Thursday, 25 April 2019

डॉन ब्रैडमैन की जीवनी, क्रिकेट करियर, पुरस्कार और उपलब्धियां

डॉन ब्रैडमैन की जीवनी, क्रिकेट करियर, पुरस्कार और उपलब्धियां

नाम : डोनॉल्‍ड ब्रेडमैन
जन्‍म : 27 अगस्‍त 1908

पत्नी-: जेसी मार्था मेन्ज़ीस
पिता: जॉर्ज ब्रैडमैन
माता : एमिली ब्रैडमैन
राष्ट्रीयता: ऑस्ट्रेलियाई
मृत्‍यु : 25 फ़रवरी 2001

सर डोनाल्ड जॉर्ज ब्रेडमैन का जन्‍म 27 अगस्‍त, 1908 को न्‍य साउथ वेल्‍स में एक बढ़ई किसाान की सबसे छोटी संतान के रूप में हुआ था। जिन्हें द डॉन के नाम से भी जाना जाता है। वह विश्व के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज माने जाते हैं। उनका परिवार मितगोंग में रहता था, लेकिन उनकी मां के गिरते स्‍वास्‍थ्‍य के कारण 1911 में बोरवाल चला गया। उन्‍होंने क्रिकेट अपने मामाओं जार्ज और रिचर्ड व्‍हाटमैन से सीखा। उनकी मां घर के पिछवाड़े उनके लिये बायें हाथ से गेंदबाजी करती थीं। एक किशोर के रूप में ब्रैडमैन शानिवार की दोपहर में गांव में होने वाले क्रिकेट मौचों में खेलते। जल्‍दी ही उन्‍होंने बड़े-बड़े स्‍कोर खड़े करना शुरू कर दिए। 

डॉन ब्रैडमैन की जीवनी, क्रिकेट करियर, पुरस्कार और उपलब्धियां
करियर : 1926 में न्‍यू साउ‍थ वेल्‍स क्रिकेट संघ ने, जो एक गेंदबाज की तलाश कर रहा था, ब्रेडमैन से ट्रायल मैच में खेलने के लिये कहा। वह चयनकर्ताओं को आकर्षित नहीं कर पाये। उन्‍होंने सिडनी में सेंट जार्ज क्‍लब के लिये खेला। बाद में उन्‍होंने उत्तरी सिडनी और 1935 में दक्षिणी आस्‍ट्रेलिया के एडिलेड में जाने के बाद केनसिंगटन क्‍लब के लिये खेला। कुछ प्रभावकारी स्‍कोरों के बाद उन्‍होंने 1927 में दक्षिणी आस्‍ट्रेलिया के विरुद्ध न्‍यू साउथ वेल्‍स की ओर से कुछ शुरूआती प्रथम श्रेणी मैच खेले और एक शतक बनाया। 1928-29 के सत्र की शुरूआत में उन्‍होंने बड़े स्‍कोरों की एक श्रृंखला बनाई। उनका चयन पेरी चेपमैन की इंग्‍लिश साइड के विरुद्ध आस्‍ट्रेलिया के लिये खेलने के लिये कर लिया गया। पहले टेस्‍ट मैच में उन्‍होंने बहुत खराब प्रदर्शन किया। इसलिये उन्‍हें दूसरे मैच में 12 वे खिलाड़ी के रूप में शामिल किया गया। बचे हुए मैचों में आस्‍ट्रेलिया की टीम में अपना स्‍थान स्‍थ‍ापित करने के लिये दो शतक जड़ दिये।


ब्रेडमैन के खेल में शैली की कमी होने के कारण उनकी बहुत आलोचना हुई। उनकी आदत थी कि वह क्रॉस बैट शॉट खेलते थे और समस्‍या यह थी कि उन्‍हें तुलनात्‍मक रूप से सॉफ्ट इंग्लिश विकेट पर मुकाबला करना था। ब्रेडमैन ने लगातार बड़े स्‍कोर खड़े करके अपने आलोचकों को जवाब दे दिया। अपन पूरे करियर के दौरान वह बहुत तेज और बड़ा स्‍कोर खड़ा करने वाले खिलाड़ी थे। 1930 में इंग्‍लैंड के उनके शुरूआती दौरे में उन्‍होंने खुद को एक अंतर्राष्‍ट्रीय स्‍तर के खिलाड़ी के रूप में स्‍थापित कर लिया। उन्‍होंने इस दौरे में 98.66 के औसत से कुल 2,960 रन बनाये। टेस्‍ट मैचों में 139.14 के औसत से 974 रन बनाये, जिसमें 131, 254, 334 और 452 के स्‍कोर शामिल थे। 1930 में अपने इंग्‍लैंड दौरों में उन्‍होंने 1,000 रन बनाये। यह प्रतिष्‍ठता प्राप्‍त करने वाले वह इकलौते खिलाड़ी बन गये। 1938-1939 के सत्र में उन्‍होंने लगातार छह शतक लगाकर सी.बी. फ्राय के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली।

