Tuesday, 1 February 2022

लासवेल की अवधारणात्मक संरचना सम्बन्धी विचारों का उल्लेख कीजिए।

लासवेल की अवधारणात्मक संरचना सम्बन्धी विचारों का उल्लेख कीजिए।

लासवेल की अवधारणात्मक संरचना सम्बन्धी विचार

लासवेल ने बदलती हुई घटनाओं तथा अलग-अलग विचारों के सम्पर्क में आने के कारण अपनी संकल्पनाओं को भी उन्हीं सन्दर्भो में बदल दिया है। जीवन के प्रारम्भिक क्षणों में वह मार्क्सवाद के निकट आया, किन्तु कुछ समय उपरान्त इस पर फ्रायड का प्रभाव स्पष्ट दिखाई देता है। सन् 1936 ई० में विकसित की गई उसकी दूसरी संकल्पना संरचना, शाक्ति तथा राजनीतिक की अवधारणाओं के समीप दिखाई देती है।

सन् 1941 ई० में रचित 'Democracy Through Public Opinion' पर स्मिथ, मेरियम तथा राईस का प्रभाव दिखाई देता है और उसे हम लोकतान्त्रिक, रूढ़िवादिता की तरफ लौटते देखते हैं। इन बदलती हुई संकल्पनाओं की धुरी व्यवहारवादी उपागम है। परिवर्तन में हम अव्यवस्था का अनुभव नहीं करते वरन् उनके पीछे हमें एक सुनियोजित योजना का आभास मिलता है। लासवेल को राजनीतिक दर्शन में जो इस प्रकार की विसंगतियाँ दिखाई देती हैं, उसका कारण यह है कि वह राजनीतिक विज्ञान को विज्ञान बनाने तथा दूसरी तरफ राजनीति विज्ञान के माध्यम से एक विशेष प्रकार के राजनीतिक दर्शन का प्रसार करना चाहता है।

अवधारणाओं को संक्षेप में निम्न प्रकार व्यक्त किया जा सकता है

  1. लासवेल ने राजनीतिशास्त्र को नीति सम्बन्धी शास्त्र बनाने पर बल दिया है। 
  2. उसने औचित्यपूर्णता को प्रभाव व शक्ति के सन्दर्भ में महत्त्वपूर्ण माना है।
  3. अपनी मूल्य-स्थितियों को बदलने वाले कार्यकर्ताओं के स्थान और समय को महत्त्वपूर्ण माना है।
  4. ये भौतिक साधनों एवं सामग्री से सम्बन्धित हैं।
  5. लासवेल ने सत्ता के महत्त्व को भी स्वीकार किया है।
  6. वे सभी अवधारणाएँ जिनका सम्बन्ध हिंसा तथा उनके नियन्त्रण की समस्या के साथ है।
  7. प्रतीकों के द्वारा मूल्य सापेक्ष प्रतिमानों, विचारों अथवा शब्दों को व्यक्त किया जाता है।
  8. इनको ले जाने वाले कुछ संचार-मार्ग होते हैं जिनकी रचना में कुशलता आदि का अत्यधिक महत्त्व होता है।
  9. जनसाधारण को शिक्षित करने वाले सभी तरीके प्रथा का रूप धारण कर लेते हैं, जिनमें शासन की स्थाई संरचनाएँ, संविधान की प्राविधियाँ तथा परम्पराएँ आदि शामिल हैं।
  10. लासवेल के विश्लेषण की मूलभूत इकाई व्यक्ति है। व्यक्तियों की अन्तःक्रियाओं से राजनीतिक प्रक्रिया और अन्तःसम्बन्ध निश्चित होते हैं।
  11. लासवेल ने शक्ति तथा अभिजन वर्ग में सम्बन्ध बताते हुए कहा है कि जो व्यक्ति शक्ति प्राप्त कर लेते हैं वे अभिजन कहलाते हैं तथा शेष लोकजन।
  12. लासवेल ने उन राजनीतिक प्रक्रियाओं के लिए पृथक् अवधारणाओं की रचना की है जो प्रभाव एवं शक्ति को अन्य मूल्यों में परिवर्तन करने अथवा उनके सिद्धांत के निर्माण में अपना योगदान देती हैं। 

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