यहाँ हमने आँखों पर चर्बी चढ़ना जैसे प्रसिद्ध मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग समझाया है। आँखों पर चर्बी चढ़ना मुहावरे का अर्थ होता है- अधिक घमण्ड होना; अहंकार से ध्यान तक न देना; अभिमान करना; अत्यधिक घमंड होना, आँखों पर पर्दा पड़ना। जब किसी व्यक्ति की आँखों पर चर्बी चढ़ जाती है तो वह व्यक्ति घमंडी होकर दूसरों की उपेक्षा करने लगता है और पूर्ण स्वार्थी हो जाता है।


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