केवल बॉडीलाइन बॉउलिंग, जहांपर बॉल शार्ट पिच होती है और सामान्‍य निशान सिर की दिशा में होता है, जिसका प्रयोग इंग्‍लिश साइड से डगलस जॉर्डिन द्वारा किया जा रहा था, ही ब्रेडमैन पर अंकुश लगा पायी। उनका औसत 56.57 रहा, जो आज भी अधिकतर बल्‍लेबाजों की ईर्ष्‍या का कारण हो सकता है। इस कारण बॉडीलाइन बॉउलिंग से गहरे मतभेद उत्‍पन्‍न हुए।

प्रथम श्रेणी क्रिकेटमें ब्रेडमैन का औसत 95.14 था और टेस्‍ट मैचों में 99.94 था, सौ के औसत से केवल 4 रन कम। उन्‍होंने प्रथम श्रेणी के क्रिकेट में 117 शतक बनाये (29 टेस्‍ट मैचों में) जबकि उन्‍होंने बल्‍लेबाजी की हर तीसरी मैच में शतक लगाया। उनके शतकों में 31 दोहरे शतक थे (10 टेस्‍ट मैचों में), पांच तिहरे (2 टेस्‍ट मैचों में) और एक चतुर्गण शतक, उनके प्रसिद्ध 452 रन 1930 में क्‍वींसलैंड के विरुद्ध बने। 1936 में इंग्‍लैंड दौरे के लिये ब्रेडमैन सर्वाधिक सफल कप्‍तान रहे। जिन 24 टेस्‍ट मैचों में उन्‍होंने आस्‍ट्रेलिया की कप्‍तानी की, उनमें से आस्‍ट्रेलिया ने 15 जीते, तीन हारे और 6 ड्रॉ रहे। 1948 में जिस टीम ने इंग्‍लैंड का दौरा किया, उसने एक भी मैच नहीं हारा था।

क्रिकेट से संन्‍यास लेने के बाद जनवरी, 1949 को उन्‍हें नाइट की उपाधि मिली। उन्‍होंने एक चयनकर्ता और एक प्रशासक के रूप में क्रिकेट से अपना संपर्क बनाये रखा। वह दो बार आस्‍ट्रेलियन क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन रहे। उनका सबसे महत्‍वपूर्ण निर्णय था 1971-71 में साउथ अफ्रीका का दौरा रद करना, उस कड़वाहट और हिंसा से बचने के लिये, जो दक्षिण अफ्रीका की रंगभेद नीति वाली राजनीति के विरोध से संबंधित थी। 1965 से 1973 तक ब्रेडमैन दक्षिण आस्‍ट्रेलियन क्रिकेट एसोसिएशन के अध्‍यक्ष रहे। क्रिकेट छोड़ने के बाद वित्त उद्योग एक सफल करियर रहा।

पुरस्कार और उपलब्धियां
  • ब्रैडमैन ने 52 टेस्ट मैचों (80 इनिंग्स) में 99.94 की औसत से 6996 रन बनाए। उन्होंने 29 टेस्ट शतक बनाए, जो उस समय एक विश्व रिकॉर्ड था।
  • ब्रैडमैन का एक श्रृंखला में 974 रनों का रिकॉर्ड टेस्ट इतिहास में किसी भी खिलाड़ी द्वारा सर्वाधिक है और यह आज भी कायम है।
  • क्रिकेट के प्रति उनकी सेवाओं के लिए उन्हें 1949 में नाइट बैचलर से सम्मानित किया गया। वह यह पुरस्कार पाने वाले एकमात्र ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर थे।
  • ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने उन्हें 1979 में कम्पैनियन ऑफ़ द ऑर्डर ऑफ़ ऑस्ट्रेलिया (AC), से सम्मानित किया।
  • 2000 में उन्हें विजडन क्रिकेट अल्मनैक द्वारा 20 वीं शताब्दी का सबसे बड़ा क्रिकेटर चुना गया, उन्होंने 100 मीटर के अंतर से सर्वसम्मति से फैसला किया।

1980 और 1990 के दशक में ब्रेडमैन के जीवन पर प्रकाशित होने वाली सामग्रियों की बाढ़ आ गई। 1988 में उन्‍होंने अपनी किताब द ब्रेडमैन एलबम्‍स जारी की। उनकी दो जीवनियां चार्ल्‍स विलियम की ब्रेडमैन : एन आस्‍ट्रेलियन हीरो और रोनाल्‍ड पेरी द डॉन प्रकाशित हुई।

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