खून का घूँट पीकर रह जाना का अर्थ और वाक्य प्रयोग

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खून का घूँट पीकर रह जाना का अर्थ और वाक्य प्रयोग

खून (लहू) का घूँट पीकर रह जाना एक प्रसिद्ध लोकोक्ति अथवा हिन्दी मुहावरा है जिसका अर्थ होता है गुस्सा सहन कर लेना; अपमान सहना; क्रोध प्रकट या दु:ख लक्षित न होने देना।

खून का घूँट पीकर रह जाना का वाक्य प्रयोग

वाक्य प्रयोग– मालिक की गालियाँ सुनकर नौकर खून का घूँट पीकर रह गया। 

वाक्य प्रयोग– बालकृष्णन से अपने बारे में अनर्गल सुनकर बेला बनर्जी खून के घूँट पीकर रह गई।

वाक्य प्रयोग– ससुराल में अपने मायके का अपमान होने पर भी सविता खून का घूँट पीकर रह गई। 

वाक्य प्रयोग– शिशुपाल की गालियाँ सुनकर श्रीकृष्ण खून का घूँट पीकर रह गए। 

वाक्य प्रयोग– अकेला लड़का होने के कारण योगिता अपनी बहू की कड़वी बातों को सहते हुए खून का घूँट पीकर रह जाती है।

वाक्य प्रयोग– ऑफिस में बॉस की फटकार सुनकर रवीश खून का घूँट पीकर रह गया। 

वाक्य प्रयोग– जब दरोगा ने चोरी का झूठा आरोप में मुझे फंसाकर  जेल में बंद करने की धमकी दी तो मैं खून का घूँट पीकर रह गया।

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