Friday, 27 May 2022

गरीब का शोषण पर निबंध - Garib Ka Shoshan par Nibandh

गरीब का शोषण पर निबंध

गरीब का शोषण पर निबंध : शोषण का अर्थ किसी के श्रम या व्यक्ति का अनुचित लाभ उठाना ओर उसे छति पहुचना है। गरीब का शोषण कर अमीर हमेशा तिजोरियां भरता आया है। अमीरो ने कभी गरीबों की मदद नही की? मदद करते तो गरीबी पैदा ही नही होती।

जब धन लोगों के शोषण द्वारा अर्जित किया जाता है तब धनी व्यक्ति लोगों के कार्यों द्वारा उनका शोषण करता है और इसके कारण गरीब गुलाम बन जाता। आज भी यही स्थिति देखी जा सकती है जब गरीब लोग धनियों द्वारा मूर्ख बनाये जाते और उनकी मजबूरी का गलत फायदा उठाकर धनी अधिक समृद्ध बनता है। 

गरीब का शोषण पर निबंध - Garib Ka Shoshan par Nibandh

बाजारों में गरीबों का शोषण इसलिए किया जाता है, क्योंकि गरीबों की एक निश्चित आय होती है, उन्हें अपनी उसी निश्चित आय में अपना जीवन चला ना होता है वह केवल अपनी जरूरत की चीजें ही बड़ी मुश्किल से खरीद पाते हैं। ऐसे में उन्हें उनके सीमित पैसों में उनकी जरूरत की वस्तुओं सही दाम पर मिल जाए यही उनके लिये सबसे राहत की बात है, लेकिन बाजारवाद के चलते ऐसा नहीं हो पाता।  

बाजारों में निम्न गुणवत्ता की चीजें बड़ी-बड़ी बातें करके और आकर्षक पैकिंग में ऊंचे दामों पर बेची जाती हैं। या जो अच्छी गुणवत्ता की वस्तुयें होती है, वो ऊँचे दामों पर ही मिलती है।  इस तरह गरीब अपनी जरूरत की हर चीज आसानी से नही खरीद पाते औप अपनी जरूरत की चीजों जुटाने में भी वंचित रह जाते हैं। अमीर लोग बाजार में किसी भी दाम की वस्तु को खरीद लेते हैं, चाहे उन्हें इसकी जरूरत ही क्यों न हो। उन्हें अपनी जरूरत की वस्तु खरीदने परेशानी नहीं होती जबकि गरीब को होती है, यही गरीब पर शोषण का कारण है। इस तरह बाजारों में गरीबों का शोषण होता है।

भारतीय मजदूर दो वक़्त की रोटी और अपने परिवार का पालन पोषण करने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं. देखा जाये तो अन्य लोगों के तुलना में सबसे ज्यादा काम मजदुर ही करते हैं लेकिन फिर भी बदले में उन्हें बहुत कम पैसे मिलते हैं। ये उनके साथ एक तरह का शोषण ही तो है जो उद्द्योगपति उनके साथ करते हैं।

मजदूर को जिस दिन काम नहीं मिलता उस दिन उसे पेट भर खाना नसीब नहीं होता। उनकी इस बेबसी का फायदा बहुत से ठेकेदार उठाते हैं। हर रोज़ मजदूरी की लिए भटकने की बजाय मजबूरी में ठेकेदारों के यहां नियमित काम मिलने के लालच में कम मजदूरी पर उनको काम करते अक्सर देखा जा सकता हैं। सरकार ने न्यूनतम मज़दूरी का क़ानून तो बना दिया है। परन्तु इसका लाभ असंघठित क्षेत्र के मज़दूरों को नहीं मिल पा रहा।ऐसे मे जब तक देश के लोग पूजा पाठ के साथ मानवता को नहीं अपनाते, बेबस मज़दूरों और गरीबों का शोषण होता रहेगा।


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